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Sirsa News: डबवाली नगर परिषद हाउस की बैठक हंगामे के बीच स्थगित
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:41 PM IST
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डबवाली।नगर परिषद की हाउस बैठक करते हुए चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा। संवाद
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- कोरम पूरा न होने से अगले सप्ताह फिर होगी बैठक
फोटो- 11
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नगर परिषद की हाउस बैठक बुधवार सुबह चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही माहौल गर्मा गया। सेक्शन 35 की शक्तियों को लेकर पार्षदों की आपस में जमकर बहस हुई। इस कारण बैठक को बीच में ही कोरम पूरा न होने का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, अगले सप्ताह दोबारा हाउस की बैठक बुलाई गई है। बैठक के दौरान कई पार्षदों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। पार्षद दीपक बाबा, सुमित अनेजा, भारत भूषण, अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि हाउस की बैठक में पारित किए जाने वाले प्रस्तावों की विधिवत पुष्टि नहीं की जाती है। इतना ही नहीं, सेक्शन-35 के विशेषाधिकारी के तहत करवाए जा रहे कार्यों की जानकारी भी समय पर हाउस के सामने नहीं रखी जाती। पार्षदों को पता होना चाहिए कि विशेषाधिकार का प्रयोग किन विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है।
कार्यकारी अधिकारी ने कहा-सेक्शन 35 में हाउस की मंजूरी अनिवार्य नहीं होती
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने पार्षदों को समझाते हुए कहा कि चेयरमैन काे शक्ति मिली हुई है कि वे सेक्शन-35 के तहत कुछ कार्य करवा सकते हैं। उसके लिए अलग से हाउस की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि इन कार्यों का विवरण बैठक के दौरान प्रस्तुत किया जाता है। इसलिए हर बार इस विषय को लेकर हंगामा करना उचित नहीं है।
कोरम पूरा नहीं होने पर स्थगित करनी पड़ी है बैठक
कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि बुधवार की बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण एजेंडे शामिल थे लेकिन कोरम पूरा न होने और हंगामे की स्थिति पैदा होने पर बैठक स्थगित कर दी गई। जल्द ही दोबारा बैठक बुलाई जाएगी।
साइन बोर्ड के मुद्दे पर हो रहा है विवाद
पिछले कई दिनों से शहर में साइन बोर्ड लगाने के मामले को लेकर भी विवाद बना हुआ था। इस संबंध में सरकार की ओर से नामित पार्षद विकास शर्मा ने उक्त प्रस्ताव को रद्द करने की सिफारिश की थी जिससे यह मुद्दा पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ था। इसी पृष्ठभूमि में हुई इस बैठक के दौरान भी माहौल पहले से तनावपूर्ण बना हुआ था। उक्त मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्षदों की मांग पर साइन बोर्ड लगाने का सिर्फ प्रस्ताव डाला गया था न कि टेंडर लगाया गया था। अब नगर परिषद की अगली हाउस बैठक आगामी सप्ताह में आयोजित की जाएगी। उसमें शहर के लंबित विकास कार्यों और अन्य प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नगर परिषद की हाउस बैठक बुधवार सुबह चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही माहौल गर्मा गया। सेक्शन 35 की शक्तियों को लेकर पार्षदों की आपस में जमकर बहस हुई। इस कारण बैठक को बीच में ही कोरम पूरा न होने का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, अगले सप्ताह दोबारा हाउस की बैठक बुलाई गई है। बैठक के दौरान कई पार्षदों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। पार्षद दीपक बाबा, सुमित अनेजा, भारत भूषण, अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि हाउस की बैठक में पारित किए जाने वाले प्रस्तावों की विधिवत पुष्टि नहीं की जाती है। इतना ही नहीं, सेक्शन-35 के विशेषाधिकारी के तहत करवाए जा रहे कार्यों की जानकारी भी समय पर हाउस के सामने नहीं रखी जाती। पार्षदों को पता होना चाहिए कि विशेषाधिकार का प्रयोग किन विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है।
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कार्यकारी अधिकारी ने कहा-सेक्शन 35 में हाउस की मंजूरी अनिवार्य नहीं होती
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने पार्षदों को समझाते हुए कहा कि चेयरमैन काे शक्ति मिली हुई है कि वे सेक्शन-35 के तहत कुछ कार्य करवा सकते हैं। उसके लिए अलग से हाउस की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि इन कार्यों का विवरण बैठक के दौरान प्रस्तुत किया जाता है। इसलिए हर बार इस विषय को लेकर हंगामा करना उचित नहीं है।
कोरम पूरा नहीं होने पर स्थगित करनी पड़ी है बैठक
कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि बुधवार की बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण एजेंडे शामिल थे लेकिन कोरम पूरा न होने और हंगामे की स्थिति पैदा होने पर बैठक स्थगित कर दी गई। जल्द ही दोबारा बैठक बुलाई जाएगी।
साइन बोर्ड के मुद्दे पर हो रहा है विवाद
पिछले कई दिनों से शहर में साइन बोर्ड लगाने के मामले को लेकर भी विवाद बना हुआ था। इस संबंध में सरकार की ओर से नामित पार्षद विकास शर्मा ने उक्त प्रस्ताव को रद्द करने की सिफारिश की थी जिससे यह मुद्दा पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ था। इसी पृष्ठभूमि में हुई इस बैठक के दौरान भी माहौल पहले से तनावपूर्ण बना हुआ था। उक्त मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्षदों की मांग पर साइन बोर्ड लगाने का सिर्फ प्रस्ताव डाला गया था न कि टेंडर लगाया गया था। अब नगर परिषद की अगली हाउस बैठक आगामी सप्ताह में आयोजित की जाएगी। उसमें शहर के लंबित विकास कार्यों और अन्य प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।