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Sirsa News: 10 करोड़ की लागत से घग्गर के कमजोर तटबंध होंगे मजबूत
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:01 AM IST
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घग्गर की फोटो। संवाद
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अप्रैल में शुरू होगा काम, गांवों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर 13 पॉइंटों का किया गया था चयन
- 10 पॉइंटों को मजबूत करने की मिली अनुमति
- आधुनिक तकनीक व मजबूत पत्थरों के साथ मजबूत किए जाएंगे तटबंध
- शॉर्ट टर्म टेंडर लगाकर अप्रैल माह के पहले सप्ताह में होगा काम शुरू
- घग्गर में मानसून के दिनों में बढ़ जाता है तटबंध टूटने का खतरा
-- रोड़ी से लेकर ओटू हेड तक चयनित किए गए प्वाइंट
फोटो--
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में मानसून के दौरान बाढ़ और तटबंध टूटने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कमजोर तटबंधों को मजबूत करने की योजना को हरी झंडी दे दी है। गांवों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कुल 13 पॉइंटों का चयन किया गया था जिनमें से 10 पॉइंटों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने की अनुमति मिली है। इस योजना की कुल लागत 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रशासनिक अनुमति मिलने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मानसून के कम समय को देखते हुए शॉर्ट टर्म टेंडर लगाया जागएा ताकि जल्द काम शुरू करवाया जा सके। विभाग का प्रयास है कि एजेंसी का चयन कर काम अप्रैल माह के पहले सप्ताह में शुरू करा दिया जाए। इतना ही नहीं, अधिकारियों ने दावा किया कि कमजोर तटबंधों को आधुनिक तकनीक और मजबूत पत्थरों के साथ सुदृढ़ किया जाएगा ताकि नदी के जलस्तर बढ़ने पर भी तटबंध सुरक्षित रहे।
घग्गर हरियाणा में रोड़ी क्षेत्र से प्रवेश करती है। इसके बाद यह कई गांवों से होते हुए ओटू हेड होते हुए आगे राजस्थान की ओर जाती है। घग्गर नदी के सिरसा क्षेत्र के रोड़ी से लेकर ओटू हेड तक घग्गर नदी के उफान पर होने से बाढ़ का खतरा बना रहता है। इसी खतरे को कम करने के लिए सिंचाई विभाग की घग्गर ब्रांच की ओर से विशेष प्रोजेक्ट बनाया गया है।
प्रोजेक्ट के लिए घग्गर के दोनों ओर बसे गांवों से विशेष रूप रिपोर्ट ली गई। सरपंचों से रायशुमारी के साथ-साथ विभाग ने उन पॉइंटों भौतिक सत्यापन किया जहां पर तटबंध कमजोर है। उसके उपरांत इस तरह के 13 पॉइंटों का चयन किया गया था। मुख्यालय स्तर पर 10 अति महत्वपूर्ण पॉइंटों को फाइनल किया गया है। उसी आधार आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने पिछले 20 से 30 सालों के आकलन के अनुसार ही इन पॉइंटों का निर्धारण किया है। इसे मानसून के समय में तटबंध टूटने की स्थिति पैदा न हो। इससे गांवों व शहरी क्षेत्र को नुकसान न हो।
जिक जैक स्टाइल के बड़े पत्थर लगाए जाएंगे
अधिकारियों ने बताया कि जहां तटबंध कमजोर है वहां पर बड़े पत्थरों के हिसाब से मजबूत दीवारनुमा सिस्टम तैयार किया जाएगा। यह तकनीक इतनी कारगर है कि पानी का तेज बहाव भी कटान पैदा नहीं कर सकता है। इसलिए 10 पॉइंटों को इसी तकनीक से मजबूत किया जाएगा।
ये हैं महत्वपूर्ण पॉइंट
लहंगेवाला
मत्तड
रंगा
फरवाई
पनिहारी
नेजाडेला
मीरपुर व अहमदपुर के पास।
कोट्स
रोड़ी से लेकर ओटू हेड तक सर्वे किया गया था। ग्रामीणों और सरपंच से रायशुमारी व मौका निरीक्षण के उपरांत 13 पॉइंटों का चयन किया गया था। इनमें से 10 पॉइंटों की स्वीकृति मिली है। इसको लेकर 10 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया है।
-संदीप शर्मा, एक्सईएन, घग्गर डिविजन
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- 10 पॉइंटों को मजबूत करने की मिली अनुमति
- आधुनिक तकनीक व मजबूत पत्थरों के साथ मजबूत किए जाएंगे तटबंध
- शॉर्ट टर्म टेंडर लगाकर अप्रैल माह के पहले सप्ताह में होगा काम शुरू
- घग्गर में मानसून के दिनों में बढ़ जाता है तटबंध टूटने का खतरा
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में मानसून के दौरान बाढ़ और तटबंध टूटने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कमजोर तटबंधों को मजबूत करने की योजना को हरी झंडी दे दी है। गांवों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कुल 13 पॉइंटों का चयन किया गया था जिनमें से 10 पॉइंटों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने की अनुमति मिली है। इस योजना की कुल लागत 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रशासनिक अनुमति मिलने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मानसून के कम समय को देखते हुए शॉर्ट टर्म टेंडर लगाया जागएा ताकि जल्द काम शुरू करवाया जा सके। विभाग का प्रयास है कि एजेंसी का चयन कर काम अप्रैल माह के पहले सप्ताह में शुरू करा दिया जाए। इतना ही नहीं, अधिकारियों ने दावा किया कि कमजोर तटबंधों को आधुनिक तकनीक और मजबूत पत्थरों के साथ सुदृढ़ किया जाएगा ताकि नदी के जलस्तर बढ़ने पर भी तटबंध सुरक्षित रहे।
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घग्गर हरियाणा में रोड़ी क्षेत्र से प्रवेश करती है। इसके बाद यह कई गांवों से होते हुए ओटू हेड होते हुए आगे राजस्थान की ओर जाती है। घग्गर नदी के सिरसा क्षेत्र के रोड़ी से लेकर ओटू हेड तक घग्गर नदी के उफान पर होने से बाढ़ का खतरा बना रहता है। इसी खतरे को कम करने के लिए सिंचाई विभाग की घग्गर ब्रांच की ओर से विशेष प्रोजेक्ट बनाया गया है।
प्रोजेक्ट के लिए घग्गर के दोनों ओर बसे गांवों से विशेष रूप रिपोर्ट ली गई। सरपंचों से रायशुमारी के साथ-साथ विभाग ने उन पॉइंटों भौतिक सत्यापन किया जहां पर तटबंध कमजोर है। उसके उपरांत इस तरह के 13 पॉइंटों का चयन किया गया था। मुख्यालय स्तर पर 10 अति महत्वपूर्ण पॉइंटों को फाइनल किया गया है। उसी आधार आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने पिछले 20 से 30 सालों के आकलन के अनुसार ही इन पॉइंटों का निर्धारण किया है। इसे मानसून के समय में तटबंध टूटने की स्थिति पैदा न हो। इससे गांवों व शहरी क्षेत्र को नुकसान न हो।
जिक जैक स्टाइल के बड़े पत्थर लगाए जाएंगे
अधिकारियों ने बताया कि जहां तटबंध कमजोर है वहां पर बड़े पत्थरों के हिसाब से मजबूत दीवारनुमा सिस्टम तैयार किया जाएगा। यह तकनीक इतनी कारगर है कि पानी का तेज बहाव भी कटान पैदा नहीं कर सकता है। इसलिए 10 पॉइंटों को इसी तकनीक से मजबूत किया जाएगा।
ये हैं महत्वपूर्ण पॉइंट
लहंगेवाला
मत्तड
रंगा
फरवाई
पनिहारी
नेजाडेला
मीरपुर व अहमदपुर के पास।
कोट्स
रोड़ी से लेकर ओटू हेड तक सर्वे किया गया था। ग्रामीणों और सरपंच से रायशुमारी व मौका निरीक्षण के उपरांत 13 पॉइंटों का चयन किया गया था। इनमें से 10 पॉइंटों की स्वीकृति मिली है। इसको लेकर 10 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया है।
-संदीप शर्मा, एक्सईएन, घग्गर डिविजन