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Sirsa News: 2.29 लाख के गबन मामले में आरोपी क्लर्क का पति भी शामिल, जमानत के लिए हाईकोर्ट में लगाई याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:25 AM IST
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- 8 अप्रैल को होगी सुनवाई , जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया-आरोपी का रिकॉर्ड साफ नहीं, पहले भी एक मामला दर्ज है
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बेटिकट यात्रियों से जुर्माने के तौर पर वसूले गए 2.29 लाख रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तार टिकट बुकिंग क्लर्क ज्योति शर्मा ने नियमित जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर 8 अप्रैल को सुनवाई होगी। जांच में पता चला है कि इस मामले में क्लर्क का पति आनंद भाटी भी शामिल रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इससे पहले सिरसा के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 4 फरवरी को ज्योति की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
जांच अधिकारी नरेश कुमारी ने अदालत को बताया कि ज्योति शर्मा के खिलाफ यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की ओर से चार शिकायतें दी गई हैं। उसका रिकॉर्ड भी साफ नहीं है क्योंकि उसके खिलाफ पहले भी एक मामला दर्ज है। ज्योति शर्मा को रेलवे में टीटी के पद पर कार्यरत उसके पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर क्लर्क के पद पर नियुक्त किया था। इस मामले में मुख्य टिकट बुकिंग अधिकारी राजीव शर्मा की शिकायत के मुताबिक 18 और 19 अक्तूबर 2025 को जमा होने वाली राशि में एक लाख 15 हजार 265 रुपये कम थे। इसके बाद 21 और 22 अक्तूबर की नकदी एक लाख 13 हजार 960 रुपये रेलवे स्टेशन पर अलमारी में रखे थे। अलमारी की दोनों चाबियां अधिकारी के पास होने के बावजूद कैश गायब मिला। उस समय ज्योति शर्मा मौके पर मौजूद नहीं थी। प्रथम दृष्टया इस मामले में दोषी पाए जाने पर ज्योति को 22 अक्तूबर 2025 को निलंबित कर दिया था।
एसआईटी ने हनुमानगढ़ से किया था गिरफ्तार
अंबाला जीआरपी एसपी निकिता गहलोत ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। टीम में डीएसपी हिसार रेंज कृष्ण कुमार, सिरसा जीआरपी प्रभारी रणबीर सिंह और चरखी दादरी जीआरपी प्रभारी नरेश कुमारी को शामिल किया गया। एसआईटी ने 6 जनवरी को ज्योति शर्मा को हनुमानगढ़ से गिरफ्तार किया था।
गबन राशि से खरीदे जेवरात
पूछताछ में ज्योति ने खुलासा किया कि उसने अलमारी की डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर कैश निकाला था। यह चाबी उसने एक फेरी वाले से बनवाई थी। वह पहले से कैश जमा होने की प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थी। पूछताछ में सामने आया कि उसने गबन की राशि से गहने खरीदे थे।
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सिरसा। बेटिकट यात्रियों से जुर्माने के तौर पर वसूले गए 2.29 लाख रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तार टिकट बुकिंग क्लर्क ज्योति शर्मा ने नियमित जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर 8 अप्रैल को सुनवाई होगी। जांच में पता चला है कि इस मामले में क्लर्क का पति आनंद भाटी भी शामिल रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इससे पहले सिरसा के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 4 फरवरी को ज्योति की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
जांच अधिकारी नरेश कुमारी ने अदालत को बताया कि ज्योति शर्मा के खिलाफ यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की ओर से चार शिकायतें दी गई हैं। उसका रिकॉर्ड भी साफ नहीं है क्योंकि उसके खिलाफ पहले भी एक मामला दर्ज है। ज्योति शर्मा को रेलवे में टीटी के पद पर कार्यरत उसके पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर क्लर्क के पद पर नियुक्त किया था। इस मामले में मुख्य टिकट बुकिंग अधिकारी राजीव शर्मा की शिकायत के मुताबिक 18 और 19 अक्तूबर 2025 को जमा होने वाली राशि में एक लाख 15 हजार 265 रुपये कम थे। इसके बाद 21 और 22 अक्तूबर की नकदी एक लाख 13 हजार 960 रुपये रेलवे स्टेशन पर अलमारी में रखे थे। अलमारी की दोनों चाबियां अधिकारी के पास होने के बावजूद कैश गायब मिला। उस समय ज्योति शर्मा मौके पर मौजूद नहीं थी। प्रथम दृष्टया इस मामले में दोषी पाए जाने पर ज्योति को 22 अक्तूबर 2025 को निलंबित कर दिया था।
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एसआईटी ने हनुमानगढ़ से किया था गिरफ्तार
अंबाला जीआरपी एसपी निकिता गहलोत ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। टीम में डीएसपी हिसार रेंज कृष्ण कुमार, सिरसा जीआरपी प्रभारी रणबीर सिंह और चरखी दादरी जीआरपी प्रभारी नरेश कुमारी को शामिल किया गया। एसआईटी ने 6 जनवरी को ज्योति शर्मा को हनुमानगढ़ से गिरफ्तार किया था।
गबन राशि से खरीदे जेवरात
पूछताछ में ज्योति ने खुलासा किया कि उसने अलमारी की डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर कैश निकाला था। यह चाबी उसने एक फेरी वाले से बनवाई थी। वह पहले से कैश जमा होने की प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थी। पूछताछ में सामने आया कि उसने गबन की राशि से गहने खरीदे थे।