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Sirsa News: जिला नगर आयुक्त ने कार्यालय में सफाई न मिलने पर डीएमसी को लगाई फटकार
Tue, 28 Jul 2026 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:26 PM IST
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जन्म प्रमाण पत्र शाखा में दस्तावेजों की जांच करते हुए जिला नगर आुयक्त सुरेंद्र बैनीवाल। विभाग
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नगर परिषद में जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल ने किया निरीक्षण, बोले- अपने कार्यालयों तक की सफाई नहीं करवा सकते
43 कर्मचारियों के कार्यभार में बदलाव, ठेकेदार ने नवनिर्माण के बाद छोड़ा मलबा, सीएसआई से लेकर एसआई तक ने नहीं दिखाई गंभीरता
फोटो--
23,24
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल के निरीक्षण के दाैरान मंगलवार को नगर परिषद की इंजीनियरिंग ब्रांच के गलियारों में जगह-जगह पर मलबा व कचरा पड़ा हुआ था। यह देखकर जिला नगर आयुक्त नाराज हो गए। उन्होंने सफाई शाखा के कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अपने कार्यालय की कम से कम सफाई रख लिया करो।
जिला नगर आयुक्त ने विभाग की महिला कर्मचारी से पूछा कि आपने कचरा व मलबा उठाने को लेकर शिकायत क्यों नहीं की। महिला कर्मचारी ने कहा कि सीएसआई को उन्होंने अवगत करवा दिया गया था और कार्यालय का सफाई कर्मचारी भी इसे उठाने से इन्कार कर गया था।
जिला नगर आयुक्त ने कहा कि कार्यालय में सफाई रखना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसको लेकर हमें गंभीर होना चाहिए। कर्मचारियों ने बताया कि मलबा ठेकेदार की ओर से फैलाया गया है।
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डीएमसी ने कहा कि मलबा हो या कचरा उसका उठान करवाना सफाई शाखा की जिम्मेदारी है। हैरानी की बात है कि डीएमसी के निरीक्षण के तीन घंटे बाद भी कचरा व मलबा उठवाने को लेकर सफाई शाखा के अधिकारियों ने कोई जहमत नहीं उठाई।
जिला नगर आयुक्त ने गृहकर शाखा, सफाई शाखा, नागरिक सुविधा केंद्र, तकनीकी शाखा, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण शाखा, डायरी एवं डिस्पैच शाखा, विवाह पंजीकरण शाखा, विद्युत शाखा सहित नगर परिषद की अन्य शाखाओं का डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया।
उन्होंने लंबित मामलों, कार्यालय व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण तथा आम नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल ने नगर परिषद कार्यालय में अपने कार्यों के लिए पहुंचे नागरिकों से भी मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आमजन को बिना किसी अनावश्यक देरी के पारदर्शी एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने इंजीनियरिंग ब्रांच के सभी जेई को निर्देश दिए है कि विकास कार्यों को लेकर कोई कोताही न बरती जाए। जिन वार्ड व एरिया में विकास कार्य चल रहे हैं। उनकी मॉनिटरिंग नियमित होनी चाहिए। किसी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
43 कर्मचारियों के कार्यभार में किया बदलाव, किसी को दी अतिरिक्त जिम्मेदारी
जिला नगर आयुक्त ने सोमवार को 43 कर्मचारियों के कार्यों में बदलाव को लेकर आदेश जारी किए। इसके साथ-साथ अनुभवी कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया ताकि विकास कार्य व अन्य चीजें तेजी से की जा सके। इसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर से लेकर सेवादार तक शामिल रहे। इंजीनियरिंग ब्रांच से जुड़े कर्मचारियों को भी अलग-अलग कार्य सौंपे गए। जिला नगर आयुक्त ने पूर्व में विवादों में रहे कर्मचारियों को भी अपना ईमानदारी साबित करने का मौका दिया है।
कोट्स
नगर परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार, जनसेवाओं में तेजी तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। नगर परिषद में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी। हर कर्मचारी की अपनी क्षमता होती है। उसी क्षमता का सही दिशा में प्रयोग करना जरूरी होता है। लोगों की समस्याओं को समय रहते हुए समाधान हो और विकास कार्य तेजी से हो। इसी दिशा में यह बदलाव किया गया है।
-सुरेंद्र बेनीवाल, जिला नगर आयुक्त।
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43 कर्मचारियों के कार्यभार में बदलाव, ठेकेदार ने नवनिर्माण के बाद छोड़ा मलबा, सीएसआई से लेकर एसआई तक ने नहीं दिखाई गंभीरता
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल के निरीक्षण के दाैरान मंगलवार को नगर परिषद की इंजीनियरिंग ब्रांच के गलियारों में जगह-जगह पर मलबा व कचरा पड़ा हुआ था। यह देखकर जिला नगर आयुक्त नाराज हो गए। उन्होंने सफाई शाखा के कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अपने कार्यालय की कम से कम सफाई रख लिया करो।
जिला नगर आयुक्त ने विभाग की महिला कर्मचारी से पूछा कि आपने कचरा व मलबा उठाने को लेकर शिकायत क्यों नहीं की। महिला कर्मचारी ने कहा कि सीएसआई को उन्होंने अवगत करवा दिया गया था और कार्यालय का सफाई कर्मचारी भी इसे उठाने से इन्कार कर गया था।
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जिला नगर आयुक्त ने कहा कि कार्यालय में सफाई रखना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसको लेकर हमें गंभीर होना चाहिए। कर्मचारियों ने बताया कि मलबा ठेकेदार की ओर से फैलाया गया है।
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डीएमसी ने कहा कि मलबा हो या कचरा उसका उठान करवाना सफाई शाखा की जिम्मेदारी है। हैरानी की बात है कि डीएमसी के निरीक्षण के तीन घंटे बाद भी कचरा व मलबा उठवाने को लेकर सफाई शाखा के अधिकारियों ने कोई जहमत नहीं उठाई।
जिला नगर आयुक्त ने गृहकर शाखा, सफाई शाखा, नागरिक सुविधा केंद्र, तकनीकी शाखा, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण शाखा, डायरी एवं डिस्पैच शाखा, विवाह पंजीकरण शाखा, विद्युत शाखा सहित नगर परिषद की अन्य शाखाओं का डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया।
उन्होंने लंबित मामलों, कार्यालय व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण तथा आम नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल ने नगर परिषद कार्यालय में अपने कार्यों के लिए पहुंचे नागरिकों से भी मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आमजन को बिना किसी अनावश्यक देरी के पारदर्शी एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने इंजीनियरिंग ब्रांच के सभी जेई को निर्देश दिए है कि विकास कार्यों को लेकर कोई कोताही न बरती जाए। जिन वार्ड व एरिया में विकास कार्य चल रहे हैं। उनकी मॉनिटरिंग नियमित होनी चाहिए। किसी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
43 कर्मचारियों के कार्यभार में किया बदलाव, किसी को दी अतिरिक्त जिम्मेदारी
जिला नगर आयुक्त ने सोमवार को 43 कर्मचारियों के कार्यों में बदलाव को लेकर आदेश जारी किए। इसके साथ-साथ अनुभवी कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया ताकि विकास कार्य व अन्य चीजें तेजी से की जा सके। इसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर से लेकर सेवादार तक शामिल रहे। इंजीनियरिंग ब्रांच से जुड़े कर्मचारियों को भी अलग-अलग कार्य सौंपे गए। जिला नगर आयुक्त ने पूर्व में विवादों में रहे कर्मचारियों को भी अपना ईमानदारी साबित करने का मौका दिया है।
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नगर परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार, जनसेवाओं में तेजी तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। नगर परिषद में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी। हर कर्मचारी की अपनी क्षमता होती है। उसी क्षमता का सही दिशा में प्रयोग करना जरूरी होता है। लोगों की समस्याओं को समय रहते हुए समाधान हो और विकास कार्य तेजी से हो। इसी दिशा में यह बदलाव किया गया है।
-सुरेंद्र बेनीवाल, जिला नगर आयुक्त।