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Sirsa News: विधायक ने दिखाईं फर्जी सड़कें, बोले-विजिलेंस से जांच करवाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 24 Apr 2026 12:01 AM IST
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विधायक गोकुल सेतिया दस्तावेज दिखाते हुए। संवाद
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- दो साल पहले भी पूर्व सांसद डाॅ. अशोक तंवर ने 10 करोड़ के टेंडर पर उठाए थे सवाल
- विवादों में रही है 10 करोड़ की सड़कें, बार-बार बदली गई सूची
- विधायक ने मौके पर पहुंचकर दिखाई इंटरलॉकिंग सड़क गायब, दो सड़कों के 30 लाख हजम
फोटो-- 24,25,26
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। विधायक गोकुल सेतिया ने वर्ष 2022 में हुए 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर फिर सवालिया निशान लगा दिया है। उन्होंने वीरवार को दो इंटरलॉकिंग सड़कों का निरीक्षण किया। एफ ब्लॉक क्षेत्र की दोनों ही सड़कें कभी इंटरलॉकिंग बनी नहीं हुई थीं। 40 लाख रुपये के आसपास एमबी की कॉपी के आधार पर भुगतान हुआ था।
इस पर विधायक ने शहर के विकास कार्यों में हुई धांधली पर अधिकारियों से लेकर विजिलेंस जांच टीमों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार के पैसे का बड़े स्तर पर दुरुपयोग हुआ है। ऐसी कई गलियां हैं जो बनी ही नहीं और पैसा अधिकारी व ठेकेदार मिलकर डकार गए।
जनवरी 2025 में भी विधायक ने खुलासा किया था कि वर्ष 2021 में 1 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से सीसी की सड़क पर इंटरलॉकिंग की सड़क बनाई गई थी। मौके पर सीसी की सड़क थी, इंटरलॉकिंग की सड़क कभी बनी ही नहीं। अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाई लेकिन कोई कार्रवाई आगे नहीं हुई। न ही जांच हुई और न ही अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हुई। बाद में सभी तबादला लेकर दूसरे जिलों में चले गए और फाइलों में धूल फांकती जांच रह गई।
विधायक गोकुल सेतिया दोपहर में एफ ब्लॉक और लक्ष्मण नगर क्षेत्र में पहुंचे। वहां पर उन्होंने लोगों से पूछताछ की और सत्यापित किया कि इंटरलॉकिंग की सड़क कहां बनाई गई। जब वहां पहुंचे तो वहां पर सीसी की सड़क बनी हुई थी। 14 लाख रुपये की इंटरलॉकिंग के महज कागज में बिल बने थे।
इसी प्रकार, एक अन्य सड़क भी इंटरलॉकिंग बनाई गई थी। उसके भी 14 लाख रुपये से ज्यादा के बिल बनाए गए थे। जेई स्तर के अधिकारियों ने एमबी में क्षेत्र तक लगाकर पास किया हुआ था। एमई और एक्सईएन किसी ने मौका निरीक्षण नहीं किया और बिल पास कर दिया। विधायक ने कहा कि जनता के पैसे को हड़पा गया है। इन लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनवरी 2025 में विशेष रूप से टीम ऑडिट करने के लिए सिरसा पहुंची थी। एक महीने तक ऑडिट टीम ने नगर परिषद में रिकॉर्ड की जांच की। हैरानी की बात है कि ऑडिट रिपोर्ट में बिना मजबूत दस्तावेज के कैसे गली को पास कर दिया गया। ऑडिट टीम ने गली पास की है तो ठेकेदार व अधिकारियों ने मिलकर फर्जी फोटो और दस्तावेज वहां पर जमा करवाए हैं। दूसरी गलतियों के तथ्यों को दिखाया गया है। ऐसे में ऑडिट रिपोर्ट की जांच होनी भी बेहद जरूरी है।
दबा दी गई थी 10 करोड़ की सड़कों की जांच
सूत्रों के अनुसार, 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को हिसार की फर्म को दिया गया था। इस फर्म पर सिरसा के लोकल ठेकेदार ने काम किया था। इतना ही नहीं, दो बार 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सूची में बदलाव किया गया और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया। बाद में राजनीतिक लोगों के नाम भी सामने आए थे। इस मामले में पूर्व सांसद डाॅ. अशोक तंवर ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी जो आज तक नहीं दी गई। उस समय खुलासा हुआ था कि सिरसा के लोकल ठेकेदार ने 10 करोड़ के विकास कार्यों में कई सड़कों का निर्माण नहीं किया।
यूसी कॉलोनियों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार
शहर में वैध की गईं 25 कॉलोनियों को यूसी के आधार पर विभाजित किया गया है। इसको लेकर वर्ष 2024 में विभिन्न गलियों के निर्माण के नाम पर करोड़ रुपये के टेंडर लगाए गए। आज भी वे टेंडर सरकारी पोर्टल पर देखने को मिलते हैं। 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में विवाद में रहने वाले लोकल ठेकेदार को करोड़ों रुपये का काम दिया गया। इन कॉलोनियों के अंदर राजनीतिक लोगों की काटी गईं कॉलोनियों में धड़ल्ले से वैध और अवैध दोनों क्षेत्र में सड़कें बनाई गईं। इस मामले की जांच होने पर बड़ा खुलासा हो सकता है। कई अधिकारियों पर कार्रवाई तय हो सकती है।
कोट्स
विजिलेंस एसपी से मेरी बात हुई है। कल उनसे मुलाकात कर उन्हें सारे दस्तावेज सौंपे जाएंगे। मेल के माध्यम से भी उन्हें भेज जाएंगे। इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की जाएगी।
-गोकुल सेतिया, विधायक
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- विधायक ने मौके पर पहुंचकर दिखाई इंटरलॉकिंग सड़क गायब, दो सड़कों के 30 लाख हजम
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। विधायक गोकुल सेतिया ने वर्ष 2022 में हुए 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर फिर सवालिया निशान लगा दिया है। उन्होंने वीरवार को दो इंटरलॉकिंग सड़कों का निरीक्षण किया। एफ ब्लॉक क्षेत्र की दोनों ही सड़कें कभी इंटरलॉकिंग बनी नहीं हुई थीं। 40 लाख रुपये के आसपास एमबी की कॉपी के आधार पर भुगतान हुआ था।
इस पर विधायक ने शहर के विकास कार्यों में हुई धांधली पर अधिकारियों से लेकर विजिलेंस जांच टीमों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार के पैसे का बड़े स्तर पर दुरुपयोग हुआ है। ऐसी कई गलियां हैं जो बनी ही नहीं और पैसा अधिकारी व ठेकेदार मिलकर डकार गए।
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जनवरी 2025 में भी विधायक ने खुलासा किया था कि वर्ष 2021 में 1 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से सीसी की सड़क पर इंटरलॉकिंग की सड़क बनाई गई थी। मौके पर सीसी की सड़क थी, इंटरलॉकिंग की सड़क कभी बनी ही नहीं। अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाई लेकिन कोई कार्रवाई आगे नहीं हुई। न ही जांच हुई और न ही अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हुई। बाद में सभी तबादला लेकर दूसरे जिलों में चले गए और फाइलों में धूल फांकती जांच रह गई।
विधायक गोकुल सेतिया दोपहर में एफ ब्लॉक और लक्ष्मण नगर क्षेत्र में पहुंचे। वहां पर उन्होंने लोगों से पूछताछ की और सत्यापित किया कि इंटरलॉकिंग की सड़क कहां बनाई गई। जब वहां पहुंचे तो वहां पर सीसी की सड़क बनी हुई थी। 14 लाख रुपये की इंटरलॉकिंग के महज कागज में बिल बने थे।
इसी प्रकार, एक अन्य सड़क भी इंटरलॉकिंग बनाई गई थी। उसके भी 14 लाख रुपये से ज्यादा के बिल बनाए गए थे। जेई स्तर के अधिकारियों ने एमबी में क्षेत्र तक लगाकर पास किया हुआ था। एमई और एक्सईएन किसी ने मौका निरीक्षण नहीं किया और बिल पास कर दिया। विधायक ने कहा कि जनता के पैसे को हड़पा गया है। इन लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनवरी 2025 में विशेष रूप से टीम ऑडिट करने के लिए सिरसा पहुंची थी। एक महीने तक ऑडिट टीम ने नगर परिषद में रिकॉर्ड की जांच की। हैरानी की बात है कि ऑडिट रिपोर्ट में बिना मजबूत दस्तावेज के कैसे गली को पास कर दिया गया। ऑडिट टीम ने गली पास की है तो ठेकेदार व अधिकारियों ने मिलकर फर्जी फोटो और दस्तावेज वहां पर जमा करवाए हैं। दूसरी गलतियों के तथ्यों को दिखाया गया है। ऐसे में ऑडिट रिपोर्ट की जांच होनी भी बेहद जरूरी है।
दबा दी गई थी 10 करोड़ की सड़कों की जांच
सूत्रों के अनुसार, 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को हिसार की फर्म को दिया गया था। इस फर्म पर सिरसा के लोकल ठेकेदार ने काम किया था। इतना ही नहीं, दो बार 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सूची में बदलाव किया गया और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया। बाद में राजनीतिक लोगों के नाम भी सामने आए थे। इस मामले में पूर्व सांसद डाॅ. अशोक तंवर ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी जो आज तक नहीं दी गई। उस समय खुलासा हुआ था कि सिरसा के लोकल ठेकेदार ने 10 करोड़ के विकास कार्यों में कई सड़कों का निर्माण नहीं किया।
यूसी कॉलोनियों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार
शहर में वैध की गईं 25 कॉलोनियों को यूसी के आधार पर विभाजित किया गया है। इसको लेकर वर्ष 2024 में विभिन्न गलियों के निर्माण के नाम पर करोड़ रुपये के टेंडर लगाए गए। आज भी वे टेंडर सरकारी पोर्टल पर देखने को मिलते हैं। 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में विवाद में रहने वाले लोकल ठेकेदार को करोड़ों रुपये का काम दिया गया। इन कॉलोनियों के अंदर राजनीतिक लोगों की काटी गईं कॉलोनियों में धड़ल्ले से वैध और अवैध दोनों क्षेत्र में सड़कें बनाई गईं। इस मामले की जांच होने पर बड़ा खुलासा हो सकता है। कई अधिकारियों पर कार्रवाई तय हो सकती है।
कोट्स
विजिलेंस एसपी से मेरी बात हुई है। कल उनसे मुलाकात कर उन्हें सारे दस्तावेज सौंपे जाएंगे। मेल के माध्यम से भी उन्हें भेज जाएंगे। इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की जाएगी।
-गोकुल सेतिया, विधायक

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