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Sirsa News: मेला ग्राउंड विकास कार्य पर उठाए सवाल, भाजपा पार्षद को नोटिस जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:28 PM IST
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कार्यकारी अधिकारी ने नोटिस किया जारी, सात दिन में मांगा जवाब, मानहानि का मामला दर्ज कराने के लिए कहा
- पार्षद बोले- भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जनप्रतिनिधि काम, हलोपा के नुमाइंदों के कहने पर हो रहा है सब
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद में भले ही विकास कार्यों पर ब्रेक लग गए हों। तापमान बढ़ने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वार्ड-12 के पार्षद दीपक बंसल को कार्यकारी अधिकारी ने नगर परिषद का गलत प्रचार कर नगर परिषद की छवि खराब करने पर नोटिस जारी किया है। सात दिनों में पार्षद जवाब नहीं देते हैं तो मानहानि का मामला दर्ज करवाया जाएगा।
इस मामले में पार्षद दीपक बंसल ने कहा कि सब कुछ राजनीति से प्रेरित होकर किया जा रहा है। हलोपा के नुमाइंदे भाजपा पार्षदों के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज दबाना चाहते हैं। इसलिए इस तरह के नोटिस भेजने जैसे काम करवाए जा रहे हैं। कोई गलत बात उन्होंने नहीं की है। अब तक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही नोटिस प्राप्त होगा कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा।
यह जारी किया है पत्र
कार्यकारी अधिकारी सुमन लता की ओर से 15 अप्रैल को वार्ड-12 के पार्षद को क्रमांक 2000 से स्पष्टीकरण को लेकर नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में उन्होंने लिखा है कि मेला ग्राउंड स्कीम नंबर 34 चौधरी देवीलाल टाउनशिप पूर्व में विकसित की गई थी। प्लॉट अलॉट किए गए थे मगर उस समय पैसे की कमी के चलते विकास कार्य नहीं हो पाए। प्लॉट धारकों के बार-बार प्रार्थनापत्र के बाद अब विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। तकनीकी अधिकारियों ने नियमानुसार अनुमति लेकर विकास कार्य को लेकर टेंडर के माध्यम से काम शुरू करवाए हैं।
सात दिन में सबूतों सहित देना होगा जवाब
पत्र के माध्यम से कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि 2 अप्रैल को आपने मीडिया के माध्यम से झूठा व भ्रामक प्रचार किया। इसके साथ ही सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर निराधार आरोप लगाए हैं। उच्चाधिकारियों को भी यह शिकायत भेजी है। आपकी ओर से अधिकारियों व कर्मचारियों की साख को क्षति पहुंचाई गई है। नगर परिषद की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि सात दिनों के अंदर आपने जो आरोप लगाए हैं उनके प्रमाण प्रस्तुत करते हुए जवाब दें। लिखित में संतोषजनक व प्रमाण सहित जवाब प्राप्त नहीं होता है तो आपके खिलाफ मानहानि को लेकर सिविल व आपराधिक वाद दायर किया जाएगा। हर प्रकार के खर्च के लिए आप जिम्मेदार होंगे।
उप प्रधान पद के लिए दावेदारी कर चुके हैं दीपक बंसल
नगर परिषद के भ्रष्टाचार को लेकर हलोपा, भाजपा और कांग्रेस के नेता आरोप लगाते रहते हैं लेकिन कभी किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। दीपक बंसल पर हुई कार्रवाई के पीछे तीन माह पुराना घटनाक्रम माना जा रहा है। जब दीपक बंसल ने भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों को एकजुट करने का प्रयास किया था। उप प्रधान पद के लिए दावेदारी पेश की थी। जानकारों की मानें तो ये गतिविधियां हलोपा नेताओं व चेयरमैन को नागवार गुजरी थीं। भाजपा पार्षदों ने भ्रष्टाचार व विकास कार्य न होने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक को पत्र दिया था। हलोपा और भाजपा नेताओं की आपसी फूट सार्वजनिक हो गई थी। बाद में गुप्त बैठकों के माध्यम से बड़े राजनेताओं ने बीच में आकर आपसी समझौता करवाया था। इसके बाद बजट की बैठक में भाजपा और हलोपा के पार्षद एक साथ नजर आए थे। चेयरमैन ने भी आपसी एकता की बात कही थी। विरोध की वह टीस कहीं न कहीं दिल में दबी हुई थी। इसका उस समय मौका मिला जब पार्षद के मीडिया को एक बयान जारी किया। इसी बयान के आधार पर भाजपा पार्षद पर निशाना साधा गया है।
कोटस
नोटिस दें या जो मर्जी करें। सभी जानते हैं कि कितना भ्रष्टाचार हो रहा है। 25 से 40 साल पुरानी कॉलोनियों में विकास नहीं हुआ है। लोगों ने उनसे गुहार लगाई तो उन्होंने सवाल उठा दिए। नगर पार्षद होने के नाते उनका फर्ज बनता है कि वह जनता की आवाज उठाएं। मैं डरने वाला नहीं हूं। लीगल तौर पर जवाब देंगे। राजनीति के तहत भाजपा के पार्षदों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले एक महिला पार्षद को दबाने का प्रयास किया गया। अब मुझे दबाया जा रहा है। ऐसा होने नहीं देंगे। पत्र मिलते ही जवाब दूंगा।
-दीपक बंसल, पार्षद वार्ड-12
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- पार्षद बोले- भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जनप्रतिनिधि काम, हलोपा के नुमाइंदों के कहने पर हो रहा है सब
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद में भले ही विकास कार्यों पर ब्रेक लग गए हों। तापमान बढ़ने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वार्ड-12 के पार्षद दीपक बंसल को कार्यकारी अधिकारी ने नगर परिषद का गलत प्रचार कर नगर परिषद की छवि खराब करने पर नोटिस जारी किया है। सात दिनों में पार्षद जवाब नहीं देते हैं तो मानहानि का मामला दर्ज करवाया जाएगा।
इस मामले में पार्षद दीपक बंसल ने कहा कि सब कुछ राजनीति से प्रेरित होकर किया जा रहा है। हलोपा के नुमाइंदे भाजपा पार्षदों के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज दबाना चाहते हैं। इसलिए इस तरह के नोटिस भेजने जैसे काम करवाए जा रहे हैं। कोई गलत बात उन्होंने नहीं की है। अब तक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही नोटिस प्राप्त होगा कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा।
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यह जारी किया है पत्र
कार्यकारी अधिकारी सुमन लता की ओर से 15 अप्रैल को वार्ड-12 के पार्षद को क्रमांक 2000 से स्पष्टीकरण को लेकर नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में उन्होंने लिखा है कि मेला ग्राउंड स्कीम नंबर 34 चौधरी देवीलाल टाउनशिप पूर्व में विकसित की गई थी। प्लॉट अलॉट किए गए थे मगर उस समय पैसे की कमी के चलते विकास कार्य नहीं हो पाए। प्लॉट धारकों के बार-बार प्रार्थनापत्र के बाद अब विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। तकनीकी अधिकारियों ने नियमानुसार अनुमति लेकर विकास कार्य को लेकर टेंडर के माध्यम से काम शुरू करवाए हैं।
सात दिन में सबूतों सहित देना होगा जवाब
पत्र के माध्यम से कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि 2 अप्रैल को आपने मीडिया के माध्यम से झूठा व भ्रामक प्रचार किया। इसके साथ ही सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर निराधार आरोप लगाए हैं। उच्चाधिकारियों को भी यह शिकायत भेजी है। आपकी ओर से अधिकारियों व कर्मचारियों की साख को क्षति पहुंचाई गई है। नगर परिषद की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि सात दिनों के अंदर आपने जो आरोप लगाए हैं उनके प्रमाण प्रस्तुत करते हुए जवाब दें। लिखित में संतोषजनक व प्रमाण सहित जवाब प्राप्त नहीं होता है तो आपके खिलाफ मानहानि को लेकर सिविल व आपराधिक वाद दायर किया जाएगा। हर प्रकार के खर्च के लिए आप जिम्मेदार होंगे।
उप प्रधान पद के लिए दावेदारी कर चुके हैं दीपक बंसल
नगर परिषद के भ्रष्टाचार को लेकर हलोपा, भाजपा और कांग्रेस के नेता आरोप लगाते रहते हैं लेकिन कभी किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। दीपक बंसल पर हुई कार्रवाई के पीछे तीन माह पुराना घटनाक्रम माना जा रहा है। जब दीपक बंसल ने भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों को एकजुट करने का प्रयास किया था। उप प्रधान पद के लिए दावेदारी पेश की थी। जानकारों की मानें तो ये गतिविधियां हलोपा नेताओं व चेयरमैन को नागवार गुजरी थीं। भाजपा पार्षदों ने भ्रष्टाचार व विकास कार्य न होने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक को पत्र दिया था। हलोपा और भाजपा नेताओं की आपसी फूट सार्वजनिक हो गई थी। बाद में गुप्त बैठकों के माध्यम से बड़े राजनेताओं ने बीच में आकर आपसी समझौता करवाया था। इसके बाद बजट की बैठक में भाजपा और हलोपा के पार्षद एक साथ नजर आए थे। चेयरमैन ने भी आपसी एकता की बात कही थी। विरोध की वह टीस कहीं न कहीं दिल में दबी हुई थी। इसका उस समय मौका मिला जब पार्षद के मीडिया को एक बयान जारी किया। इसी बयान के आधार पर भाजपा पार्षद पर निशाना साधा गया है।
कोटस
नोटिस दें या जो मर्जी करें। सभी जानते हैं कि कितना भ्रष्टाचार हो रहा है। 25 से 40 साल पुरानी कॉलोनियों में विकास नहीं हुआ है। लोगों ने उनसे गुहार लगाई तो उन्होंने सवाल उठा दिए। नगर पार्षद होने के नाते उनका फर्ज बनता है कि वह जनता की आवाज उठाएं। मैं डरने वाला नहीं हूं। लीगल तौर पर जवाब देंगे। राजनीति के तहत भाजपा के पार्षदों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले एक महिला पार्षद को दबाने का प्रयास किया गया। अब मुझे दबाया जा रहा है। ऐसा होने नहीं देंगे। पत्र मिलते ही जवाब दूंगा।
-दीपक बंसल, पार्षद वार्ड-12
