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Sirsa News: खुद आत्मनिर्भर बन दूसरों के लिए बनीं ''किरण''
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:30 PM IST
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गांव बड़ागुढ़ा की किरन कौर सिलाई करते हुए। स्वयं
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खंड बड़ागुढा की किरण कौर सिलाई करने के साथ ही अन्य महिलाओं को भी दे रहीं प्रशिक्षण
- हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन से लिया है काम शुरू करने के लिए लोन
फोटो- 20
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव बड़ागुढा की किरण कौर स्वावलंबन की दिशा में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने हौसले और मेहनत के दम पर घर से ही सिलाई का काम शुरू किया। आज अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रही हैं।
किरण कौर ने हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन (एचआरएलएम) से जुड़कर अपने इस सफर की शुरुआत की। वह पिछले तीन वर्षों से खुशी नामक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला और उन्होंने सिलाई कार्य शुरू करने का निर्णय लिया।
काम शुरू करने के लिए उन्होंने समूह के माध्यम से अब तक तीन बार लोन लिया है। इसमें हाल ही में 80 हजार रुपये का लोन लेकर अपने कार्य को और बेहतर तरीके से स्थापित किया है।
सूट और ड्रेस सिलती हैं किरण
घर पर ही सिलाई का काम करते हुए किरण कौर लेडीज सूट, ब्लाउज, ड्रेस और अन्य परिधान तैयार करती हैं। उनके काम की गुणवत्ता और मेहनत के चलते धीरे-धीरे उनकी पहचान बढ़ने लगी है। आसपास के गांवों और क्षेत्र की महिलाएं उनके पास सिलाई का काम देने आती हैं। इससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हो रही है।
प्रतिमाह कमा रहीं 10 हजार
किरण कौर बताती हैं कि शुरुआत में उनके सामने कई चुनौतियां थीं लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा। उन्होंने अपने हुनर को पहचाना और उसे ही अपनी आजीविका का साधन बना लिया। आज वह प्रति माह करीब 8 से 10 हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं। इससे उनके परिवार को काफी सहारा मिल रहा है।
पति करते हैं मजदूरी का काम
उनके पति मजदूरी का काम करते हैं। ऐसे में पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। अब किरण कौर के इस प्रयास से घर की आय में बढ़ोतरी हुई है। परिवार की जरूरतें बेहतर तरीके से पूरी हो पा रही हैं।
अन्य महिलाओं को सिखा रहीं काम
किरण कौर अब अन्य महिलाओं को भी सिलाई का प्रशिक्षण दे रही हैं। वह चाहती हैं कि उनके जैसी अन्य महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़ी हों। उनके इस प्रयास से गांव की कई महिलाएं प्रेरित हो रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपने लिए रोजगार के अवसर तलाश रही हैं।
वर्जन
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। किरण कौर इसका एक सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने इस योजना का लाभ उठाकर अपनी पहचान बनाई और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया।
- सलोचना रानी, ब्लॉक क्लस्टर कोऑर्डिनेटर, हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन।
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फोटो- 20
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव बड़ागुढा की किरण कौर स्वावलंबन की दिशा में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने हौसले और मेहनत के दम पर घर से ही सिलाई का काम शुरू किया। आज अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रही हैं।
किरण कौर ने हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन (एचआरएलएम) से जुड़कर अपने इस सफर की शुरुआत की। वह पिछले तीन वर्षों से खुशी नामक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला और उन्होंने सिलाई कार्य शुरू करने का निर्णय लिया।
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काम शुरू करने के लिए उन्होंने समूह के माध्यम से अब तक तीन बार लोन लिया है। इसमें हाल ही में 80 हजार रुपये का लोन लेकर अपने कार्य को और बेहतर तरीके से स्थापित किया है।
सूट और ड्रेस सिलती हैं किरण
घर पर ही सिलाई का काम करते हुए किरण कौर लेडीज सूट, ब्लाउज, ड्रेस और अन्य परिधान तैयार करती हैं। उनके काम की गुणवत्ता और मेहनत के चलते धीरे-धीरे उनकी पहचान बढ़ने लगी है। आसपास के गांवों और क्षेत्र की महिलाएं उनके पास सिलाई का काम देने आती हैं। इससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हो रही है।
प्रतिमाह कमा रहीं 10 हजार
किरण कौर बताती हैं कि शुरुआत में उनके सामने कई चुनौतियां थीं लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा। उन्होंने अपने हुनर को पहचाना और उसे ही अपनी आजीविका का साधन बना लिया। आज वह प्रति माह करीब 8 से 10 हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं। इससे उनके परिवार को काफी सहारा मिल रहा है।
पति करते हैं मजदूरी का काम
उनके पति मजदूरी का काम करते हैं। ऐसे में पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। अब किरण कौर के इस प्रयास से घर की आय में बढ़ोतरी हुई है। परिवार की जरूरतें बेहतर तरीके से पूरी हो पा रही हैं।
अन्य महिलाओं को सिखा रहीं काम
किरण कौर अब अन्य महिलाओं को भी सिलाई का प्रशिक्षण दे रही हैं। वह चाहती हैं कि उनके जैसी अन्य महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़ी हों। उनके इस प्रयास से गांव की कई महिलाएं प्रेरित हो रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपने लिए रोजगार के अवसर तलाश रही हैं।
वर्जन
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। किरण कौर इसका एक सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने इस योजना का लाभ उठाकर अपनी पहचान बनाई और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया।
- सलोचना रानी, ब्लॉक क्लस्टर कोऑर्डिनेटर, हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन।