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स्वावलंबन की ओर कदम : एमईजीपी योजना से खोलें अपना सूक्ष्म उद्योग, सब्सिडी आधारित ऋण का लाभ उठाएं
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सिरसा। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) केंद्र सरकार की प्रमुख ऋण-आधारित सब्सिडी योजना है, जिसका उद्देश्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यम स्थापित कर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है। इस योजना के तहत इच्छुक युवाओं और उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
योजना का संचालन जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम केंद्र (डीएमसी), खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (केवीबी) के माध्यम से किया जाता है। योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिक उठा सकते हैं, बशर्ते परियोजना नई हो और उस पर पहले से कोई सरकारी सब्सिडी न मिली हो। व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, समितियां, सहकारी समितियां और धर्मार्थ ट्रस्ट पात्र हैं। लघु परियोजनाओं (विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक, सेवा क्षेत्र में 5 लाख रुपये तक) के लिए न्यूनतम शिक्षा की आवश्यकता नहीं है, जबकि बड़ी परियोजनाओं के लिए कम से कम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है।
आवेदन प्रक्रिया : लाभार्थियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आकार का फोटो, जाति/समुदाय प्रमाण पत्र, ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र (यदि लागू), शैक्षिक या कौशल प्रमाण पत्र, परियोजना रिपोर्ट और पता प्रमाण जैसे दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है। आवेदन ऑनलाइन पीएमईजीपी ई-पोर्टल पर किया जा सकता है।
सब्सिडी की दर
एमएसएमई के उप निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक एवं दिव्यांग वर्ग के लाभार्थियों को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं शहरी क्षेत्रों में सामान्य वर्ग को 15 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक एवं दिव्यांग वर्ग के लाभार्थियों को 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है, जो परियोजना लागत के अनुसार निर्धारित होती है।
अब तक 34 आवेदन प्राप्त हुए
पीएमईजीपी योजना की वित्त वर्ष 2025-26 की प्रगति की बात करें तो अब तक 34 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 21 आवेदनों को विभाग द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। बैंकों द्वारा 8 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है, जबकि 12 आवेदन अभी बैंक स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। संभावना है कि आने वाले समय में स्वीकृत आवेदनों की संख्या में और वृद्धि होगी, जिससे जिले में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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आवेदन प्रक्रिया : लाभार्थियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आकार का फोटो, जाति/समुदाय प्रमाण पत्र, ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र (यदि लागू), शैक्षिक या कौशल प्रमाण पत्र, परियोजना रिपोर्ट और पता प्रमाण जैसे दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है। आवेदन ऑनलाइन पीएमईजीपी ई-पोर्टल पर किया जा सकता है।
सब्सिडी की दर
एमएसएमई के उप निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक एवं दिव्यांग वर्ग के लाभार्थियों को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं शहरी क्षेत्रों में सामान्य वर्ग को 15 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक एवं दिव्यांग वर्ग के लाभार्थियों को 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है, जो परियोजना लागत के अनुसार निर्धारित होती है।
अब तक 34 आवेदन प्राप्त हुए
पीएमईजीपी योजना की वित्त वर्ष 2025-26 की प्रगति की बात करें तो अब तक 34 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 21 आवेदनों को विभाग द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। बैंकों द्वारा 8 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है, जबकि 12 आवेदन अभी बैंक स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। संभावना है कि आने वाले समय में स्वीकृत आवेदनों की संख्या में और वृद्धि होगी, जिससे जिले में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
