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Sirsa News: सोलर से चलेगा सीवरेज सिस्टम, एसटीपी पर घटेगा बिजली खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:47 PM IST
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केलनिया सिरसा फोटो
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दो जगहों पर करीबन 2 करोड़ रुपये का खर्च आने की उम्मीद है
फोटो -
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में सीवरेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) के संचालन पर आने वाले भारी बिजली खर्च को कम करने के लिए विभाग ने पहल शुरू की है। रंगड़ी रोड और केलनिया रोड स्थित दोनों एसटीपी परिसरों में सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के लागू होने के बाद संयंत्रों की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा। इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी और विभाग को हर वर्ष लाखों रुपये की बचत होगी।
वर्तमान में दोनों एसटीपी के संचालन के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। सीवरेज के शोधन, मोटरों के संचालन, पंपिंग व्यवस्था और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते हर महीने विभाग को भारी-भरकम बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता है।
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बढ़ती ऊर्जा लागत को देखते हुए अब विभाग ने नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत दोनों परिसरों की उपलब्ध खाली भूमि और भवनों की छतों का उपयोग सोलर प्लांट लगाने के लिए किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, सोलर प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद दिन के समय एसटीपी की अधिकांश जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी होंगी। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी और संचालन लागत में गिरावट आएगी। विभाग का मानना है कि शुरुआती निवेश के बाद आने वाले वर्षों में यह परियोजना आर्थिक रूप से काफी लाभदायक साबित होगी।
योजना की एक और विशेषता यह होगी कि बिजली उत्पादन केवल संयंत्रों के संचालन तक सीमित नहीं रहेगा। यदि किसी कारणवश एसटीपी का संचालन अस्थायी रूप से बंद भी रहता है, तब भी सोलर प्लांट बिजली का उत्पादन करता रहेगा।
ऐसी स्थिति में अतिरिक्त बिजली को विद्युत ग्रिड में भेजा जा सकेगा जिससे विभाग को और अधिक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। इससे सौर ऊर्जा परियोजना की उपयोगिता और बढ़ जाएगी।
यह जानना जरूरी
एसटीपी - नटार
कुल क्षमता - 12.50 एमएलडी
कुल खर्च - 97.99 रुपये।
एसटीपी - केलनियां
कुल क्षमता - 20 एमएलडी
कुल खर्च - 98.6 लाख रुपये।
कोट्स
परियोजना को लेकर आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। तकनीकी सर्वेक्षण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद स्थापना कार्य प्रारंभ किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर दोनों एसटीपी ऊर्जा बचत के साथ-साथ हरित ऊर्जा के उदाहरण बनेंगे। दो जगहों को लेकर अलग अलग एस्टीमेट बनाए गए हैं। तकरीबन दो करोड़ रुपये का खर्च इन पर आएगा।
-एसडीओ, रूपराम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में सीवरेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) के संचालन पर आने वाले भारी बिजली खर्च को कम करने के लिए विभाग ने पहल शुरू की है। रंगड़ी रोड और केलनिया रोड स्थित दोनों एसटीपी परिसरों में सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के लागू होने के बाद संयंत्रों की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा। इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी और विभाग को हर वर्ष लाखों रुपये की बचत होगी।
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वर्तमान में दोनों एसटीपी के संचालन के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। सीवरेज के शोधन, मोटरों के संचालन, पंपिंग व्यवस्था और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते हर महीने विभाग को भारी-भरकम बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता है।
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अधिकारियों के अनुसार, सोलर प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद दिन के समय एसटीपी की अधिकांश जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी होंगी। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी और संचालन लागत में गिरावट आएगी। विभाग का मानना है कि शुरुआती निवेश के बाद आने वाले वर्षों में यह परियोजना आर्थिक रूप से काफी लाभदायक साबित होगी।
योजना की एक और विशेषता यह होगी कि बिजली उत्पादन केवल संयंत्रों के संचालन तक सीमित नहीं रहेगा। यदि किसी कारणवश एसटीपी का संचालन अस्थायी रूप से बंद भी रहता है, तब भी सोलर प्लांट बिजली का उत्पादन करता रहेगा।
ऐसी स्थिति में अतिरिक्त बिजली को विद्युत ग्रिड में भेजा जा सकेगा जिससे विभाग को और अधिक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। इससे सौर ऊर्जा परियोजना की उपयोगिता और बढ़ जाएगी।
यह जानना जरूरी
एसटीपी - नटार
कुल क्षमता - 12.50 एमएलडी
कुल खर्च - 97.99 रुपये।
एसटीपी - केलनियां
कुल क्षमता - 20 एमएलडी
कुल खर्च - 98.6 लाख रुपये।
कोट्स
परियोजना को लेकर आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। तकनीकी सर्वेक्षण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद स्थापना कार्य प्रारंभ किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर दोनों एसटीपी ऊर्जा बचत के साथ-साथ हरित ऊर्जा के उदाहरण बनेंगे। दो जगहों को लेकर अलग अलग एस्टीमेट बनाए गए हैं। तकरीबन दो करोड़ रुपये का खर्च इन पर आएगा।
-एसडीओ, रूपराम।