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Sonipat News: 54 लाख घन फीट पानी स्टोरेज का बनाया टैंक

संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 10 Mar 2026 05:00 PM IST
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54 lakh cubic feet water storage tank built
नए नाला में बना स्टोरेज टैंक बन कर तैयार। स्रोत : संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गोहाना। गोहाना क्षेत्र के किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिंचाई विभाग ने नए नाले में करीब 54 लाख घन फीट क्षमता का स्टोरेज टैंक तैयार कर दिया है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्रदेश का पहला प्रोजेक्ट है।
इस बार बरसात के मौसम में इसमें बारिश के पानी का भंडारण किया जाएगा। बाद में उसी पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाएगा। इस परियोजना से छतैहरा, अहमदपुर माजरा, मातंड, महमूदपुर, सिवानका, जागसी और खंदराई गांवों के किसानों को फायदा होगा।
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करीब पांच हजार एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई यहां एकत्रित किए गए पानी से संभव हो सकेगी। सिंचाई विभाग ने गांव छतैहरा से महमूदपुर तक करीब 14 हजार फीट लंबाई में यह स्टोरेज टैंक बनाया है। टैंक की गहराई करीब 15 फीट रखी गई है।
जिस हिस्से में टैंक तैयार किया गया है वहां ड्रेन को चार से छह फीट तक और गहरा किया गया है। ड्रेन के दोनों किनारों के रैंप कंक्रीट से पक्के किए गए हैं जबकि नीचे का हिस्सा कच्चा छोड़ा गया है। इससे भूजल रिचार्ज होने में भी मदद मिलेगी।

ड्रेन में पानी रोकने के लिए दो स्थानों पर छोटे बांध बनाए गए हैं। बारिश के दौरान या नहरों व डिस्ट्रीब्यूट्री से छोड़े जाने वाले अतिरिक्त पानी को इस टैंक में जमा किया जाएगा। बारिश खत्म होने के बाद यही पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा।

परियोजना का पहला चरण पूरा होने के बाद अब दूसरे चरण में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (माइक्रो इरिगेशन) पर काम करने की योजना है। इसके तहत किसानों के हर एकड़ पर एक आउटलेट पॉइंट दिया जाएगा। यहां तक विभाग द्वारा प्रेशर के साथ पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। ड्रेन से खेतों तक पाइपलाइन बिछाकर किसानों को सीधे पानी उपलब्ध कराने की योजना है।

अगर यह सूक्ष्म सिंचाई मॉडल सफल रहता है तो प्रदेश की अन्य ड्रेनों में भी इसी तरह के स्टोरेज टैंक और व्यवस्था विकसित की जा सकती है। इससे जल संरक्षण के साथ गिरते भूजल स्तर को सुधारने में भी मदद मिलेगी।

सिंचाई विभाग की तरप से इस परियोजना पर काम दिसंबर 2024 में शुरू किया गया था जो अब पूरा हो गया है। एसडीओ अक्षय कुमार ने बताया कि बिना वर्षा के मौसम में आसपास के किसानों को यहीं से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
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