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Sonipat News: 15 मई से पहले धान की नर्सरी बोने पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 12 May 2026 08:51 PM IST
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धान की नर्सरी और रोपाई को लेकर तय समय सीमा की जानकारी देते कृषि विभाग के अधिकारी। फोटो : कृषि व
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। हरियाणा और पंजाब प्रिजर्वेशन ऑफ सब सॉइल वॉटर एक्ट 2009 के तहत धान की खेती में भूजल के ज्यादा दोहन को रोकने और पानी बचाने के लिए समय सीमा तय की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की गई है कि 15 मई से पहले धान की नर्सरी न बोएं। 15 जून से पहले धान की रोपाई न करें।
विभाग के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकारियों को फसल नष्ट करने का अधिकार भी दिया गया है। ऐसे में किसान तय समय के अंदर ही धान की नर्सरी बोने और रोपाई का काम करें।
कृषि विभाग एसडीओ राजेन्द्र सिंह मेहरा ने कहा कि समय से पहले धान की खेती शुरू होने पर भूजल का अत्यधिक दोहन होता है, जिससे पानी का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसी को देखते हुए यह कानून लागू किया गया है। किसानों से सहयोग करने और पानी बचाने की हम अपील करते हैं।
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गोहाना। हरियाणा और पंजाब प्रिजर्वेशन ऑफ सब सॉइल वॉटर एक्ट 2009 के तहत धान की खेती में भूजल के ज्यादा दोहन को रोकने और पानी बचाने के लिए समय सीमा तय की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की गई है कि 15 मई से पहले धान की नर्सरी न बोएं। 15 जून से पहले धान की रोपाई न करें।
विभाग के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकारियों को फसल नष्ट करने का अधिकार भी दिया गया है। ऐसे में किसान तय समय के अंदर ही धान की नर्सरी बोने और रोपाई का काम करें।
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कृषि विभाग एसडीओ राजेन्द्र सिंह मेहरा ने कहा कि समय से पहले धान की खेती शुरू होने पर भूजल का अत्यधिक दोहन होता है, जिससे पानी का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसी को देखते हुए यह कानून लागू किया गया है। किसानों से सहयोग करने और पानी बचाने की हम अपील करते हैं।