सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Ceasefire brings hope of relief to packaging industry

Sonipat News: युद्ध विराम से पैकेजिंग उद्योग को जगी राहत की उम्मीद

संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Wed, 17 Jun 2026 01:29 AM IST
विज्ञापन
Ceasefire brings hope of relief to packaging industry
फोटो : भूपेंद्र चौधरी, उद्योगपति
विज्ञापन
सोनीपत। अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में बने युद्ध जैसे हालात का असर केवल वैश्विक राजनीति तक सीमित नहीं रहा बल्कि सोनीपत के पैकेजिंग उद्योग पर भी पड़ा। पिछले कुछ सप्ताह के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, समुद्री मार्गों पर बढ़े जोखिम और माल ढुलाई खर्च में वृद्धि के कारण पैकेजिंग उद्योग को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ा।

हालांकि, अब युद्ध विराम के संकेतों ने उद्योग जगत में राहत की नई उम्मीद जगा दी है। पैकेजिंग से जुड़े उद्यमियों का मानना है कि यदि युद्ध समाप्त होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आएगी। जिसका असर पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथाइलीन और अन्य पॉलिमर आधारित कच्चे माल की लागत पर पड़ेगा। साथ ही समुद्री परिवहन, कंटेनर शुल्क और बीमा दरों में भी धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पैकेजिंग उद्ममी बताते है कि युद्ध जैसे हालात के कारण कच्चे माल की कीमतों और फ्रेट चार्ज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। इससे उत्पादन लागत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि युद्ध विराम का सकारात्मक असर जरूर दिखाई देगा लेकिन उद्योग को तत्काल राहत नहीं मिलेगी।
विज्ञापन

वैश्विक सप्लाई चेन को सामान्य होने और पहले से खरीदे गए महंगे स्टॉक के खपने में करीब एक माह का समय लग सकता है। इसके बाद उत्पादन लागत में कमी आने से उद्योग की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और मुनाफे में सुधार होगा।
उद्योगपतियों क मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता किसी भी विनिर्माण क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। युद्ध विराम से आयातित कच्चे माल की उपलब्धता बेहतर होगी और लागत नियंत्रण में मदद मिलेगी। इससे पैकेजिंग उद्योग के साथ-साथ एफएमसीजी और अन्य विनिर्माण इकाइयों को भी लाभ मिलेगा।
------

युद्ध विराम से कच्चे माल और फ्रेट लागत में राहत मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ उद्योग को करीब एक माह बाद दिखाई देगा जब वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। -पारस देवगन, पैकेजिंग उद्योगपति

-
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता आने से उद्योग जगत को सबसे बड़ा फायदा लागत नियंत्रण के रूप में मिलेगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी। -भूपेंद्र चौधरी, उद्योगपति

फोटो : भूपेंद्र चौधरी, उद्योगपति

फोटो : भूपेंद्र चौधरी, उद्योगपति

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed