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सीएचबी की बैठक आज: सेक्टर-53 हाउसिंग स्कीम पर लग सकता है ताला, 13 हजार डिफॉल्टरों को मिल सकती है राहत
Wed, 08 Jul 2026 09:31 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Published by: Nivedita
Updated Wed, 08 Jul 2026 09:31 AM IST
सार
संशोधित मास्टर प्लान-2031 को अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण सेक्टर-53 परियोजना पर आगे बढ़ना संभव नहीं माना जा रहा। इसी वजह से बोर्ड के समक्ष इस योजना को औपचारिक रूप से बंद करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
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H Rajesh Prasad , Chief Secretary of Chandigarh
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक आज मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में होने जा रही है।
बैठक में शहर की आवासीय योजनाओं, हजारों आवंटियों को राहत, बोर्ड की वित्तीय स्थिति और भविष्य की परियोजनाओं से जुड़े 16 अहम एजेंडों पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।
बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा वर्ष 2018 में शुरू की गई सेक्टर-53 की 492 फ्लैटों वाली जनरल हाउसिंग स्कीम को औपचारिक रूप से बंद करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सेक्टर-51ए सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम-2016 के फ्लैट मालिकों की लॉक-इन अवधि कम करने, छोटे फ्लैट योजना के डिफॉल्टरों को राहत देने, हाईराइज परियोजनाओं और मास्टर प्लान-2031 से जुड़े मुद्दों पर भी फैसला होने की संभावना है।
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वर्ष 2018 में शुरू की गई इस योजना के तहत 492 आवासीय फ्लैट विकसित किए जाने थे। योजना को सफल बनाने के लिए सीएचबी ने तीन बार डिमांड सर्वे कराया लेकिन पर्याप्त आवेदन नहीं मिले। इसके चलते कई आवेदकों की जमा राशि वापस करनी पड़ी और परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
बोर्ड इस परियोजना पर सर्वे, डिजाइन, तकनीकी अध्ययन और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है। इसके अलावा परियोजना के लिए प्राप्त पर्यावरणीय मंजूरी (एनवायरमेंट क्लीयरेंस) की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे में बोर्ड के सामने योजना को समाप्त करने या अगले आदेश तक स्थगित रखने का विकल्प रखा जाएगा।
बैठक में सीएचबी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल को दो वर्ष का सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। मंजूरी मिलने पर उनका कार्यकाल 10 मार्च 2028 तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी के लिए एलआईसी को लगभग 4.93 करोड़ के भुगतान, रिवाइवल चार्ज संशोधित करने तथा आउटी स्कीम-2017 के तहत फ्लैट आवंटन से जुड़े वित्तीय नुकसान के मामलों पर भी निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के एजेंडे में नीड-बेस्ड चेंजेज को नियमित करने, सीएचबी की खाली जमीनों पर हाईराइज आवासीय परियोजनाएं विकसित करने, आईटी पार्क क्षेत्र के विस्तार और संशोधित मास्टर प्लान-2031 से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।
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बैठक में शहर की आवासीय योजनाओं, हजारों आवंटियों को राहत, बोर्ड की वित्तीय स्थिति और भविष्य की परियोजनाओं से जुड़े 16 अहम एजेंडों पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।
बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा वर्ष 2018 में शुरू की गई सेक्टर-53 की 492 फ्लैटों वाली जनरल हाउसिंग स्कीम को औपचारिक रूप से बंद करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सेक्टर-51ए सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम-2016 के फ्लैट मालिकों की लॉक-इन अवधि कम करने, छोटे फ्लैट योजना के डिफॉल्टरों को राहत देने, हाईराइज परियोजनाओं और मास्टर प्लान-2031 से जुड़े मुद्दों पर भी फैसला होने की संभावना है।
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मास्टर प्लान के बिना आगे नहीं बढ़ सकी सेक्टर-53 योजना
सूत्रों के अनुसार संशोधित मास्टर प्लान-2031 को अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण सेक्टर-53 परियोजना पर आगे बढ़ना संभव नहीं माना जा रहा। इसी वजह से बोर्ड के समक्ष इस योजना को औपचारिक रूप से बंद करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
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वर्ष 2018 में शुरू की गई इस योजना के तहत 492 आवासीय फ्लैट विकसित किए जाने थे। योजना को सफल बनाने के लिए सीएचबी ने तीन बार डिमांड सर्वे कराया लेकिन पर्याप्त आवेदन नहीं मिले। इसके चलते कई आवेदकों की जमा राशि वापस करनी पड़ी और परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
बोर्ड इस परियोजना पर सर्वे, डिजाइन, तकनीकी अध्ययन और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है। इसके अलावा परियोजना के लिए प्राप्त पर्यावरणीय मंजूरी (एनवायरमेंट क्लीयरेंस) की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे में बोर्ड के सामने योजना को समाप्त करने या अगले आदेश तक स्थगित रखने का विकल्प रखा जाएगा।
बैठक में सीएचबी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल को दो वर्ष का सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। मंजूरी मिलने पर उनका कार्यकाल 10 मार्च 2028 तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी के लिए एलआईसी को लगभग 4.93 करोड़ के भुगतान, रिवाइवल चार्ज संशोधित करने तथा आउटी स्कीम-2017 के तहत फ्लैट आवंटन से जुड़े वित्तीय नुकसान के मामलों पर भी निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के एजेंडे में नीड-बेस्ड चेंजेज को नियमित करने, सीएचबी की खाली जमीनों पर हाईराइज आवासीय परियोजनाएं विकसित करने, आईटी पार्क क्षेत्र के विस्तार और संशोधित मास्टर प्लान-2031 से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।