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Sonipat News: मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रबंधन की समीक्षा की, कहा- सभी तैयारियां पूरी रखें
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फोटो : सोनीपत लघु सचिवालय में मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंस के दौरान उपायुक्त नेहा सिंह, निगम
- फोटो : Samvad
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सोनीपत। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मानसून के मद्देनजर बाढ़ प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान कहीं भी लंबे समय तक जलभराव न रहे और बाढ़ राहत व आपदा प्रबंधन की सभी तैयारियां पूरी रखी जाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद उपायुक्त नेहा सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में जलभराव रोकने के लिए समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित जलभराव वाले स्थानों की लगातार निगरानी की जाए और बारिश के दौरान पानी की निकासी समय पर सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों, मशीनरी, नावों, पंपिंग सेट, जनरेटर और अन्य संसाधनों की उपलब्धता व कार्यशीलता की नियमित जांच की जाए। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखें। इस दौरान निगम आयुक्त हर्षित कुमार, डॉ. अनमोल, सुशील शर्मा, कीर्ति, मंजीत हुड्डा, नितिन भट्ट, गौतम कुमार, नवीन गोयत और प्रशांत कौशिक उपस्थित रहे।
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ड्रेनों की निगरानी और आपातकालीन तैयारी
उपायुक्त ने ड्रेनों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। पानी के प्रवाह में रुकावट होने पर उसे तत्काल हटाकर निकासी सुनिश्चित की जाए। सिंचाई विभाग, नगर निगम, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय से कार्य करें। जिन स्थानों पर हर साल जलभराव होता है, वहां पर्याप्त क्षमता वाले पंप सेट, जनरेटर और अन्य उपकरण उपलब्ध रखे जाएं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी पहले से निर्धारित की जाए ताकि राहत कार्य तुरंत शुरू हो सकें।
यमुना क्षेत्र पर विशेष निगरानी
बैठक में यमुना नदी क्षेत्र पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों की तुरंत नियुक्ति की जाए। राजस्व, सिंचाई, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग सतर्कता से कार्य करें ताकि जन-धन हानि से बचा जा सके। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद उपायुक्त नेहा सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में जलभराव रोकने के लिए समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित जलभराव वाले स्थानों की लगातार निगरानी की जाए और बारिश के दौरान पानी की निकासी समय पर सुनिश्चित की जाए।
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उपायुक्त ने निर्देश दिए कि बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों, मशीनरी, नावों, पंपिंग सेट, जनरेटर और अन्य संसाधनों की उपलब्धता व कार्यशीलता की नियमित जांच की जाए। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखें। इस दौरान निगम आयुक्त हर्षित कुमार, डॉ. अनमोल, सुशील शर्मा, कीर्ति, मंजीत हुड्डा, नितिन भट्ट, गौतम कुमार, नवीन गोयत और प्रशांत कौशिक उपस्थित रहे।
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ड्रेनों की निगरानी और आपातकालीन तैयारी
उपायुक्त ने ड्रेनों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। पानी के प्रवाह में रुकावट होने पर उसे तत्काल हटाकर निकासी सुनिश्चित की जाए। सिंचाई विभाग, नगर निगम, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय से कार्य करें। जिन स्थानों पर हर साल जलभराव होता है, वहां पर्याप्त क्षमता वाले पंप सेट, जनरेटर और अन्य उपकरण उपलब्ध रखे जाएं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी पहले से निर्धारित की जाए ताकि राहत कार्य तुरंत शुरू हो सकें।
यमुना क्षेत्र पर विशेष निगरानी
बैठक में यमुना नदी क्षेत्र पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों की तुरंत नियुक्ति की जाए। राजस्व, सिंचाई, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग सतर्कता से कार्य करें ताकि जन-धन हानि से बचा जा सके। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं।