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Sonipat News: पावर ग्रिड के खिलाफ किसानों का धरना 64वें दिन जारी, बोले-पहले पूरा भुगतान, फिर काम
Tue, 11 Aug 2026 09:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 11 Aug 2026 09:24 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गुहणा गांव में पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के लिए जमीन लिए जाने के विरोध में प्रभावित किसानों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 64वें दिन भी जारी रहा। धरनारत किसानों और धरना कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी मांग केवल जमीन का उचित मूल्यांकन कर पूरा भुगतान किए जाने की है। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उचित कीमत तय कर उसका पूरा भुगतान नहीं किया जाता, तब तक जमीन पर काम शुरू नहीं करने दिया जाएगा।
किसानों ने बताया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने भी मामला लोकसभा में उठाने की बात कही है। हाईटेंशन लाइन के लिए जमीन के बदले उन्हें क्षेत्र की वास्तविक बाजार कीमत के अनुरूप मुआवजा मिलना चाहिए। किसान अपनी मांगों और जमीन की प्रस्तावित कीमतों से संबंधित लिखित जानकारी कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और उपायुक्त नेहा सिंह समेत संबंधित अधिकारियों को दे चुके हैं।
किसानों के अनुसार संबंधित जमीन एनसीआर के फ्री-जोन में आती है, जिसके कारण यहां जमीन के भाव काफी अधिक हैं। छोटी जोत वाले किसानों का कहना है कि खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में जमीन का कम मूल्यांकन होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। धरना कमेटी ने आरोप लगाया कि पावर ग्रिड की ओर से भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई। जाजी, मोहाना, गुहणा, भैंसवाल, आंवली और बिलबिलान गांवों के लिए तय की जा रही कीमतों को किसानों ने तर्कसंगत नहीं बताया। प्रभावित किसानों ने कहा कि वे जल्द ही केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से दोबारा मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे और उचित मुआवजा मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
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सोनीपत। गुहणा गांव में पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के लिए जमीन लिए जाने के विरोध में प्रभावित किसानों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 64वें दिन भी जारी रहा। धरनारत किसानों और धरना कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी मांग केवल जमीन का उचित मूल्यांकन कर पूरा भुगतान किए जाने की है। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उचित कीमत तय कर उसका पूरा भुगतान नहीं किया जाता, तब तक जमीन पर काम शुरू नहीं करने दिया जाएगा।
किसानों ने बताया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने भी मामला लोकसभा में उठाने की बात कही है। हाईटेंशन लाइन के लिए जमीन के बदले उन्हें क्षेत्र की वास्तविक बाजार कीमत के अनुरूप मुआवजा मिलना चाहिए। किसान अपनी मांगों और जमीन की प्रस्तावित कीमतों से संबंधित लिखित जानकारी कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और उपायुक्त नेहा सिंह समेत संबंधित अधिकारियों को दे चुके हैं।
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किसानों के अनुसार संबंधित जमीन एनसीआर के फ्री-जोन में आती है, जिसके कारण यहां जमीन के भाव काफी अधिक हैं। छोटी जोत वाले किसानों का कहना है कि खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में जमीन का कम मूल्यांकन होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। धरना कमेटी ने आरोप लगाया कि पावर ग्रिड की ओर से भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई। जाजी, मोहाना, गुहणा, भैंसवाल, आंवली और बिलबिलान गांवों के लिए तय की जा रही कीमतों को किसानों ने तर्कसंगत नहीं बताया। प्रभावित किसानों ने कहा कि वे जल्द ही केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से दोबारा मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे और उचित मुआवजा मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
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