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बजट सत्र में सरकार ने नहीं दिए ठीक जवाब : विधायक इंदुराज नरवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 21 Mar 2026 02:45 AM IST
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बजट सत्र में सवालों को नजरअंदाज करने की बात को लेकर प्रेसवार्ता करते इंदुराज नरवाल। स्रोत : संव
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गोहाना। बरोदा के विधायक इंदुराज नरवाल भालू ने गोहाना स्थित अपने कार्यालय में कहा कि विधानसभा के बजट सत्र में उनके ज्यादातर सवालों पर सरकार ने या तो ठीक जवाब नहीं दिया या सवाल ही रद्द कर दिए जिससे जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कथूरा, आहुलाना, सिवानका माइनर और बुटाना डिस्ट्रीब्यूटरी के पुनर्निर्माण के एस्टीमेट पिछले दो साल से लंबित पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार भी बजट का बहाना बनाकर काम टाल दिया गया है। रिंढाणा में मल्टीपरपज कबड्डी हॉल की 2016 में घोषणा हुई थी लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। गांव से 19 अंतरराष्ट्रीय और करीब 400 राष्ट्रीय खिलाड़ी होने के बावजूद सरकार ध्यान नहीं दे रही।
बुटाना के चौ. धज्जा राम जनता महाविद्यालय को विश्वविद्यालय बनाने का सवाल बिना कारण रद्द कर दिया गया। अमृत सरोवर योजना के तहत 21 तालाबों का काम भी दो साल से अटका है और 16 करोड़ में से सिर्फ 2 करोड़ रुपये ही जारी हुए हैं।
आईएमटी और राइस मिल की स्थापना से जुड़े सवाल भी रद्द कर दिए गए। विधायक ने कहा कि सरकार जमीन की कमी बता रही है जबकि वे खुद जमीन उपलब्ध कराने को तैयार हैं। हलके में गंदे पानी की निकासी को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री ने खुद माना कि इस पर न कोई सर्वे हुआ और न कोई योजना बनी है।
बनवासा पीएचसी को लेकर भी सरकार ने जरूरत से इनकार किया जबकि भवन कंडम हो चुका है। कच्चे रास्तों को पक्का करने, पश्चिमी बाईपास, नहरी खाल के नवनिर्माण और गांवों की फिरनियों से जुड़े सवाल भी रद्द कर दिए गए या लंबे समय से अटके हुए हैं।
अंत में विधायक ने कहा कि वे हलके के हर मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे और जनता के हकों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि राजनीतिक भेदभाव छोड़कर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा किया जाए।
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उन्होंने कहा कि इस बार भी बजट का बहाना बनाकर काम टाल दिया गया है। रिंढाणा में मल्टीपरपज कबड्डी हॉल की 2016 में घोषणा हुई थी लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। गांव से 19 अंतरराष्ट्रीय और करीब 400 राष्ट्रीय खिलाड़ी होने के बावजूद सरकार ध्यान नहीं दे रही।
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बुटाना के चौ. धज्जा राम जनता महाविद्यालय को विश्वविद्यालय बनाने का सवाल बिना कारण रद्द कर दिया गया। अमृत सरोवर योजना के तहत 21 तालाबों का काम भी दो साल से अटका है और 16 करोड़ में से सिर्फ 2 करोड़ रुपये ही जारी हुए हैं।
आईएमटी और राइस मिल की स्थापना से जुड़े सवाल भी रद्द कर दिए गए। विधायक ने कहा कि सरकार जमीन की कमी बता रही है जबकि वे खुद जमीन उपलब्ध कराने को तैयार हैं। हलके में गंदे पानी की निकासी को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री ने खुद माना कि इस पर न कोई सर्वे हुआ और न कोई योजना बनी है।
बनवासा पीएचसी को लेकर भी सरकार ने जरूरत से इनकार किया जबकि भवन कंडम हो चुका है। कच्चे रास्तों को पक्का करने, पश्चिमी बाईपास, नहरी खाल के नवनिर्माण और गांवों की फिरनियों से जुड़े सवाल भी रद्द कर दिए गए या लंबे समय से अटके हुए हैं।
अंत में विधायक ने कहा कि वे हलके के हर मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे और जनता के हकों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि राजनीतिक भेदभाव छोड़कर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा किया जाए।