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Sonipat News: संगठनों ने निकाला जुलूस, बैंकों में 400 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 13 Feb 2026 01:20 AM IST
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फोटो 14: राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान सोनीपत शहर में जुलूस निकालते विभिन्न विभागों के कर्मचार
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सोनीपत। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर वीरवार को देशव्यापी हड़ताल की गई मगर इसका असर कुछ खास नहीं दिखाई दिया। हड़ताल की वजह से सफाई नहीं की गई। 263 सफाई कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल हाेने से बाजारों में जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आए।
कूड़े का उठान नहीं होने की वजह से दुकानदारों ने उसमें आग लगाते नजर आए। कर्मचारियों ने विभिन्न संगठनों के साथ एकत्रित होकर शहर में जुलूस निकाला। वहीं, सोनीपत बस अड्डे पर रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शन किया। हालांकि, रोडवेज बसों का संचालन जारी रहा।
सार्वजनिक बैंकों के लिपिक ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया। इसकी वजह से करीब 400 करोड़ रुपये का लेन देन प्रभावित रहा। हड़ताल के कारण बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। जिलेभर में 19 कानूनगो और 73 पटवारी भी हड़ताल पर हैं।
इनकी हटताल की वजह से 30 जनवरी से इंतकाल व प्रमाणपत्र सत्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले में रोजाना 400 इंतकाल दर्ज किए जाते हैं। 5 फरवरी से गिरदावरी भी बंद है। पटवारखाने पर ताले लटके हुए हैं। 4 फरवरी से उनका उपमंडल खरखौदा कार्यालय में धरना जारी है। 1200 आशा कार्यकर्ता और 100 बिजली कर्मियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया।
नगर निगम कार्यालय से विभिन्न संगठनों के सदस्यों व पदाधिकारियों ने रेलवे रोड, गीता भवन चौक होते हुए बस अड्डे तक जुलूस निकाला। कर्मचारी नेता शीलकराम मलिक, जयभगवान दहिया, सुनीता, राजाभाई, भारत कंडेरा ने कहा कि श्रमिकों के लंबे संघर्ष से हासिल 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 लेबर कोड लागू कर दिए गए हैं जो श्रमिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश है। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि इससे बिजली का निजीकरण तेज होगा, दरें बढ़ेंगी और प्रीपेड व्यवस्था लागू कर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जाएगा।
हड़ताल में यह संगठन शामिल हुए
यह हड़ताल सीटू, एआईटीयूसी, इंटक, एटक, कर्मचारी महासंघ सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर कर्मचारी संघ, किसान संगठन, नागरिक अधिकार मंच, मजदूर अधिकार संगठन एवं रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेतृत्व में की गई।
बिजली निगम कार्यालय में एकत्रित होकर धरना दिया
खरखौदा। खंड के सर्व कर्मचारी संघ के सदस्यों ने ब्लॉक प्रधान प्रतीक के नेतृत्व में बिजली निगम कार्यालय में धरना दिया। इस दौरान संघ के कर्मचारी नेताओं ने सरकारी पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। प्रधानी करते हुए प्रतीक ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। आज स्थिति यह है कि कर्मचारी वर्ग हर स्तर पर प्रताड़ित है। कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा रहा है। समान काम-समान वेतन का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के राज्य सचिव व जिला प्रधान सन्नी ने कहा कि सरकार लगातार विभागों का निजीकरण कर रही है। इससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते लेबर कार्ड रद्द करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और समान काम समान वेतन जैसी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वह आगामी चुनाव में सरकार को जवाब देंगे।
वहीं, दूसरी तरफ उपमंडल कार्यालय में चल रहा पटवारियों का धरना वीरवार को भी जारी रहा। पटवारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने के साथ ही यहां पर भी धरना दिया। हड़ताल में आशा वर्कर, पटवारी, बिजली निगम, ग्रामीण सफाई कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
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कूड़े का उठान नहीं होने की वजह से दुकानदारों ने उसमें आग लगाते नजर आए। कर्मचारियों ने विभिन्न संगठनों के साथ एकत्रित होकर शहर में जुलूस निकाला। वहीं, सोनीपत बस अड्डे पर रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शन किया। हालांकि, रोडवेज बसों का संचालन जारी रहा।
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सार्वजनिक बैंकों के लिपिक ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया। इसकी वजह से करीब 400 करोड़ रुपये का लेन देन प्रभावित रहा। हड़ताल के कारण बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। जिलेभर में 19 कानूनगो और 73 पटवारी भी हड़ताल पर हैं।
इनकी हटताल की वजह से 30 जनवरी से इंतकाल व प्रमाणपत्र सत्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले में रोजाना 400 इंतकाल दर्ज किए जाते हैं। 5 फरवरी से गिरदावरी भी बंद है। पटवारखाने पर ताले लटके हुए हैं। 4 फरवरी से उनका उपमंडल खरखौदा कार्यालय में धरना जारी है। 1200 आशा कार्यकर्ता और 100 बिजली कर्मियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया।
नगर निगम कार्यालय से विभिन्न संगठनों के सदस्यों व पदाधिकारियों ने रेलवे रोड, गीता भवन चौक होते हुए बस अड्डे तक जुलूस निकाला। कर्मचारी नेता शीलकराम मलिक, जयभगवान दहिया, सुनीता, राजाभाई, भारत कंडेरा ने कहा कि श्रमिकों के लंबे संघर्ष से हासिल 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 लेबर कोड लागू कर दिए गए हैं जो श्रमिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश है। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि इससे बिजली का निजीकरण तेज होगा, दरें बढ़ेंगी और प्रीपेड व्यवस्था लागू कर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जाएगा।
हड़ताल में यह संगठन शामिल हुए
यह हड़ताल सीटू, एआईटीयूसी, इंटक, एटक, कर्मचारी महासंघ सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर कर्मचारी संघ, किसान संगठन, नागरिक अधिकार मंच, मजदूर अधिकार संगठन एवं रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेतृत्व में की गई।
बिजली निगम कार्यालय में एकत्रित होकर धरना दिया
खरखौदा। खंड के सर्व कर्मचारी संघ के सदस्यों ने ब्लॉक प्रधान प्रतीक के नेतृत्व में बिजली निगम कार्यालय में धरना दिया। इस दौरान संघ के कर्मचारी नेताओं ने सरकारी पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। प्रधानी करते हुए प्रतीक ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। आज स्थिति यह है कि कर्मचारी वर्ग हर स्तर पर प्रताड़ित है। कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा रहा है। समान काम-समान वेतन का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के राज्य सचिव व जिला प्रधान सन्नी ने कहा कि सरकार लगातार विभागों का निजीकरण कर रही है। इससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते लेबर कार्ड रद्द करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और समान काम समान वेतन जैसी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वह आगामी चुनाव में सरकार को जवाब देंगे।
वहीं, दूसरी तरफ उपमंडल कार्यालय में चल रहा पटवारियों का धरना वीरवार को भी जारी रहा। पटवारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने के साथ ही यहां पर भी धरना दिया। हड़ताल में आशा वर्कर, पटवारी, बिजली निगम, ग्रामीण सफाई कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।

फोटो 14: राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान सोनीपत शहर में जुलूस निकालते विभिन्न विभागों के कर्मचार

फोटो 14: राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान सोनीपत शहर में जुलूस निकालते विभिन्न विभागों के कर्मचार

फोटो 14: राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान सोनीपत शहर में जुलूस निकालते विभिन्न विभागों के कर्मचार

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