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Sonipat News: नाले साफ कर छोड़ दी गाद, हादसे का इंतजार कर रहा नगर परिषद
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फोटो-54: नालों की सफाई के बाद मौके पर पड़ी गाद व बिखरे पड़े स्लैब। संवाद
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बहादुरगढ़। बरसात में जलभराव और हादसों से बचाव के लिए नगर परिषद ने 1.69 करोड़ रुपये में नालों की सफाई का ठेका दिया है लेकिन शहर में सफाई कार्य अधूरा पड़ा है। कई स्थानों पर गाद सड़क किनारे पड़ी है और खुले नाले व हटाए गए स्लैब लोगों के लिए हादसे का खतरा बने हुए हैं।
नगर परिषद की ओर से शहर के करीब 40 नालों की सफाई कराई जा रही है लेकिन कई स्थानों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया है। नालों से निकाली गई गाद कई दिनों से सड़क किनारे पड़ी है जिससे गंदगी और बदबू फैल रही है। वहीं खुले पड़े नाले और हटाए गए स्लैब राहगीरों व वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। बारिश के दौरान पानी भरने पर ये दिखाई नहीं देंगे जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
ठेके की शर्तों के अनुसार नालों की सफाई के साथ गाद का तत्काल उठान, हटाए गए स्लैब दोबारा लगाना और करीब दो हजार क्षतिग्रस्त स्लैब बदलना भी ठेकेदार की जिम्मेदारी है। सफाई के दौरान कोई स्लैब टूटने पर नया स्लैब लगाना भी अनुबंध में शामिल है। इसके बावजूद कई स्थानों पर स्लैब अब भी नहीं लगाए गए हैं।
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पार्षद सत्यप्रकाश छिकारा ने बताया कि सेक्टर-6 में उन्होंने अपने वार्ड के नियमित सफाई कर्मचारियों से ही नालों की सफाई करवाई। उनका कहना है कि ठेके के तहत सफाई कराने का इंतजार करने पर काम समय पर नहीं हो पाता।
शहरवासी पप्पू दलाल, जयपाल सांगवान, राजकुमार अरोड़ा और भूप सिंह ने आरोप लगाया कि ठेकेदार केवल औपचारिकता निभा रहा है। कई जगह गाद नहीं उठाई गई और स्लैब भी दोबारा नहीं लगाए गए। उनका कहना है कि कई वार्डों में लोगों को अपने स्तर पर सफाई कर्मचारियों से नाले साफ कराने पड़ रहे हैं।
वर्जन
नालों की सफाई का कार्य चल रहा है। फिलहाल बारिश को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर नालों की सफाई कराई जा रही है। जहां पर सफाई हो रही है वहां से गाद उठाने व दोबारा स्लैब ढंकने का काम भी जल्द ही करवाया जाएगा।
सुनील हुड्डा, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, बहादुरगढ़
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नगर परिषद की ओर से शहर के करीब 40 नालों की सफाई कराई जा रही है लेकिन कई स्थानों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया है। नालों से निकाली गई गाद कई दिनों से सड़क किनारे पड़ी है जिससे गंदगी और बदबू फैल रही है। वहीं खुले पड़े नाले और हटाए गए स्लैब राहगीरों व वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। बारिश के दौरान पानी भरने पर ये दिखाई नहीं देंगे जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
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ठेके की शर्तों के अनुसार नालों की सफाई के साथ गाद का तत्काल उठान, हटाए गए स्लैब दोबारा लगाना और करीब दो हजार क्षतिग्रस्त स्लैब बदलना भी ठेकेदार की जिम्मेदारी है। सफाई के दौरान कोई स्लैब टूटने पर नया स्लैब लगाना भी अनुबंध में शामिल है। इसके बावजूद कई स्थानों पर स्लैब अब भी नहीं लगाए गए हैं।
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पार्षद सत्यप्रकाश छिकारा ने बताया कि सेक्टर-6 में उन्होंने अपने वार्ड के नियमित सफाई कर्मचारियों से ही नालों की सफाई करवाई। उनका कहना है कि ठेके के तहत सफाई कराने का इंतजार करने पर काम समय पर नहीं हो पाता।
शहरवासी पप्पू दलाल, जयपाल सांगवान, राजकुमार अरोड़ा और भूप सिंह ने आरोप लगाया कि ठेकेदार केवल औपचारिकता निभा रहा है। कई जगह गाद नहीं उठाई गई और स्लैब भी दोबारा नहीं लगाए गए। उनका कहना है कि कई वार्डों में लोगों को अपने स्तर पर सफाई कर्मचारियों से नाले साफ कराने पड़ रहे हैं।
वर्जन
नालों की सफाई का कार्य चल रहा है। फिलहाल बारिश को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर नालों की सफाई कराई जा रही है। जहां पर सफाई हो रही है वहां से गाद उठाने व दोबारा स्लैब ढंकने का काम भी जल्द ही करवाया जाएगा।
सुनील हुड्डा, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, बहादुरगढ़

फोटो-54: नालों की सफाई के बाद मौके पर पड़ी गाद व बिखरे पड़े स्लैब। संवाद

फोटो-54: नालों की सफाई के बाद मौके पर पड़ी गाद व बिखरे पड़े स्लैब। संवाद