{"_id":"697f5e9bcaccc67f0b0deb28","slug":"the-weather-changed-dramatically-at-midnight-hailstorms-and-drizzle-have-increased-farmers-concerns-sonipat-news-c-197-1-snp1001-149028-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: आधी रात को बदला मौसम का मिजाज, ओलावृष्टि के साथ बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: आधी रात को बदला मौसम का मिजाज, ओलावृष्टि के साथ बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 01 Feb 2026 07:48 PM IST
विज्ञापन
फोटो :18: सोनीपत के मामा भांजा के पास सड़क पर भरा पानी। संवाद
विज्ञापन
सोनीपत। आधी रात को अचानक बदले मौसम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। शनिवार रात को करीब साढ़े बारह बजे राई क्षेत्र में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। गरज के साथ हल्की बारिश भी हुई। देर रात से ही जिले में रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी है। सुबह 11 बजे धूप निकलने से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते जिले के अधिकांश हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम प्रणाली का असर सोमवार तक बना रह सकता है। हालांकि इसके बाद एक बार फिर शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है।
जनवरी के अंतिम सप्ताह से ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। 31 जनवरी को भी एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ था जिसके कारण रात में ही मौसम का मिजाज बदल गया। रविवार सुबह तक बूंदाबांदी होती रही। सरगथल केंद्र पर रविवार को न्यूनतम 10.9 और अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दो किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवा चली।
ओलावृष्टि से जहां सब्जी और सरसों की फसल में नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम में आई ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभकारी मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र के अनुसार दस दिन में हुई रुक-रुक कर बारिश से गेहूं की बढ़वार बेहतर होगी। तेज बारिश और ज्यादा ओलावृष्टि न होने के कारण फिलहाल सब्जियों की फसल में नुकसान की आशंका कम ही है।
कीचड़ व जलभराव से हुई परेशानी
शहर में बूंदाबांदी के बाद कीचड़ व जलभराव ने परेशानी बड़ा दी है। महलाना रोड पर सीवरेज मरम्मत के बाद सड़क न बनने से कीचड़ जमा हो गया जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ककरोई रोड की हालत भी बदतर हो गई, जहां गड्ढों में पानी भरने से आवागमन जोखिम भरा हो गया।
कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के चलते बूंदाबांदी हुई है। वातावरण में नमी बढ़ने से आने वाले दिनों में सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल जिले में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है और लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत
Trending Videos
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते जिले के अधिकांश हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम प्रणाली का असर सोमवार तक बना रह सकता है। हालांकि इसके बाद एक बार फिर शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनवरी के अंतिम सप्ताह से ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। 31 जनवरी को भी एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ था जिसके कारण रात में ही मौसम का मिजाज बदल गया। रविवार सुबह तक बूंदाबांदी होती रही। सरगथल केंद्र पर रविवार को न्यूनतम 10.9 और अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दो किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवा चली।
ओलावृष्टि से जहां सब्जी और सरसों की फसल में नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम में आई ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभकारी मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र के अनुसार दस दिन में हुई रुक-रुक कर बारिश से गेहूं की बढ़वार बेहतर होगी। तेज बारिश और ज्यादा ओलावृष्टि न होने के कारण फिलहाल सब्जियों की फसल में नुकसान की आशंका कम ही है।
कीचड़ व जलभराव से हुई परेशानी
शहर में बूंदाबांदी के बाद कीचड़ व जलभराव ने परेशानी बड़ा दी है। महलाना रोड पर सीवरेज मरम्मत के बाद सड़क न बनने से कीचड़ जमा हो गया जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ककरोई रोड की हालत भी बदतर हो गई, जहां गड्ढों में पानी भरने से आवागमन जोखिम भरा हो गया।
कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के चलते बूंदाबांदी हुई है। वातावरण में नमी बढ़ने से आने वाले दिनों में सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल जिले में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है और लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत
