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तंबाकू और शराब कैंसर के सबसे बड़े दुश्मन : डॉ. राकेश अग्रवाल
Tue, 30 Jun 2026 05:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 30 Jun 2026 05:42 AM IST
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फोटो : सोनीपत के रेल हाईराइजर सोसाइटी, सेक्टर-10 में विशेष जागरूकता सेमिनार को संबोधित करते वर
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सोनीपत। कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि कैंसर है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन डरने की बात नहीं है। अगर शुरुआती स्टेज में पता चल जाए तो 90 फीसदी से ज्यादा केस में मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है। तंबाकू और शराब इसके होनेे के सबसे बड़े कारण हैं। यह बात वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश अग्रवाल ने कही।
वह सोमवार को कैंसर को लेकर फैली दहशत और भ्रांतियों को तोड़ने के लिए रेल हाईराइजर सोसाइटी सेक्टर-10 में विशेष जागरूकता सेमिनार में अपने विचार रख रहे थे। अमर उजाला और एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल के संयुक्त अभियान में डॉ. राअग्रवाल और स्त्री रोग कैंसर विशेषज्ञ डॉ. वैशाली जाम्रे ने कैंसर के कारण, लक्षण व बचाव की जानकारी दी।
वहीं डॉ. वैशाली जाम्रे ने महिलाओं को बताया कि देश में महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर सबसे ज्यादा है, पर दोनों की रोकथाम संभव है। ब्रेस्ट में गांठ, साइज में बदलाव, निप्पल से स्राव, त्वचा का सख्त होना या गड्ढा पड़ना ब्रेस्ट कैंसर के संकेत हैं।
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इससे बचने के लिए 30 की उम्र के बाद हर महीने सेल्फ-एग्जामिनेशन और 40 के बाद सालाना मैमोग्राफी जरूरी है। वहीं, पीरियड्स के बीच रक्तस्राव, संबंध के बाद खून आना, लगातार सफेद पानी, पेल्विक एरिया में दर्द सर्वाइकल कैंसर के संकेत हैं। 12 से 26 साल की उम्र तक एचपीवी वैक्सीन लगवाने से 90 फीसदी तक सुरक्षा मिलती है।
मंच संचालन किरण यादव ने किया। विशेषज्ञों ने अपनी बात एक लाइन में कही कि अफवाहों पर नहीं, लक्षणों पर ध्यान दें। समय पर की गई एक जांच आपकी जिंदगी बचा सकती है।
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वह सोमवार को कैंसर को लेकर फैली दहशत और भ्रांतियों को तोड़ने के लिए रेल हाईराइजर सोसाइटी सेक्टर-10 में विशेष जागरूकता सेमिनार में अपने विचार रख रहे थे। अमर उजाला और एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल के संयुक्त अभियान में डॉ. राअग्रवाल और स्त्री रोग कैंसर विशेषज्ञ डॉ. वैशाली जाम्रे ने कैंसर के कारण, लक्षण व बचाव की जानकारी दी।
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वहीं डॉ. वैशाली जाम्रे ने महिलाओं को बताया कि देश में महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर सबसे ज्यादा है, पर दोनों की रोकथाम संभव है। ब्रेस्ट में गांठ, साइज में बदलाव, निप्पल से स्राव, त्वचा का सख्त होना या गड्ढा पड़ना ब्रेस्ट कैंसर के संकेत हैं।
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इससे बचने के लिए 30 की उम्र के बाद हर महीने सेल्फ-एग्जामिनेशन और 40 के बाद सालाना मैमोग्राफी जरूरी है। वहीं, पीरियड्स के बीच रक्तस्राव, संबंध के बाद खून आना, लगातार सफेद पानी, पेल्विक एरिया में दर्द सर्वाइकल कैंसर के संकेत हैं। 12 से 26 साल की उम्र तक एचपीवी वैक्सीन लगवाने से 90 फीसदी तक सुरक्षा मिलती है।
मंच संचालन किरण यादव ने किया। विशेषज्ञों ने अपनी बात एक लाइन में कही कि अफवाहों पर नहीं, लक्षणों पर ध्यान दें। समय पर की गई एक जांच आपकी जिंदगी बचा सकती है।

फोटो : सोनीपत के रेल हाईराइजर सोसाइटी, सेक्टर-10 में विशेष जागरूकता सेमिनार को संबोधित करते वर