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Sonipat News: पटवारखानों में कामकाज ठप, छह निलंबित पटवारियों को बहाल करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 02 Feb 2026 05:10 PM IST
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फोटो : सोनीपत लघु सचिवालय में धरना स्थल पर हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते पटरवारी व कानूनगो। संव
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सोनीपत। निलंबित पटवारियों के समर्थन में सोमवार को पटवारियों व कानूनगो के हड़ताल पर जाने से पटवारखानों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। काम न होने के कारण लोगों को वापस जाना पड़ रहा है। धरने पर बैठे पटवारियों व कानूनगो ने कहा कि निलंबित पटवारियों की बहाली तक हड़ताल जारी रहेगी।
प्रदेशभर में क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबा में गलत रिपोर्ट के मामले में निलंबित पटवारियों की बहाली की मांग लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। चेतावनी दी है कि पांच फरवरी से शुरू होने वाली फसल गिरदावरी भी नहीं करेंगे। सोमवार को लघु सचिवालय में धरना स्थल पर बैठे दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के सदस्यों ने नारेबाजी की।
एसोसिएशन के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 में फसल खराबा के लिए 6395 गांव के 529199 किसानों ने 31 लाख 234 एकड़ जमीन के लिए पंजीकरण किया था। इसका सत्यापन करने के लिए 1400 पटवारियों को 20 दिन का समय दिया था। उसके बाद 25 फीसदी रकबा तहसीलदार, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, नगराधीश व आयुक्त ने सत्यापन किया था।
जब पटवारी के सत्यापन की पड़ताल उच्च अधिकारियों ने भी की तो अकेले पटवारी को निलंबित करना गलत है। वह निलंबित पटवारियों की बहाली की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। इस मामले में 8 दिसंबर 2025 को भी पटवारियों व कानूनगो ने धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे थे।
इसके बाद भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान पटवारी अनिल, मनीष, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास भी मौजूद रहे।
काम कराने धरना स्थल पर पहुंच रहे लोग
लोग अपने काम कराने के लिए पटवारियों के धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। हालांकि पटवारी उनके काम करने के बजाय हड़ताल होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज रहे हैं। ऐसे में पटवारियों से संबंधित काम अटक रहे हैं। लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है।
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प्रदेशभर में क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबा में गलत रिपोर्ट के मामले में निलंबित पटवारियों की बहाली की मांग लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। चेतावनी दी है कि पांच फरवरी से शुरू होने वाली फसल गिरदावरी भी नहीं करेंगे। सोमवार को लघु सचिवालय में धरना स्थल पर बैठे दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के सदस्यों ने नारेबाजी की।
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एसोसिएशन के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 में फसल खराबा के लिए 6395 गांव के 529199 किसानों ने 31 लाख 234 एकड़ जमीन के लिए पंजीकरण किया था। इसका सत्यापन करने के लिए 1400 पटवारियों को 20 दिन का समय दिया था। उसके बाद 25 फीसदी रकबा तहसीलदार, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, नगराधीश व आयुक्त ने सत्यापन किया था।
जब पटवारी के सत्यापन की पड़ताल उच्च अधिकारियों ने भी की तो अकेले पटवारी को निलंबित करना गलत है। वह निलंबित पटवारियों की बहाली की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। इस मामले में 8 दिसंबर 2025 को भी पटवारियों व कानूनगो ने धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे थे।
इसके बाद भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान पटवारी अनिल, मनीष, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास भी मौजूद रहे।
काम कराने धरना स्थल पर पहुंच रहे लोग
लोग अपने काम कराने के लिए पटवारियों के धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। हालांकि पटवारी उनके काम करने के बजाय हड़ताल होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज रहे हैं। ऐसे में पटवारियों से संबंधित काम अटक रहे हैं। लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है।
