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Yamuna Nagar News: रादौर में 50 बेड के अस्पताल के लिए मिले 36.38 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 03 May 2026 01:15 AM IST
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रादौर में मौजूदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रादौर में लंबे समय से अटके 50 बेड के अस्पताल के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। अब डेढ़ एकड़ भूमि पर चार मंजिला अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसका नक्शा भी पास हो चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस परियोजना के लिए 36.38 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित करेगा।
अस्पताल के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा जमीन की कमी थी। विभाग के चीफ आर्किटेक्ट दो एकड़ जमीन पर ही भवन निर्माण की शर्त पर अड़े थे, जबकि मौके पर केवल डेढ़ एकड़ जमीन ही उपलब्ध थी।
अतिरिक्त जमीन न मिलने के कारण पहले तैयार किया गया नक्शा भी रद्द करना पड़ा था। इससे परियोजना कई वर्षों तक अटकी रही। अब नई परिस्थितियों के अनुसार डेढ़ एकड़ जमीन पर ही चार मंजिला भवन का डिजाइन तैयार कर स्वीकृत कर दिया गया है।
इस फैसले के बाद निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। रादौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्याम सिंह राणा के प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री होने के चलते भी इस परियोजना को लेकर प्रशासन और विभाग पर तेजी लाने का दबाव बना हुआ था।
रादौर क्षेत्र में फिलहाल स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। यहां केवल सीएचसी और पीएचसी स्तर की सेवाएं उपलब्ध हैं। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल तक जाना पड़ता है, जिसके लिए 20 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। रास्ते में जाम व जोखिम का खतरा अलग से रहता है। नए अस्पताल के बनने से करीब दो लाख आबादी को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। रादौर में अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 2015 में शुरू हुई थी। उस समय सीएचसी की करीब दो एकड़ एक कनाल जमीन पर तीन मंजिला भवन बनाने की योजना थी। वर्ष 2017 में सरकार ने 17 करोड़ का बजट भी मंजूर कर दिया था और नक्शा तैयार कर लिया गया था।
निर्माण की तैयारी के तहत परिसर में बने डॉक्टरों और स्टाफ के क्वार्टरों को भी तोड़ दिया गया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने आधा एकड़ जमीन पर दावा करते हुए कोर्ट में मामला दायर कर दिया, जिससे परियोजना पर रोक लग गई। लंबे समय तक मामला उलझा रहा और लागत बढ़कर 36 करोड़ 38 लाख रुपये तक पहुंच गई।
रादौर में अब डेढ़ एकड़ जमीन पर ही 50 बेड का अस्पताल बनेगा। इसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। पीडब्ल्यूडी इसके लिए जल्द ही निविदा लगाएगा। वह तय करेंगे कि कितने समय में इसका निर्माण पूरा होगा। -डॉ. विजय परमार, एसएमओ, सीएचसी रादौर।
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यमुनानगर। रादौर में लंबे समय से अटके 50 बेड के अस्पताल के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। अब डेढ़ एकड़ भूमि पर चार मंजिला अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसका नक्शा भी पास हो चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस परियोजना के लिए 36.38 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित करेगा।
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अस्पताल के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा जमीन की कमी थी। विभाग के चीफ आर्किटेक्ट दो एकड़ जमीन पर ही भवन निर्माण की शर्त पर अड़े थे, जबकि मौके पर केवल डेढ़ एकड़ जमीन ही उपलब्ध थी।
अतिरिक्त जमीन न मिलने के कारण पहले तैयार किया गया नक्शा भी रद्द करना पड़ा था। इससे परियोजना कई वर्षों तक अटकी रही। अब नई परिस्थितियों के अनुसार डेढ़ एकड़ जमीन पर ही चार मंजिला भवन का डिजाइन तैयार कर स्वीकृत कर दिया गया है।
इस फैसले के बाद निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। रादौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्याम सिंह राणा के प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री होने के चलते भी इस परियोजना को लेकर प्रशासन और विभाग पर तेजी लाने का दबाव बना हुआ था।
रादौर क्षेत्र में फिलहाल स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। यहां केवल सीएचसी और पीएचसी स्तर की सेवाएं उपलब्ध हैं। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल तक जाना पड़ता है, जिसके लिए 20 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। रास्ते में जाम व जोखिम का खतरा अलग से रहता है। नए अस्पताल के बनने से करीब दो लाख आबादी को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। रादौर में अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 2015 में शुरू हुई थी। उस समय सीएचसी की करीब दो एकड़ एक कनाल जमीन पर तीन मंजिला भवन बनाने की योजना थी। वर्ष 2017 में सरकार ने 17 करोड़ का बजट भी मंजूर कर दिया था और नक्शा तैयार कर लिया गया था।
निर्माण की तैयारी के तहत परिसर में बने डॉक्टरों और स्टाफ के क्वार्टरों को भी तोड़ दिया गया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने आधा एकड़ जमीन पर दावा करते हुए कोर्ट में मामला दायर कर दिया, जिससे परियोजना पर रोक लग गई। लंबे समय तक मामला उलझा रहा और लागत बढ़कर 36 करोड़ 38 लाख रुपये तक पहुंच गई।
रादौर में अब डेढ़ एकड़ जमीन पर ही 50 बेड का अस्पताल बनेगा। इसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। पीडब्ल्यूडी इसके लिए जल्द ही निविदा लगाएगा। वह तय करेंगे कि कितने समय में इसका निर्माण पूरा होगा। -डॉ. विजय परमार, एसएमओ, सीएचसी रादौर।
