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Yamuna Nagar News: कॉलेजों की स्नातक की 80 फीसदी सीटें खाली
Fri, 14 Aug 2026 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 14 Aug 2026 01:43 AM IST
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महाराजा अग्रसेन कॉलेेज में खाली बैठे दाखिला समिति के सदस्य। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के कॉलेजों में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया विद्यार्थियों और कॉलेज प्रबंधन दोनों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। अधिकांश कॉलेजों में करीब 80 फीसदी सीटें खाली हैं। नामी कॉलेज भी अभी तक 100 से अधिक दाखिले नहीं कर पाए हैं। कई सरकारी महाविद्यालयों में अब तक 50 से भी कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
जिले के प्रमुख हिंदू गर्ल्स कॉलेज में कुल 560 सीटों में से अभी तक महज 78 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इनमें भी कई विद्यार्थियों ने फीस जमा नहीं करवाई है। इसी तरह महाराजा अग्रसेन कॉलेज में कुल 800 सीटें हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 160 दाखिले हुए हैं। यानी यहां भी 20 फीसदी सीटें नहीं भर पाई हैं।
सरकारी कॉलेजों में दाखिलों की स्थिति इससे भी कमजोर है। राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर में अभी तक कुल 34 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इस महाविद्यालय में 240 सीटें हैं। इनमें वाणिज्य संकाय की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां अब तक सिर्फ छह विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
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राजकीय महाविद्यालय छछरौली में कुल 900 सीटों के मुकाबले अभी तक 366 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। इसमें करीब 40 फीसदी दाखिले हुए हैं, जबकि अन्य कॉलेज 20 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं, सबसे ज्यादा दाखिले शहर के मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में हुए हैं। इस संस्थान की 75 फीसदी सीटें भर चुकी हैं। कॉलेज की 1080 में से करीब 825 सीटें भर चुकी हैं और अभी काउंसिलिंग चल रही है।
निजी कॉलेजों के प्रति बढ़ा रुझान
इस बार विद्यार्थियों का निजी कॉलेज व विश्वविद्यालयों के प्रति रुझान ज्यादा बढ़ा है। निजी विश्वविद्यालय ऑनलाइन कोर्स के साथ विद्यार्थियों को ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करवा रही है। इस बार प्रक्रिया में देरी होने के कारण अधिकांश विद्यार्थियों का रुझान निजी विश्वविद्यालयों के प्रति ज्यादा बढ़ गया। इससे जिले के एडेड और राजकीय कॉलेज में दिक्कत हो गई है।
प्रक्रिया देरी से शुरू होने के कारण अधिकांश विद्यार्थियों ने निजी कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में दाखिला ले लिया। इससे एडेड व राजकीय कॉलेज में दाखिले कम हुए हैं। अभी प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी। - सुमन भाटिया, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। जिले के कॉलेजों में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया विद्यार्थियों और कॉलेज प्रबंधन दोनों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। अधिकांश कॉलेजों में करीब 80 फीसदी सीटें खाली हैं। नामी कॉलेज भी अभी तक 100 से अधिक दाखिले नहीं कर पाए हैं। कई सरकारी महाविद्यालयों में अब तक 50 से भी कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
जिले के प्रमुख हिंदू गर्ल्स कॉलेज में कुल 560 सीटों में से अभी तक महज 78 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इनमें भी कई विद्यार्थियों ने फीस जमा नहीं करवाई है। इसी तरह महाराजा अग्रसेन कॉलेज में कुल 800 सीटें हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 160 दाखिले हुए हैं। यानी यहां भी 20 फीसदी सीटें नहीं भर पाई हैं।
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सरकारी कॉलेजों में दाखिलों की स्थिति इससे भी कमजोर है। राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर में अभी तक कुल 34 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इस महाविद्यालय में 240 सीटें हैं। इनमें वाणिज्य संकाय की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां अब तक सिर्फ छह विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
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राजकीय महाविद्यालय छछरौली में कुल 900 सीटों के मुकाबले अभी तक 366 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। इसमें करीब 40 फीसदी दाखिले हुए हैं, जबकि अन्य कॉलेज 20 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं, सबसे ज्यादा दाखिले शहर के मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में हुए हैं। इस संस्थान की 75 फीसदी सीटें भर चुकी हैं। कॉलेज की 1080 में से करीब 825 सीटें भर चुकी हैं और अभी काउंसिलिंग चल रही है।
निजी कॉलेजों के प्रति बढ़ा रुझान
इस बार विद्यार्थियों का निजी कॉलेज व विश्वविद्यालयों के प्रति रुझान ज्यादा बढ़ा है। निजी विश्वविद्यालय ऑनलाइन कोर्स के साथ विद्यार्थियों को ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करवा रही है। इस बार प्रक्रिया में देरी होने के कारण अधिकांश विद्यार्थियों का रुझान निजी विश्वविद्यालयों के प्रति ज्यादा बढ़ गया। इससे जिले के एडेड और राजकीय कॉलेज में दिक्कत हो गई है।
प्रक्रिया देरी से शुरू होने के कारण अधिकांश विद्यार्थियों ने निजी कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में दाखिला ले लिया। इससे एडेड व राजकीय कॉलेज में दाखिले कम हुए हैं। अभी प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी। - सुमन भाटिया, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी।