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Yamuna Nagar News: पदक जीतने के सपने पर लगी चोट, थप्पड़ ने अखाड़े से कर दिया दूर
Mon, 03 Aug 2026 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:50 AM IST
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खेल महाकुंभ में जीते स्वर्ण पदक को दिखाते कृष्णा। परिजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 11वीं कक्षा का छात्र और उभरते कुश्ती खिलाड़ी कृष्णा आजकल अखाड़े में पसीना बहाने के बजाय कमरे में दर्द से कराहते हुए दिन गुजार रहे हैं। अब तक जिस खिलाड़ी ने हर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया, उसके सामने आज सवाल यह है कि क्या वह दोबारा पहले की तरह कुश्ती खेल पाएगा।
कान का पर्दा फटने के बाद चिकित्सकों ने उसे फिलहाल खेल गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। चार अगस्त को होने वाले जिलास्तरीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का कृष्णा का सपना भी टूट गया है। कृष्णा की कहान उस खिलाड़ी की है जिसने मेहनत और भविष्य संवारने का सपना देखा था।
कृष्णा का कहना है कि कान में लगातार दर्द रहता है। वह ठीक से खाना भी नहीं खा पा रहा। जबड़ा हिलाने पर दर्द बढ़ जाता है। किसी से सामान्य बातचीत करना भी उसके लिए मुश्किल हो गया है। मां नेहा का कहना है कि आज कृष्णा सबसे बड़ी चिंता दर्द नहीं, बल्कि यह है कि कहीं यह चोट उसके स्वर्णिम खेल करियर पर स्थायी विराम न लगा दे।
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अब परिवार की निगाहें पुलिस कार्रवाई और चिकित्सकीय रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि उसे न्याय मिलने के साथ-साथ अपने सपनों को फिर से उड़ान देने का मौका मिल सके। कृष्णा का छोटा भाई भी वेट लिफ्टिंग का खिलाड़ी हैं।
इतना ही नहीं उनकी मां भी फुटबाल की खिलाड़ी रही हैं। इसलिए वह अपने बच्चों का खेलों में ही कॅरियर बनाना चाहती थीं। जगाधरी निवासी शशिधर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनका बेटा कृष्णा जगाधरी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 11वीं कक्षा का छात्र है और कुश्ती में कई प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुका है।
परिजनों का आरोप है कि वीरवार सुबह वह करीब 10 मिनट की देरी से स्कूल पहुंचा था। इस पर प्रधानाचार्य ने उसे मैदान की सफाई करने और कूड़ा उठाने के लिए कहा। इनकार करने पर उसके दोनों कानों पर कई थप्पड़ मारे गए, जिससे उसके कान का पर्दा फट गया। अब डॉक्टरों ने उसके आसार करने की सलाह दी है।
कंधे से पकड़ कर धकेला था : प्रधानाचार्य
राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी के प्रधानाचार्य जावेद का कहना है कि छात्र को केवल स्कूल में चल रहे सफाई अभियान के लिए कहा था। वह मना कर रहा था। उसे कंधे से पकड़ कर हल्का धक्का दिया था। इससे कान का पर्दा कैसे फट सकता है। बाद में वह अपना कान खुजाने लग गया। परिजनों ने स्कूल में आकर हंगामा किया, जिससे विद्यार्थियों में डर का महौल बना रहा। स्कूल में हंगामा करने की शिकायत थाने में दी है।
समझौते का दबाव बनाया जा रहा : मां
मां नेहा का कहना है कि उन्हें सबसे अधिक पीड़ा इस बात की भी है कि घटना के तीन दिन बाद भी उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। उनका आरोप है कि उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। विभिन्न माध्यमों से सिफारिशें कराई जा रही हैं। परिवार का कहना है कि बेटे का खेल भविष्य दांव पर लग गया है। मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्र के परिजनों व प्रधानाचार्य की तरफ से भी शिकायत थाने में दी गई थी। दोनों शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विरेंद्र, थाना प्रभारी, सिटी जगाधरी।
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यमुनानगर। 11वीं कक्षा का छात्र और उभरते कुश्ती खिलाड़ी कृष्णा आजकल अखाड़े में पसीना बहाने के बजाय कमरे में दर्द से कराहते हुए दिन गुजार रहे हैं। अब तक जिस खिलाड़ी ने हर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया, उसके सामने आज सवाल यह है कि क्या वह दोबारा पहले की तरह कुश्ती खेल पाएगा।
कान का पर्दा फटने के बाद चिकित्सकों ने उसे फिलहाल खेल गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। चार अगस्त को होने वाले जिलास्तरीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का कृष्णा का सपना भी टूट गया है। कृष्णा की कहान उस खिलाड़ी की है जिसने मेहनत और भविष्य संवारने का सपना देखा था।
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कृष्णा का कहना है कि कान में लगातार दर्द रहता है। वह ठीक से खाना भी नहीं खा पा रहा। जबड़ा हिलाने पर दर्द बढ़ जाता है। किसी से सामान्य बातचीत करना भी उसके लिए मुश्किल हो गया है। मां नेहा का कहना है कि आज कृष्णा सबसे बड़ी चिंता दर्द नहीं, बल्कि यह है कि कहीं यह चोट उसके स्वर्णिम खेल करियर पर स्थायी विराम न लगा दे।
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अब परिवार की निगाहें पुलिस कार्रवाई और चिकित्सकीय रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि उसे न्याय मिलने के साथ-साथ अपने सपनों को फिर से उड़ान देने का मौका मिल सके। कृष्णा का छोटा भाई भी वेट लिफ्टिंग का खिलाड़ी हैं।
इतना ही नहीं उनकी मां भी फुटबाल की खिलाड़ी रही हैं। इसलिए वह अपने बच्चों का खेलों में ही कॅरियर बनाना चाहती थीं। जगाधरी निवासी शशिधर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनका बेटा कृष्णा जगाधरी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 11वीं कक्षा का छात्र है और कुश्ती में कई प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुका है।
परिजनों का आरोप है कि वीरवार सुबह वह करीब 10 मिनट की देरी से स्कूल पहुंचा था। इस पर प्रधानाचार्य ने उसे मैदान की सफाई करने और कूड़ा उठाने के लिए कहा। इनकार करने पर उसके दोनों कानों पर कई थप्पड़ मारे गए, जिससे उसके कान का पर्दा फट गया। अब डॉक्टरों ने उसके आसार करने की सलाह दी है।
कंधे से पकड़ कर धकेला था : प्रधानाचार्य
राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी के प्रधानाचार्य जावेद का कहना है कि छात्र को केवल स्कूल में चल रहे सफाई अभियान के लिए कहा था। वह मना कर रहा था। उसे कंधे से पकड़ कर हल्का धक्का दिया था। इससे कान का पर्दा कैसे फट सकता है। बाद में वह अपना कान खुजाने लग गया। परिजनों ने स्कूल में आकर हंगामा किया, जिससे विद्यार्थियों में डर का महौल बना रहा। स्कूल में हंगामा करने की शिकायत थाने में दी है।
समझौते का दबाव बनाया जा रहा : मां
मां नेहा का कहना है कि उन्हें सबसे अधिक पीड़ा इस बात की भी है कि घटना के तीन दिन बाद भी उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। उनका आरोप है कि उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। विभिन्न माध्यमों से सिफारिशें कराई जा रही हैं। परिवार का कहना है कि बेटे का खेल भविष्य दांव पर लग गया है। मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्र के परिजनों व प्रधानाचार्य की तरफ से भी शिकायत थाने में दी गई थी। दोनों शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विरेंद्र, थाना प्रभारी, सिटी जगाधरी।