फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   LED lights started failing soon after installation; questions are being raised about their quality

Yamuna Nagar News: लगते ही खराब होने लगीं एलईडी लाइटें, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल

Mon, 03 Aug 2026 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 03 Aug 2026 12:47 AM IST
विज्ञापन
LED lights started failing soon after installation; questions are being raised about their quality
शहर में खंभे पर लगाई गई एलईडी लाइट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। नगर निगम की एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना सवालों के घेरे में है। नई एलईडी लाइटें लगने के कुछ ही दिनों बाद खराब होने लगी हैं। कई जगह रोशनी कम हो गई है तो कई लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी हैं। इससे लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी बढ़ रही है। लगातार शिकायतें मिलने के बाद नगर निगम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम की ओर से शहर के 22 वार्डों में 41,600 एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने की परियोजना पर काम चल रहा है। इसके तहत पुराने सोडियम लैंप, सीएफएल और ट्यूबलाइट हटाकर नई एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक 35,000 से अधिक लाइटें लग चुकी हैं, जबकि शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।
विज्ञापन

परियोजना के बीच ही लाइटों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने लगी हैं। लोगों का कहना है कि नई लाइटें कुछ ही दिनों में बंद हो रही हैं या उनकी रोशनी पीली पड़ रही है। इसके कारण रात के समय कई गलियों और सड़कों पर पर्याप्त प्रकाश नहीं मिल रहा। शिकायतें बढ़ने पर लोग सीधे अपने वार्ड के पार्षदों से संपर्क कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाल ही में नगर निगम सदन की बैठक में भी इस मुद्दे पर जमकर बहस हुई थी, जिसमें कई पार्षदों ने एजेंसी पर घटिया गुणवत्ता की लाइटें लगाने का आरोप लगाया। परियोजना के तहत करीब 28,000 नए और 13,000 पुराने प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं।
गली और सड़क की चौड़ाई के अनुसार 20, 36 और 45 वॉट की एलईडी लाइटें लगाने का प्रावधान है, ताकि प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी मिल सके। लाइटें लगने के बाद लगातार सामने आ रही खराबियों ने परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्षद प्रियांक शर्मा और विक्रम राणा ने कहा कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका आरोप है कि एजेंसी द्वारा घटिया गुणवत्ता की लाइटें और मानक से कम क्षमता वाले तार लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने मांग उठाई कि जिन लाइटों पर सूर्या कंपनी का मार्का लगा है, उनकी भी जांच कराई जाए कि वे असली हैं या नहीं। नगर निगम आयुक्त पहले ही संबंधित एसडीओ को मौके पर जाकर लाइटों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दे चुके हैं।

माना जा रहा है कि यदि जांच में शिकायतें सही पाई गईं तो नगर निगम एजेंसी के खिलाफ सरकार को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की सिफारिश कर सकता है।
रोजाना 100 से अधिक शिकायतें मिल रहीं
स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की जानकारी देने के लिए नगर निगम कार्यालय में शिकायत केंद्र बनाया गया है। केंद्र में शहरवासी फोन करके खराब लाइटों की सूचना दे सकते हैं। शहर में 22 वार्ड हैं। जिनमें से रोजाना 100 से 120 शिकायतें लाइट खराब होने की नगर निगम कार्यालय में आती हैं। काफी लाइट तो ऐसी हैं जिनकी कोई शिकायत करता भी नहीं है। ऐसे में सूचना न होने से खराब लाइटें ऐसे ही खंभों या पोल पर लगी रहती हैं।
एलईटी लाइटों में से जो भी खराब होती हैं, उसकी सूचना एजेंसी को दे दी जाती है। जिसके बाद एजेंसी समय-समय पर लाइटों को बदलती रहती है।
-राजेश शर्मा, एसडीओ, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed