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Yamuna Nagar News: समागम में दिखा श्रद्धा और भक्ति का संगम
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:06 AM IST
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शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शबद कीर्तन करता रागी जत्था। आयोजक
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। कथावाचक भाई रंजीत सिंह खालसा ढडरियां वाले ने कहा कि बलिदानी पीर बुद्धू शाह का जीवन गुरु श्री गोबिंद सिंह जी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और त्याग की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने गुरु साहिब के चरणों में अपने चार पुत्रों और भाई का बलिदान देकर सच्ची गुरु भक्ति का परिचय दिया। वे रविवार रात अनाज मंडी में आयोजित गुरु मानियो ग्रंथ चेतना समागम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पीर बुद्धू शाह का प्रेम किसी सांसारिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और सच्चे मार्ग की खोज के लिए था। गुरु गोबिंद सिंह जी के साथ उनकी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि केवल नाम जपने से नहीं, बल्कि अहंकार का त्याग करने से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है। समागम में पीर बुद्धू शाह के जीवन से प्रेरणा लेते हुए मानवता, भाईचारे और धर्मनिरपेक्षता का संदेश दिया गया।
उन्होंने कहा कि गुरु का मार्ग किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है, जहां एक मुस्लिम पीर भी सिख गुरु का सच्चा भक्त और मित्र हो सकता है। पीर बुद्धू शाह प्रोडक्शन एंड फिल्म्स और स्थानीय संगत के सहयोग से आयोजित इस शहीदी समागम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में भाई लछमन सिंह नाहन के रागी जत्थे, बाबा जसदीप सिंह, बाबा कश्मीरा सिंह, बाबा लाड़ी और भाई सिमरजीत सिंह खालसा ने हाजिरी लगाई।
आयोजकों ने बताया कि यह समागम नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने और बलिदान की भावना जागृत करने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए चाय और गुरु का लंगर भी वितरित किया गया। इस दौरान राजन, गगन भाटिया, इंद्रजीत सिंह ढिल्लों, जरनैल सिंह मिर्जापुर, गुरविंदर सिंह चीमा, वीनस, परमिंदर सिंह, टशनजीत सिंह, इकबाल सिंह भाटिया व नवतेज सिंह बैंस भी मौजूद रहे।
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साढौरा। कथावाचक भाई रंजीत सिंह खालसा ढडरियां वाले ने कहा कि बलिदानी पीर बुद्धू शाह का जीवन गुरु श्री गोबिंद सिंह जी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और त्याग की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने गुरु साहिब के चरणों में अपने चार पुत्रों और भाई का बलिदान देकर सच्ची गुरु भक्ति का परिचय दिया। वे रविवार रात अनाज मंडी में आयोजित गुरु मानियो ग्रंथ चेतना समागम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पीर बुद्धू शाह का प्रेम किसी सांसारिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और सच्चे मार्ग की खोज के लिए था। गुरु गोबिंद सिंह जी के साथ उनकी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि केवल नाम जपने से नहीं, बल्कि अहंकार का त्याग करने से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है। समागम में पीर बुद्धू शाह के जीवन से प्रेरणा लेते हुए मानवता, भाईचारे और धर्मनिरपेक्षता का संदेश दिया गया।
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उन्होंने कहा कि गुरु का मार्ग किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है, जहां एक मुस्लिम पीर भी सिख गुरु का सच्चा भक्त और मित्र हो सकता है। पीर बुद्धू शाह प्रोडक्शन एंड फिल्म्स और स्थानीय संगत के सहयोग से आयोजित इस शहीदी समागम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में भाई लछमन सिंह नाहन के रागी जत्थे, बाबा जसदीप सिंह, बाबा कश्मीरा सिंह, बाबा लाड़ी और भाई सिमरजीत सिंह खालसा ने हाजिरी लगाई।
आयोजकों ने बताया कि यह समागम नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने और बलिदान की भावना जागृत करने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए चाय और गुरु का लंगर भी वितरित किया गया। इस दौरान राजन, गगन भाटिया, इंद्रजीत सिंह ढिल्लों, जरनैल सिंह मिर्जापुर, गुरविंदर सिंह चीमा, वीनस, परमिंदर सिंह, टशनजीत सिंह, इकबाल सिंह भाटिया व नवतेज सिंह बैंस भी मौजूद रहे।

शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शबद कीर्तन करता रागी जत्था। आयोजक