{"_id":"6a6274196a16d827040fa8c2","slug":"a-march-was-held-to-protest-against-the-lathi-charge-on-youths-in-delhi-and-a-memorandum-was-submitted-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-160023-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: दिल्ली में युवाओं पर लाठीचार्ज के विरोध में मार्च निकाल सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: दिल्ली में युवाओं पर लाठीचार्ज के विरोध में मार्च निकाल सौंपा ज्ञापन
Fri, 24 Jul 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 24 Jul 2026 01:35 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली में लाठीचार्ज के विरोध रोष मार्च निकालते सर्व समाज मोर्चा के लोग। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को सर्व समाज मोर्चा यमुनानगर के बैनर तले शहर में रोष मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारी कन्हैया साहिब चौक से पैदल मार्च करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीसी प्रीति को सौंपकर मांगें रखीं।
मार्च में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी), भारतीय किसान यूनियन (रतनमान), बहुजन समाज पार्टी सहित विभिन्न किसान, मजदूर, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग की निंदा की।
साथ ही परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
विज्ञापन
प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने की। उन्होंने कहा कि सर्व समाज, किसान संगठनों, मजदूर संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से राष्ट्रपति से मांग की गई है कि पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुना जाए। उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।
भारतीय किसान यूनियन के निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर ने कहा कि पेपर लीक के कारण अनेक युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों का प्रयोग किया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बसपा नेता बृजपाल छप्पर ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा प्रदर्शन के दौरान अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
जाम की स्थिति बनने से वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। रोष मार्च में भाकियू (रतनमान) के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, नरवैल सिंह, इनेलो प्रवक्ता अर्जुन सुढैल, विक्रांत ससौली, राजीव, संदीप टोपरा, प्रवीन तेजली मौजूद रहे।
विज्ञापन
यमुनानगर। पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को सर्व समाज मोर्चा यमुनानगर के बैनर तले शहर में रोष मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारी कन्हैया साहिब चौक से पैदल मार्च करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीसी प्रीति को सौंपकर मांगें रखीं।
मार्च में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी), भारतीय किसान यूनियन (रतनमान), बहुजन समाज पार्टी सहित विभिन्न किसान, मजदूर, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग की निंदा की।
विज्ञापन
साथ ही परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
विज्ञापन
प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने की। उन्होंने कहा कि सर्व समाज, किसान संगठनों, मजदूर संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से राष्ट्रपति से मांग की गई है कि पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुना जाए। उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।
भारतीय किसान यूनियन के निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर ने कहा कि पेपर लीक के कारण अनेक युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों का प्रयोग किया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बसपा नेता बृजपाल छप्पर ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा प्रदर्शन के दौरान अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
जाम की स्थिति बनने से वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। रोष मार्च में भाकियू (रतनमान) के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, नरवैल सिंह, इनेलो प्रवक्ता अर्जुन सुढैल, विक्रांत ससौली, राजीव, संदीप टोपरा, प्रवीन तेजली मौजूद रहे।