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Yamuna Nagar News: पशुपालन बना महिलाओं के रोजगार का जरिया

Sat, 01 Aug 2026 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 01 Aug 2026 12:52 AM IST
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Animal husbandry has become a source of employment for women
गांव सुंदर बहादुरपुर में अपने पशुओं के पास मौजूद प्रवीन रानी। स्वयं
अशोक कुमार
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यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ वे पशुपालन और डेयरी फार्मिंग को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। जिले के कई गांवों में महिलाएं भैंस और गाय पालकर दूध उत्पादन कर रही हैं। वहीं दूध से पनीर, घी, दही और अन्य उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर रही हैं।
शेरगढ़ सुंदरबहादुर गांव की प्रवीन रानी ने बताया कि उन्होंने पशुपालन को रोजगार का साधन बनाया है। वह घर के कामकाज के साथ-साथ पशुओं की देखभाल करती हैं और दूध उत्पादन से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहयोग कर रही हैं।
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उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन से पशुपालन को बेहतर तरीके से किया जाए तो इससे अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है।कैत गांव की सपना ने बताया कि वह स्वयं सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार और बचत के तरीके अपना रही हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों की जानकारी मिली और उन्होंने पशुपालन को आय का जरिया बनाया।
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उन्होंने कहा कि इससे परिवार की आर्थिक सहायता करने में मदद मिल रही है और महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महिलाओं का कहना है कि कोई भी महिला अकेले रोजगार स्थापित नहीं कर सकती। इसके लिए परिवार का सहयोग और प्रोत्साहन जरूरी है। परिवार के सहयोग से महिलाएं पशुपालन जैसे कार्यों को बेहतर तरीके से संभाल पा रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। संवाद

सरकार चला रही विभिन्न योजनाएं : देवेंद्र शर्मा
मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा का कहना है कि सरकार की ओर से महिलाओं को डेयरी फार्मिंग से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिलाओं को पशुओं की नस्ल सुधार, संतुलित आहार, पशु स्वास्थ्य और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

गांव सुंदर बहादुरपुर में अपने पशुओं के पास मौजूद प्रवीन रानी। स्वयं

गांव सुंदर बहादुरपुर में अपने पशुओं के पास मौजूद प्रवीन रानी। स्वयं

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