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Yamuna Nagar News: बायोमीट्रिक फसल खरीद प्रणाली का किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:58 AM IST
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जिला स्तरीय बैठक के दौरान मौजूद सभा के पदाधिकारी। प्रवक्ता
- फोटो : 1
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा की जिला स्तरीय बैठक दशहरा ग्राउंड में जिला प्रधान जरनैल सिंह सांगवान की देखरेख में आयोजित हुई। बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा फसल खरीद के लिए लागू की गई बायोमीट्रिक प्रणाली की कड़े शब्दों में निंदा की गई।
किसानों का कहना था कि पोर्टल आधारित इस व्यवस्था से पारदर्शिता के बजाय उनकी परेशानियां बढ़ी हैं। विशेषकर छोटे किसानों के सामने बड़ी दिक्कत है, क्योंकि उनके पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही मोबाइल एप की सुविधा। जिला सचिव महिपाल चमरौड़ी ने 31 मार्च को जींद में संयुक्त किसान मोर्चा की प्रस्तावित किसान ललकार रैली के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रैली में फसल खरीद के नए नियमों को वापस लेने, खरीफ 2025 का बकाया मुआवजा और बीमा क्लेम जारी करने, खेती को प्रभावित करने वाली अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील रद्द करने, बिजली कानून व स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने तथा नए बीज बिल को रद्द करने की मांग उठाई जाएगी।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने कृषि कानूनों की वापसी के समय दर्ज मुकदमे खत्म करने का वादा किया था, लेकिन अब किसानों पर नोटिस और गैर-जमानती वारंट जारी किए जा रहे हैं। इसे किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताया गया। बैठक को नैब सिंह, प्यारेलाल तंवर, संजय चमरौड़ी, यशपाल और अजमेर सिंह संधू सहित अन्य ने भी संबोधित किया।
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यमुनानगर। अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा की जिला स्तरीय बैठक दशहरा ग्राउंड में जिला प्रधान जरनैल सिंह सांगवान की देखरेख में आयोजित हुई। बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा फसल खरीद के लिए लागू की गई बायोमीट्रिक प्रणाली की कड़े शब्दों में निंदा की गई।
किसानों का कहना था कि पोर्टल आधारित इस व्यवस्था से पारदर्शिता के बजाय उनकी परेशानियां बढ़ी हैं। विशेषकर छोटे किसानों के सामने बड़ी दिक्कत है, क्योंकि उनके पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही मोबाइल एप की सुविधा। जिला सचिव महिपाल चमरौड़ी ने 31 मार्च को जींद में संयुक्त किसान मोर्चा की प्रस्तावित किसान ललकार रैली के बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि रैली में फसल खरीद के नए नियमों को वापस लेने, खरीफ 2025 का बकाया मुआवजा और बीमा क्लेम जारी करने, खेती को प्रभावित करने वाली अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील रद्द करने, बिजली कानून व स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने तथा नए बीज बिल को रद्द करने की मांग उठाई जाएगी।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने कृषि कानूनों की वापसी के समय दर्ज मुकदमे खत्म करने का वादा किया था, लेकिन अब किसानों पर नोटिस और गैर-जमानती वारंट जारी किए जा रहे हैं। इसे किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताया गया। बैठक को नैब सिंह, प्यारेलाल तंवर, संजय चमरौड़ी, यशपाल और अजमेर सिंह संधू सहित अन्य ने भी संबोधित किया।