{"_id":"69d433ae44a9a696fa00adb7","slug":"notice-to-four-schools-for-using-books-of-private-publishers-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-153944-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने पर चार स्कूलों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने पर चार स्कूलों को नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 07 Apr 2026 03:59 AM IST
विज्ञापन
जांच के दौरान स्कूल के दस्तावेज जांचते डीईईओ। विभाग
विज्ञापन
जगाधरी। शिक्षा विभाग ने किताबों और वर्दी बेचने के नाम पर मनमानी करने वाले चार निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों को 48 घंटे में नोटिस का जवाब देना होगा। स्कूलों पर अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप है। जवाब संतोषजनक न होने पर इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों ने पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित एनसीईआरटी की सस्ती और मानक किताबों को दरकिनार कर निजी प्रकाशकों की अधिक मूल्य वाली किताबों की सूची देनी शुरू कर दी थी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था। अभिभावकाें ने स्कूलों की इस मनमानी की शिकायत डीसी से कर दी। इसके बाद डीसी के आदेश पर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रूख अपनाते हुए स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन निर्धारित दुकानों से ही किताबें और कापियां खरीदने का दबाव बनाते हैं। इन किताबों की कीमतें बाजार दर से तीन से चार गुना अधिक होती हैं।
नियमों के अनुसार, कोई भी स्कूल किसी खास प्रकाशक या दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। स्कूलों को किताबों की सूची सार्वजनिक करनी होती है और एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई करवाई जाने का नियम है। नोटिस में स्पष्ट है कि यदि दो दिन के भीतर इन चार स्कूलों ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो इसे नियमों का उल्लंघन मानकर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संवाद
-- -- -- -- -
वर्जन
स्कूलों में एनसीईआरटी के बजाए निजी प्रकाशकों की किताबें और मनमानी करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। जांच के बाद चार स्कूलों को नोटिस जारी किया है। स्कूलों के जवाब के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों की जांच जारी है। नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
-- -- --
Trending Videos
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों ने पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित एनसीईआरटी की सस्ती और मानक किताबों को दरकिनार कर निजी प्रकाशकों की अधिक मूल्य वाली किताबों की सूची देनी शुरू कर दी थी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था। अभिभावकाें ने स्कूलों की इस मनमानी की शिकायत डीसी से कर दी। इसके बाद डीसी के आदेश पर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रूख अपनाते हुए स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन निर्धारित दुकानों से ही किताबें और कापियां खरीदने का दबाव बनाते हैं। इन किताबों की कीमतें बाजार दर से तीन से चार गुना अधिक होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नियमों के अनुसार, कोई भी स्कूल किसी खास प्रकाशक या दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। स्कूलों को किताबों की सूची सार्वजनिक करनी होती है और एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई करवाई जाने का नियम है। नोटिस में स्पष्ट है कि यदि दो दिन के भीतर इन चार स्कूलों ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो इसे नियमों का उल्लंघन मानकर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संवाद
वर्जन
स्कूलों में एनसीईआरटी के बजाए निजी प्रकाशकों की किताबें और मनमानी करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। जांच के बाद चार स्कूलों को नोटिस जारी किया है। स्कूलों के जवाब के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों की जांच जारी है। नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।