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Yamuna Nagar News: वाशिंग पाउडर के दाम 15 प्रतिशत तक बढ़े, महंगी हुई कपड़ों की धुलाई
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 07 Apr 2026 03:55 AM IST
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वाशिंग पाउडर की पैकिंग करता मजदूर। आर्काइव
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यमुनानगर। ईरान के साथ चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर साफ दिखाई देने लगा है। एलपीजी और पेट्रो पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ अब कपड़े धोना भी महंगा हो गया है। बाजार में वाशिंग पाउडर के दामों में करीब 15 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। स्थानीय बाजार में एक किलोग्राम लोकल ब्रांड का वाशिंग पाउडर, जो पहले 53 रुपये में मिल जाता था, अब 70 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, नामी कंपनियों के उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
दुकानदारों के अनुसार, ग्राहक अब खरीदारी से पहले ज्यादा मोलभाव कर रहे हैं और कई बार सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं। डिटर्जेंट बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत है। वाशिंग पाउडर के निर्माण में उपयोग होने वाले अधिकांश केमिकल्स पेट्रोलियम उत्पादों से तैयार किए जाते हैं, जिनकी कीमतें क्रूड ऑयल महंगा होने के कारण बढ़ गई हैं। निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख केमिकल्स में लिनियर एल्काइल बेंजीन सल्फोनिक एसिड (एलएबीएसए), सोडियम कॉर्बोनेट (वॉशिंग सोडा), सोडियम ट्राइपॉलीफॉस्फेट (एसटीपीपी), सोडियम लॉरिल सल्फेट (एसएलएस), सोडियम सल्फेट, एंजाइम (प्रोटीज, एमाइलेज) और ऑप्टिकल ब्राइटनर शामिल हैं। इनमें से लिनियर एल्काइल बेंजीन सल्फोनिक एसिड और सोडियम कार्बोनेट की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल आया है।
स्थानीय वाशिंग पाउडर उद्योग से जुड़ी कंपनी के प्रवक्ता ने बताया किइन केमिकल्स की कीमतें पहले जहां करीब 125 रुपये प्रति क्विंटल थीं, वहीं अब बढ़कर 250 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं। इस अचानक वृद्धि ने उत्पादन लागत को दोगुना कर दिया है, जिससे कंपनियों के लिए पुराने दामों पर उत्पाद बेचना मुश्किल हो गया है। लागत बढ़ने के कारण उन्हें उत्पादन कम करना पड़ रहा है या फिर मजबूरी में कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं, बढ़ी हुई कीमतों के चलते दुकानदार भी पहले की तुलना में कम ऑर्डर दे रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही कीमतों में कमी आएगी और फिर से पुराने रेट पर ही लोगों को वाशिंग पाउडर बिकने लगेगा। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती, तो आने वाले समय में डिटर्जेंट सहित अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम और बढ़ सकते हैं। संवाद
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वाशिंग पाउडर 53 से 70 पहुंचा
वहीं उपभोक्ता गौरव व अनिल ने बताया कि जब वह राशन खरीदने जाते हैं तो पूरे महीने तीन से चार किलो वाशिंग पाउडर एक साथ खरीद लेते हैं। इस बार वाशिंग पाउडर खरीदा तो रेट देख कर हैरान रह गए। करीब एक माह पहले जो वाशिंग पाउडर 53 रुपये का एक किलोग्राम था जो इस बार 70 रुपये का लेना पड़ा। दूसरी कंपनियों के रेट पूछे तो वह इससे भी ज्यादा थे। इसलिए पहले जहां चार किलोग्राम पाउडर लेते थे इस बार तीन किलोग्राम ही खरीदा।
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दुकानदारों के अनुसार, ग्राहक अब खरीदारी से पहले ज्यादा मोलभाव कर रहे हैं और कई बार सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं। डिटर्जेंट बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत है। वाशिंग पाउडर के निर्माण में उपयोग होने वाले अधिकांश केमिकल्स पेट्रोलियम उत्पादों से तैयार किए जाते हैं, जिनकी कीमतें क्रूड ऑयल महंगा होने के कारण बढ़ गई हैं। निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख केमिकल्स में लिनियर एल्काइल बेंजीन सल्फोनिक एसिड (एलएबीएसए), सोडियम कॉर्बोनेट (वॉशिंग सोडा), सोडियम ट्राइपॉलीफॉस्फेट (एसटीपीपी), सोडियम लॉरिल सल्फेट (एसएलएस), सोडियम सल्फेट, एंजाइम (प्रोटीज, एमाइलेज) और ऑप्टिकल ब्राइटनर शामिल हैं। इनमें से लिनियर एल्काइल बेंजीन सल्फोनिक एसिड और सोडियम कार्बोनेट की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल आया है।
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स्थानीय वाशिंग पाउडर उद्योग से जुड़ी कंपनी के प्रवक्ता ने बताया किइन केमिकल्स की कीमतें पहले जहां करीब 125 रुपये प्रति क्विंटल थीं, वहीं अब बढ़कर 250 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं। इस अचानक वृद्धि ने उत्पादन लागत को दोगुना कर दिया है, जिससे कंपनियों के लिए पुराने दामों पर उत्पाद बेचना मुश्किल हो गया है। लागत बढ़ने के कारण उन्हें उत्पादन कम करना पड़ रहा है या फिर मजबूरी में कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं, बढ़ी हुई कीमतों के चलते दुकानदार भी पहले की तुलना में कम ऑर्डर दे रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही कीमतों में कमी आएगी और फिर से पुराने रेट पर ही लोगों को वाशिंग पाउडर बिकने लगेगा। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती, तो आने वाले समय में डिटर्जेंट सहित अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम और बढ़ सकते हैं। संवाद
वाशिंग पाउडर 53 से 70 पहुंचा
वहीं उपभोक्ता गौरव व अनिल ने बताया कि जब वह राशन खरीदने जाते हैं तो पूरे महीने तीन से चार किलो वाशिंग पाउडर एक साथ खरीद लेते हैं। इस बार वाशिंग पाउडर खरीदा तो रेट देख कर हैरान रह गए। करीब एक माह पहले जो वाशिंग पाउडर 53 रुपये का एक किलोग्राम था जो इस बार 70 रुपये का लेना पड़ा। दूसरी कंपनियों के रेट पूछे तो वह इससे भी ज्यादा थे। इसलिए पहले जहां चार किलोग्राम पाउडर लेते थे इस बार तीन किलोग्राम ही खरीदा।