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Yamuna Nagar News: बीएलओ ने तीन दिन में बांटेे 19.5 प्रतिशत फार्म
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:34 AM IST
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फॉर्म देते बीएलओ। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान 15 जून को शुरू हो गया। इसमें लगे बीएलओ को आवश्यक स्टेशनरी और अन्य सामग्री दो दिन की देरी से मिली। इससे शुरुआती दिनों में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तीन दिन में बीएलओ करीब 19.5 प्रतिशत फार्म ही वितरित कर पाए हैं।
दूसरी ओर मोबाइल एप में तकनीकी खामियां आने और सहायता के लिए हेल्प सेंटर या तकनीकी टीम उपलब्ध नहीं होने से काम की गति प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एसआईआर की जानकारी नहीं होने के कारण कर्मचारियों को उन्हें अभियान का उद्देश्य भी समझाना पड़ रहा है।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 15 जून से मतदाता सूची से संबंधित फार्म वितरित करने का कार्य शुरू किया गया था। हालांकि कई बीएलओ को स्टेशनरी और अन्य आवश्यक सामग्री बुधवार को मिली, जबकि कुछ कर्मचारियों को सामग्री गुरुवार को उपलब्ध कराई गई। ऐसे में पहले दो दिनों तक कर्मचारियों को बिना संसाधनों के काम करना पड़ा और बाद में सामग्री लेने के लिए अलग से समय देना पड़ा। बीएलओ का कहना है कि अभियान के दौरान उपयोग किए जा रहे मोबाइल एप में लगातार तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं।
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उनका कहना है कि प्रशिक्षण के समय भी एप सही तरीके से काम नहीं कर रही थी, जिसके कारण उन्हें तकनीकी पहलुओं की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी थी। अब फील्ड में काम करते समय दिक्कतें बढ़ रही हैं। समस्याओं के समाधान के लिए न तो कोई हेल्प सेंटर बनाया गया है और न ही तकनीकी सहायता के लिए अलग टीम उपलब्ध कराई गई है।
कर्मचारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोगों को एसआईआर का अर्थ और उद्देश्य तक पता नहीं है। ऐसे में फार्म वितरित करने के दौरान उन्हें पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की जानकारी देनी पड़ रही है और फिर लोगों को फार्म भरने के लिए प्रेरित करना पड़ रहा है। इससे एक-एक घर पर अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।
बीएलओ का कहना है कि सामग्री की देरी, एप की तकनीकी खामियों और जागरूकता की कमी के कारण अभियान की रफ्तार प्रभावित हुई है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि समय पर संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती तो फार्म वितरण का कार्य अधिक तेजी से आगे बढ़ सकता था।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि प्रशासन ने आनन-फानन काम शुरू करवा दिया, लेकिन अपनी तैयारी नहीं की। इस कारण शिक्षकों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। इसे लेकर प्रशासन को अवगत भी करवाया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इसे लेकर संघ प्रशासन से मिलेगा।
वहीं, इसे लेकर वीरवार को एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ पत्रवार्ता की। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर भ्रांतियां फैल रही हैं, जिसे दूर किया जा रहा है। सभी बीएलओ घर-घर जाकर फार्म दे रहे हैं। इसमें जो दिक्कतें आ रही हैं, वे दूर की जाएंगी।
जगाधरी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान 15 जून को शुरू हो गया। इसमें लगे बीएलओ को आवश्यक स्टेशनरी और अन्य सामग्री दो दिन की देरी से मिली। इससे शुरुआती दिनों में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तीन दिन में बीएलओ करीब 19.5 प्रतिशत फार्म ही वितरित कर पाए हैं।
दूसरी ओर मोबाइल एप में तकनीकी खामियां आने और सहायता के लिए हेल्प सेंटर या तकनीकी टीम उपलब्ध नहीं होने से काम की गति प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एसआईआर की जानकारी नहीं होने के कारण कर्मचारियों को उन्हें अभियान का उद्देश्य भी समझाना पड़ रहा है।
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विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 15 जून से मतदाता सूची से संबंधित फार्म वितरित करने का कार्य शुरू किया गया था। हालांकि कई बीएलओ को स्टेशनरी और अन्य आवश्यक सामग्री बुधवार को मिली, जबकि कुछ कर्मचारियों को सामग्री गुरुवार को उपलब्ध कराई गई। ऐसे में पहले दो दिनों तक कर्मचारियों को बिना संसाधनों के काम करना पड़ा और बाद में सामग्री लेने के लिए अलग से समय देना पड़ा। बीएलओ का कहना है कि अभियान के दौरान उपयोग किए जा रहे मोबाइल एप में लगातार तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं।
उनका कहना है कि प्रशिक्षण के समय भी एप सही तरीके से काम नहीं कर रही थी, जिसके कारण उन्हें तकनीकी पहलुओं की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी थी। अब फील्ड में काम करते समय दिक्कतें बढ़ रही हैं। समस्याओं के समाधान के लिए न तो कोई हेल्प सेंटर बनाया गया है और न ही तकनीकी सहायता के लिए अलग टीम उपलब्ध कराई गई है।
कर्मचारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोगों को एसआईआर का अर्थ और उद्देश्य तक पता नहीं है। ऐसे में फार्म वितरित करने के दौरान उन्हें पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की जानकारी देनी पड़ रही है और फिर लोगों को फार्म भरने के लिए प्रेरित करना पड़ रहा है। इससे एक-एक घर पर अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।
बीएलओ का कहना है कि सामग्री की देरी, एप की तकनीकी खामियों और जागरूकता की कमी के कारण अभियान की रफ्तार प्रभावित हुई है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि समय पर संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती तो फार्म वितरण का कार्य अधिक तेजी से आगे बढ़ सकता था।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि प्रशासन ने आनन-फानन काम शुरू करवा दिया, लेकिन अपनी तैयारी नहीं की। इस कारण शिक्षकों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। इसे लेकर प्रशासन को अवगत भी करवाया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इसे लेकर संघ प्रशासन से मिलेगा।
वहीं, इसे लेकर वीरवार को एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ पत्रवार्ता की। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर भ्रांतियां फैल रही हैं, जिसे दूर किया जा रहा है। सभी बीएलओ घर-घर जाकर फार्म दे रहे हैं। इसमें जो दिक्कतें आ रही हैं, वे दूर की जाएंगी।