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Yamuna Nagar News: तिहरे हत्याकांड में अदालत ने एसआईटी की जांच पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:38 AM IST
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सचिन शर्मा
यमुनानगर। खेड़ी लाखा सिंह चौकी के पास 26 दिसंबर 2024 को हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड में तत्कालीन जगाधरी जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार की अदालत ने एसआईटी की जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर टिप्पणियां की हैं। अदालत ने कहा कि मामले में उपलब्ध प्रथमदृष्टया साक्ष्यों के बावजूद संबंधित आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं होना जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
अदालत के आदेश में उल्लेख किया गया कि जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा को मोबाइल फोन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। आरोप है कि इन्हीं साधनों के जरिए उसने अपने गैंग के सदस्यों से संपर्क बनाए रखा और तिहरे हत्याकांड की साजिश रची।
मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर पर अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मिलकर यह सुविधा उपलब्ध कराने और बदले में अवैध लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विशाल छिब्बर को झूठा फंसाया गया है। वहीं राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि जेल नियमों के उल्लंघन से संगठित अपराध को बढ़ावा मिला।
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अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि गंभीर आरोपों के बावजूद भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत कार्रवाई नहीं किए जाने के पहलू की भी जांच आवश्यक है। अदालत ने आदेश की प्रति हरियाणा सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और महानिदेशक जेल को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरे प्रकरण की प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जा सके। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विशाल छिब्बर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी है। संवाद
तत्कालीन जेल अधीक्षक मुख्यालय से संबद्ध
तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर फिलहाल पंचकूला मुख्यालय से संबद्ध है। वहीं हेड वार्डर दीप चंद वर्तमान में जगाधरी जेल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूसरी ओर, इस मामले का मुख्य आरोपी गैंगस्टर काला राणा फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है, जहां उसे सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है।
नोनी राणा और सन्नी सलेमपुर विदेश में
चर्चित तिहरे हत्याकांड की जांच में नामजद आरोपी नोनी राणा और सन्नी सलेमपुर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जांच एजेंसी के अनुसार दोनों विदेश में मौजूद हैं, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जांच में आरोप है कि जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर काला राणा ने मोबाइल फोन के माध्यम से अपने भाई नोनी राणा और गुर्गे सन्नी सलेमपुर के संपर्क में रहकर वारदात की साजिश रची थी। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हैं तथा उन्हें भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
छिब्बर को आज अदालत में होना है पेश
चर्चित तिहरे हत्याकांड की जांच में नाम सामने आने के बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर आज जेएमआईसी अदालत में पेश होंगे। एसटीएफ की ओर से दायर चार्जशीट में उन पर जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर काला राणा को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने और इसके बदले आर्थिक लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर उनकी अग्रिम जमानत याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 10 जून को जेएमआईसी पीयूष चौधरी की अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे।
आरोपपत्र में राहुल उर्फ मोटा और प्रदीप उर्फ रिंकू त्यागी ने भी नाम
तिहरे हत्याकांड से जुड़े मामले में अदालत के आदेश के अनुसार राज्य पक्ष ने आरोप लगाया है कि जेल के भीतर गैंगस्टर काला राणा को मोबाइल फोन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर अपराध की साजिश रचने में मदद की गई। इसी प्रकरण में राहुल उर्फ मोटा और प्रदीप उर्फ रिंकू त्यागी को भी सह-आरोपी के रूप में आरोपपत्र में शामिल किया गया है। इन्हें भी 10 जून को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है। हालांकि, आदेश में दोनों आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका का अलग से विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार उनका नाम व्यापक आपराधिक साजिश से जुड़े सह-आरोपियों के रूप में दर्ज है।
यमुनानगर। खेड़ी लाखा सिंह चौकी के पास 26 दिसंबर 2024 को हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड में तत्कालीन जगाधरी जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार की अदालत ने एसआईटी की जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर टिप्पणियां की हैं। अदालत ने कहा कि मामले में उपलब्ध प्रथमदृष्टया साक्ष्यों के बावजूद संबंधित आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं होना जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
अदालत के आदेश में उल्लेख किया गया कि जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा को मोबाइल फोन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। आरोप है कि इन्हीं साधनों के जरिए उसने अपने गैंग के सदस्यों से संपर्क बनाए रखा और तिहरे हत्याकांड की साजिश रची।
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मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर पर अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मिलकर यह सुविधा उपलब्ध कराने और बदले में अवैध लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विशाल छिब्बर को झूठा फंसाया गया है। वहीं राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि जेल नियमों के उल्लंघन से संगठित अपराध को बढ़ावा मिला।
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि गंभीर आरोपों के बावजूद भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत कार्रवाई नहीं किए जाने के पहलू की भी जांच आवश्यक है। अदालत ने आदेश की प्रति हरियाणा सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और महानिदेशक जेल को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरे प्रकरण की प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जा सके। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विशाल छिब्बर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी है। संवाद
तत्कालीन जेल अधीक्षक मुख्यालय से संबद्ध
तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर फिलहाल पंचकूला मुख्यालय से संबद्ध है। वहीं हेड वार्डर दीप चंद वर्तमान में जगाधरी जेल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूसरी ओर, इस मामले का मुख्य आरोपी गैंगस्टर काला राणा फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है, जहां उसे सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है।
नोनी राणा और सन्नी सलेमपुर विदेश में
चर्चित तिहरे हत्याकांड की जांच में नामजद आरोपी नोनी राणा और सन्नी सलेमपुर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जांच एजेंसी के अनुसार दोनों विदेश में मौजूद हैं, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जांच में आरोप है कि जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर काला राणा ने मोबाइल फोन के माध्यम से अपने भाई नोनी राणा और गुर्गे सन्नी सलेमपुर के संपर्क में रहकर वारदात की साजिश रची थी। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हैं तथा उन्हें भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
छिब्बर को आज अदालत में होना है पेश
चर्चित तिहरे हत्याकांड की जांच में नाम सामने आने के बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर आज जेएमआईसी अदालत में पेश होंगे। एसटीएफ की ओर से दायर चार्जशीट में उन पर जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर काला राणा को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने और इसके बदले आर्थिक लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर उनकी अग्रिम जमानत याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 10 जून को जेएमआईसी पीयूष चौधरी की अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे।
आरोपपत्र में राहुल उर्फ मोटा और प्रदीप उर्फ रिंकू त्यागी ने भी नाम
तिहरे हत्याकांड से जुड़े मामले में अदालत के आदेश के अनुसार राज्य पक्ष ने आरोप लगाया है कि जेल के भीतर गैंगस्टर काला राणा को मोबाइल फोन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर अपराध की साजिश रचने में मदद की गई। इसी प्रकरण में राहुल उर्फ मोटा और प्रदीप उर्फ रिंकू त्यागी को भी सह-आरोपी के रूप में आरोपपत्र में शामिल किया गया है। इन्हें भी 10 जून को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है। हालांकि, आदेश में दोनों आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका का अलग से विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार उनका नाम व्यापक आपराधिक साजिश से जुड़े सह-आरोपियों के रूप में दर्ज है।