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Haryana: नशीला पदार्थ देकर की थी युवक की थी हत्या, कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 24 Mar 2026 08:27 PM IST
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सार
10 नवंबर 2021 को सुमित कुमार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शुरुआत में यह मामला सामान्य कार्रवाई के तहत दर्ज किया गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान सामने आया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी।
कोर्ट ने दोषियों को सुनाई सजा
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
गांव कलसौरा के युवक सुमित की मौत के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजना अग्रवाल की अदालत ने गांव मांडखेड़ी निवासी अमन उर्फ हिमांशु और उसके भाई रमन उर्फ हैप्पी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साक्ष्यों के अभाव में गांव कलसौरा निवासी रमन को अदालत ने बरी कर दिया है।
जिला न्यायवादी धर्मचंद ने बताया कि घटना के बाद रादौर थाना पुलिस ने 13 नवंबर 2021 को गांव कलसौरा निवासी जितेंद्र की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले के अनुसार 9 नवंबर 2021 की शाम को गांव मांडखेड़ी निवासी अमन उर्फ हिमांशु और रमन उर्फ हैप्पी गांव कलसौरा आए थे। आरोप था कि दोनों नशीले पदार्थों का कारोबार करते थे।
उसी रात वे सुमित के संपर्क में आए। अगले दिन 10 नवंबर को सुमित आरोपियों को लाडवा छोड़ने की बात कहकर बाइक पर घर से निकला था, उनके साथ गांव कलसौरा का रमन भी मौजूद था, लेकिन लाडवा जाने के बजाय वे गांव छोटा बांस के खेतों में पहुंच गए। आरोप है कि वहां साजिश के तहत सुमित को नशीला पदार्थ खिला दिया गया, जिससे वह बेहोश हो गया।
10 नवंबर 2021 को सुमित कुमार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शुरुआत में यह मामला सामान्य कार्रवाई के तहत दर्ज किया गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान सामने आया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। तब मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि गांव मांडखेड़ी निवासी अमन उर्फ हिमांशु और उसका भाई रमन उर्फ हैप्पी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर सुमित को नशीला पदार्थ पिलाया।
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जिला न्यायवादी धर्मचंद ने बताया कि घटना के बाद रादौर थाना पुलिस ने 13 नवंबर 2021 को गांव कलसौरा निवासी जितेंद्र की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले के अनुसार 9 नवंबर 2021 की शाम को गांव मांडखेड़ी निवासी अमन उर्फ हिमांशु और रमन उर्फ हैप्पी गांव कलसौरा आए थे। आरोप था कि दोनों नशीले पदार्थों का कारोबार करते थे।
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उसी रात वे सुमित के संपर्क में आए। अगले दिन 10 नवंबर को सुमित आरोपियों को लाडवा छोड़ने की बात कहकर बाइक पर घर से निकला था, उनके साथ गांव कलसौरा का रमन भी मौजूद था, लेकिन लाडवा जाने के बजाय वे गांव छोटा बांस के खेतों में पहुंच गए। आरोप है कि वहां साजिश के तहत सुमित को नशीला पदार्थ खिला दिया गया, जिससे वह बेहोश हो गया।
10 नवंबर 2021 को सुमित कुमार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शुरुआत में यह मामला सामान्य कार्रवाई के तहत दर्ज किया गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान सामने आया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। तब मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि गांव मांडखेड़ी निवासी अमन उर्फ हिमांशु और उसका भाई रमन उर्फ हैप्पी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर सुमित को नशीला पदार्थ पिलाया।
इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम कराया और फॉरेंसिक जांच करवाई।
गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि सुमित की मौत नशीला पदार्थ दिए जाने के कारण हुई। इसके बाद पुलिस ने मामला गैर इरादतन हत्या में तब्दील करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना से पहले आरोपियों ने सुमित को अपने साथ ले जाकर सुनसान स्थान पर नशीला पदार्थ दिया था। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन्हीं के आधार पर अदालत ने अमन उर्फ हिमांशु और रमन उर्फ हैप्पी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। वहीं, तीसरे आरोपी रमन निवासी कलसौरा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया। फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने संतोष जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिला है।
गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि सुमित की मौत नशीला पदार्थ दिए जाने के कारण हुई। इसके बाद पुलिस ने मामला गैर इरादतन हत्या में तब्दील करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना से पहले आरोपियों ने सुमित को अपने साथ ले जाकर सुनसान स्थान पर नशीला पदार्थ दिया था। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन्हीं के आधार पर अदालत ने अमन उर्फ हिमांशु और रमन उर्फ हैप्पी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। वहीं, तीसरे आरोपी रमन निवासी कलसौरा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया। फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने संतोष जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिला है।