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Yamuna Nagar News: किसानों को दी आधुनिक खेती की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 15 Jun 2026 01:02 AM IST
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किसान मिलाप कार्यक्रम में जानकारी देते कृषि विशेषज्ञ। प्रवक्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा एग्रो की ओर से कैल गांव में किसान मिलाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं, फसल अवशेष प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि यंत्रों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नवीन कृषि पद्धतियों से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाना रहा।हरियाणा एग्रो के डायरेक्टर पवन कुमार ने फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने बताया कि सरकार फसल अवशेष प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को अनुदान पर आधुनिक कृषि मशीनरी उपलब्ध करा रही है। पवन कुमार ने किसानों से धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पद्धति जल संरक्षण की दिशा में बेहद प्रभावी है। इससे सिंचाई के लिए कम पानी की आवश्यकता पड़ती है, खेती की लागत घटती है और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होता है।
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कार्यक्रम के दौरान किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्रों का अवलोकन किया तथा उनके संचालन और उपयोगिता के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर संजीव सैनी, मोहित गोस्वामी, विकास राणा, मिंटू कांबोज, सोमजीत, जितेंद्र, गुरतार सिंह, रमेश शर्मा, विकास श्योरान, बिट्टू, सचिन सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
यमुनानगर। हरियाणा एग्रो की ओर से कैल गांव में किसान मिलाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं, फसल अवशेष प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि यंत्रों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नवीन कृषि पद्धतियों से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाना रहा।हरियाणा एग्रो के डायरेक्टर पवन कुमार ने फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
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उन्होंने बताया कि सरकार फसल अवशेष प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को अनुदान पर आधुनिक कृषि मशीनरी उपलब्ध करा रही है। पवन कुमार ने किसानों से धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पद्धति जल संरक्षण की दिशा में बेहद प्रभावी है। इससे सिंचाई के लिए कम पानी की आवश्यकता पड़ती है, खेती की लागत घटती है और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्रों का अवलोकन किया तथा उनके संचालन और उपयोगिता के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर संजीव सैनी, मोहित गोस्वामी, विकास राणा, मिंटू कांबोज, सोमजीत, जितेंद्र, गुरतार सिंह, रमेश शर्मा, विकास श्योरान, बिट्टू, सचिन सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।