{"_id":"699b629935a302a73b09ebc9","slug":"german-technology-anesthesia-workstations-will-be-built-in-hospitals-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-151820-2026-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: अस्पतालों में बनेंगे जर्मन तकनीक के एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: अस्पतालों में बनेंगे जर्मन तकनीक के एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:40 AM IST
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर। आर्काइव
- फोटो : पार्क में टूटी पड़ी बाउंड्रीवॉल
विज्ञापन
राजेश कुमार
यमुनानगर। अब प्रदेश के जिला नागरिक अस्पतालों में सर्जरी के दौरान मरीजों की सांस, धड़कन और ऑक्सीजन स्तर पर हर पल डिजिटल नजर रहेगी। हरियाणा सरकार ने सभी 22 जिला अस्पतालों में जर्मन तकनीक से लैस अत्याधुनिक एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन स्थापित करने का फैसला लिया है। करीब 7.65 करोड़ रुपये से खरीदी गईं ये मशीनें दो से तीन महीने में अस्पतालों में पहुंचने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिला अस्पतालों में पहले से एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन मौजूद हैं। लेकिन बदलते समय और बढ़ती जटिल सर्जरी को देखते हुए आधुनिक, सुरक्षित और सटीक तकनीक की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी के तहत विदेशी तकनीक से लैस नई मशीनों की खरीद की गई हैं।
एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन सर्जरी के दौरान मरीज को नियंत्रित मात्रा में एनेस्थेटिक गैस देकर बेहोश करते हैं और वेंटिलेशन सिस्टम के माध्यम से उसकी श्वसन प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं। साथ ही ऑक्सीजन की उचित आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। मशीनें दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सैचुरेशन और अन्य वाइटल संकेतों की रियल टाइम मॉनिटरिंग करती हैं।
किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी कर डॉक्टरों को सतर्क करती हैं। आधुनिक एनेस्थीसिया प्रणाली सर्जरी के दौरान जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है। पहले जहां जटिल ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता और मैनुअल निगरानी पर अधिक निर्भरता रहती थी, वहीं अब डिजिटल मॉनिटरिंग से सटीकता बढ़ेगी। इससे मरीज की सुरक्षा और रिकवरी बेहतर होंगी।नई मशीनों का उपयोग ऑपरेशन थिएटर के साथ-साथ सुपर स्पेशलिटी विभागों में भी किया जाएगा। इससे जिला स्तर पर ही कई जटिल सर्जरी संभव हो सकेंगी। जिला नागरिक अस्पताल के लिए तो इसे फायदेमंद माना जा रहा है। संवाद
उपचार की गुणवत्ता बढ़ेगी : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि जर्मन तकनीक के एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन लगना स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे मरीजों को अपने जिले में ही उच्चस्तरीय सर्जिकल सुविधा मिलेगी। इससे सरकारी अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा और भरोसा भी बढ़ेगा। मरीजों के लिए यह तकनीक इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि एनेस्थीसिया की सटीक मात्रा और निरंतर निगरानी से ऑपरेशन के दौरान जटिलताओं की संभावना कम होती है। साथ ही सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रखने में भी मदद मिलती है।
एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन के प्रमुख कार्य
एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन नियंत्रित मात्रा में एनेस्थेटिक गैस देकर मरीज को बेहोश करता है। वेंटिलेशन के जरिए श्वसन प्रक्रिया को संतुलित रखता है। सर्जरी के दौरान मरीज को ऑक्सीजन की सटीक आपूर्ति सुनिश्चित करता है। दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर व ऑक्सीजन स्तर की निरंतर निगरानी रहती है। साथ ही आपात स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी करता है।
Trending Videos
यमुनानगर। अब प्रदेश के जिला नागरिक अस्पतालों में सर्जरी के दौरान मरीजों की सांस, धड़कन और ऑक्सीजन स्तर पर हर पल डिजिटल नजर रहेगी। हरियाणा सरकार ने सभी 22 जिला अस्पतालों में जर्मन तकनीक से लैस अत्याधुनिक एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन स्थापित करने का फैसला लिया है। करीब 7.65 करोड़ रुपये से खरीदी गईं ये मशीनें दो से तीन महीने में अस्पतालों में पहुंचने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिला अस्पतालों में पहले से एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन मौजूद हैं। लेकिन बदलते समय और बढ़ती जटिल सर्जरी को देखते हुए आधुनिक, सुरक्षित और सटीक तकनीक की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी के तहत विदेशी तकनीक से लैस नई मशीनों की खरीद की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन सर्जरी के दौरान मरीज को नियंत्रित मात्रा में एनेस्थेटिक गैस देकर बेहोश करते हैं और वेंटिलेशन सिस्टम के माध्यम से उसकी श्वसन प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं। साथ ही ऑक्सीजन की उचित आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। मशीनें दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सैचुरेशन और अन्य वाइटल संकेतों की रियल टाइम मॉनिटरिंग करती हैं।
किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी कर डॉक्टरों को सतर्क करती हैं। आधुनिक एनेस्थीसिया प्रणाली सर्जरी के दौरान जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है। पहले जहां जटिल ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता और मैनुअल निगरानी पर अधिक निर्भरता रहती थी, वहीं अब डिजिटल मॉनिटरिंग से सटीकता बढ़ेगी। इससे मरीज की सुरक्षा और रिकवरी बेहतर होंगी।नई मशीनों का उपयोग ऑपरेशन थिएटर के साथ-साथ सुपर स्पेशलिटी विभागों में भी किया जाएगा। इससे जिला स्तर पर ही कई जटिल सर्जरी संभव हो सकेंगी। जिला नागरिक अस्पताल के लिए तो इसे फायदेमंद माना जा रहा है। संवाद
उपचार की गुणवत्ता बढ़ेगी : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि जर्मन तकनीक के एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन लगना स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे मरीजों को अपने जिले में ही उच्चस्तरीय सर्जिकल सुविधा मिलेगी। इससे सरकारी अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा और भरोसा भी बढ़ेगा। मरीजों के लिए यह तकनीक इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि एनेस्थीसिया की सटीक मात्रा और निरंतर निगरानी से ऑपरेशन के दौरान जटिलताओं की संभावना कम होती है। साथ ही सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रखने में भी मदद मिलती है।
एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन के प्रमुख कार्य
एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन नियंत्रित मात्रा में एनेस्थेटिक गैस देकर मरीज को बेहोश करता है। वेंटिलेशन के जरिए श्वसन प्रक्रिया को संतुलित रखता है। सर्जरी के दौरान मरीज को ऑक्सीजन की सटीक आपूर्ति सुनिश्चित करता है। दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर व ऑक्सीजन स्तर की निरंतर निगरानी रहती है। साथ ही आपात स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी करता है।