सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Remembering God is the easiest way to salvation: Priya

भगवान का सिमरन मोक्ष का सरल मार्ग : प्रिया

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 23 Feb 2026 01:28 AM IST
विज्ञापन
Remembering God is the easiest way to salvation: Priya
साढौरा में कलश यात्रा में हिस्सा लेते श्रद्धालु। आयोजक
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
Trending Videos

साढौरा। श्री श्याम गोशाला में रविवार से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। मथुरा की साध्वी प्रिया किशोरी ने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण और भक्ति मार्ग के अनुसार भगवत सिमरन या भगवान का निरंतर स्मरण मोक्ष प्राप्ति का सबसे सरल और सुलभ मार्ग माना गया है।
उन्होंने बताया कि शास्त्रों में कहा गया है कि इस युग में कठिन तपस्या या यज्ञ करना सबके लिए संभव नहीं है, इसलिए केवल भगवान के नाम का सिमरन ही भवसागर से पार लगाने में सक्षम है। मोक्ष के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा मन की चंचलता और अशुद्धि है। जब हम निरंतर भगवत सिमरन करते हैं, तो धीरे-धीरे मन से विकार (काम, क्रोध, लोभ, मोह) दूर होने लगते हैं और अंतःकरण शुद्ध हो जाता है। शुद्ध मन ही परमात्मा का अनुभव कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भगवान कृष्ण कहते हैं कि अंत काल में मनुष्य जिस भाव का स्मरण करते हुए शरीर त्यागता है, वह उसी को प्राप्त होता है। यदि जीवन भर सिमरन का अभ्यास हो, तो अंत समय में भगवान की याद बनी रहती है, जिससे जीव जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करता है।
भक्ति मार्ग की मान्यता है कि भगवान के नाम में वह शक्ति है जो संचित कर्मों के बंधन को काट देती है। जब भक्त अनन्य भाव से सिमरन करता है, तो उसके कर्म बंधन ढीले हो जाते हैं, जो मोक्ष के लिए अनिवार्य है।
साध्वी प्रिया किशोरी ने बताया कि भागवत महापुराण में अजामिल की कथा इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। उसने केवल अपने पुत्र का नाम नारायण पुकारा था, लेकिन अनजाने में ही सही, भगवान का नाम लेने मात्र से उसे यमदूतों से मुक्ति मिली और उसे मोक्ष प्राप्त हुआ।
महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा
कथा प्रारंभ होने से पहले गोहानपुर मोहल्ला स्थित खेड़ा से कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश यात्रा राजपुर गांव के खेड़ा से होती हुई कथा स्थल पर संपन्न हुई। राजकुमार गोयल ने अपने परिवार के साथ आरती करके पहले दिन की कथा का शुभारंभ किया। इस दौरान श्री श्याम गौशाला के संचालक व गोरक्षा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महंत शोभादास, संत बाबा अनाड़ी दास, साध्वी सोनू नाथ, महंत बलरामदास, रामकुमार गुर्ज्जर, अमित सेतिया, नैब दास, महंत अभिराम दासी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed