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Yamuna Nagar News: समूहों से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:58 AM IST
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समूह की बैठक के दौरान गतिविधियों पर चर्चा करतीं महिलाएं। स्वयं
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला परिषद की देखरेख में संचालित स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं। महिलाएंसचिव, खजांची और प्रधान जैसे दायित्व निभाते हुए अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा, जिला परिषद के सीईओ सुशील कुमार, बीपीएम देवेंद्र राणा और धर्मवीर कांबोज ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। इनमें बचत, ऋण प्रक्रिया, बैंकिंग सेवाओं और स्वरोजगार से संबंधित जानकारी दी जाती है। समूहों के माध्यम से कई महिलाएं पशुपालन, डेयरी, आटा चक्की, ब्यूटी पार्लर, कैंटीन, करियाना स्टोर, जूट बैग निर्माण और सीएससी सेंटर जैसे कार्यों से जुड़कर आय बढ़ा रही हैं। कई महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
कविता देवी ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद गांव की महिलाओं में नया आत्मविश्वास आया है। महिलाएं सीएससी, सिलाई-कढ़ाई, जूट बैग निर्माण, ब्यूटी पार्लर से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। गांव संधाय की विलेज फैसिलेटर शमीम ने बताया किसमूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। वह सीएससी सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। गांव महमूदपुर की मां वैष्णो स्वयं सहायता समूह से जूड़ी समूह की प्रधान नीलम देवी ने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है। समूह की सदस्य विभिन्न स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रशिक्षण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
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यमुनानगर। जिला परिषद की देखरेख में संचालित स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं। महिलाएंसचिव, खजांची और प्रधान जैसे दायित्व निभाते हुए अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा, जिला परिषद के सीईओ सुशील कुमार, बीपीएम देवेंद्र राणा और धर्मवीर कांबोज ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। इनमें बचत, ऋण प्रक्रिया, बैंकिंग सेवाओं और स्वरोजगार से संबंधित जानकारी दी जाती है। समूहों के माध्यम से कई महिलाएं पशुपालन, डेयरी, आटा चक्की, ब्यूटी पार्लर, कैंटीन, करियाना स्टोर, जूट बैग निर्माण और सीएससी सेंटर जैसे कार्यों से जुड़कर आय बढ़ा रही हैं। कई महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
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कविता देवी ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद गांव की महिलाओं में नया आत्मविश्वास आया है। महिलाएं सीएससी, सिलाई-कढ़ाई, जूट बैग निर्माण, ब्यूटी पार्लर से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। गांव संधाय की विलेज फैसिलेटर शमीम ने बताया किसमूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। वह सीएससी सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। गांव महमूदपुर की मां वैष्णो स्वयं सहायता समूह से जूड़ी समूह की प्रधान नीलम देवी ने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है। समूह की सदस्य विभिन्न स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रशिक्षण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।