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Yamuna Nagar News: दोस्त की हत्या के दोषी को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए विवाद में दोस्त वरुण ओबराय की चाकू मारकर हत्या करने में करीब सात साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशविंदर पाल सिंह की अदालत ने आरोपी श्रीव्यास उर्फ वासु सचदेवा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के अपराध में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने यह फैसला वर्ष 2019 में थाना शहर यमुनानगर में दर्ज एफआईआर नंबर 651 के तहत हत्या के मामले में सुनाया।
घटना 10 नवंबर 2019 की रात की है, जब महाराणा प्रताप पार्क के पास जन्मदिन की पार्टी के दौरान विवाद हो गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि कुछ युवकों ने एक युवक को चाकू मार दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तब तक घायल को अस्पताल ले जाया जा चुका था।
बाद में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान करण ओबराय उर्फ वासु के रूप में हुई थी। जांच में सामने आया कि मृतक अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी मनाने गया था। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोपी वासु सचदेवा ने चाकू निकालकर करण के पेट में वार कर दिया।
इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। मौके से खून से सने कपड़े, मोबाइल फोन और शराब की बोतल बरामद की गई। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट हुआ कि युवक की मौत कई गंभीर चोटों और फेफड़ों व हृदय पर लगे घातक वार के कारण हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
आरोपी ने पूछताछ में वारदात कबूल करते हुए बताया कि उसने झगड़े के दौरान गुस्से में आकर चाकू से हमला किया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया। इसके अलावा आरोपी के कपड़ों पर भी खून के निशान मिले, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।
मामले में अन्य युवकों को भी शुरू में आरोपी बनाया गया था, लेकिन जांच के दौरान वे निर्दोष पाए गए और उन्हें बाद में बरी कर दिया गया। अदालत में पेश किए गए गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी वासु सचदेवा के खिलाफ आरोप साबित हो गए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य मजबूत और विश्वसनीय हैं, जो यह साबित करते हैं कि आरोपी ने ही जानबूझकर युवक की हत्या की है।
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यमुनानगर। जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए विवाद में दोस्त वरुण ओबराय की चाकू मारकर हत्या करने में करीब सात साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशविंदर पाल सिंह की अदालत ने आरोपी श्रीव्यास उर्फ वासु सचदेवा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के अपराध में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने यह फैसला वर्ष 2019 में थाना शहर यमुनानगर में दर्ज एफआईआर नंबर 651 के तहत हत्या के मामले में सुनाया।
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घटना 10 नवंबर 2019 की रात की है, जब महाराणा प्रताप पार्क के पास जन्मदिन की पार्टी के दौरान विवाद हो गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि कुछ युवकों ने एक युवक को चाकू मार दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तब तक घायल को अस्पताल ले जाया जा चुका था।
बाद में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान करण ओबराय उर्फ वासु के रूप में हुई थी। जांच में सामने आया कि मृतक अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी मनाने गया था। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोपी वासु सचदेवा ने चाकू निकालकर करण के पेट में वार कर दिया।
इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। मौके से खून से सने कपड़े, मोबाइल फोन और शराब की बोतल बरामद की गई। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट हुआ कि युवक की मौत कई गंभीर चोटों और फेफड़ों व हृदय पर लगे घातक वार के कारण हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
आरोपी ने पूछताछ में वारदात कबूल करते हुए बताया कि उसने झगड़े के दौरान गुस्से में आकर चाकू से हमला किया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया। इसके अलावा आरोपी के कपड़ों पर भी खून के निशान मिले, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।
मामले में अन्य युवकों को भी शुरू में आरोपी बनाया गया था, लेकिन जांच के दौरान वे निर्दोष पाए गए और उन्हें बाद में बरी कर दिया गया। अदालत में पेश किए गए गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी वासु सचदेवा के खिलाफ आरोप साबित हो गए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य मजबूत और विश्वसनीय हैं, जो यह साबित करते हैं कि आरोपी ने ही जानबूझकर युवक की हत्या की है।