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Yamuna Nagar News: मिड-डे-मील योजना आधार से जुड़ी, हर महीने होगा सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:15 AM IST
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विद्यालय में मिड-डे मील योजना के तहत भोजन करते बच्चे। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाले पौष्टिक भोजन की योजना भी आधार के लिंक कर दी गई है। अब विद्यालयों में मिड-डे-मील खाने वाले विद्यार्थियों का हर महीने सत्यापन करना अनिवार्य होगा। विद्यार्थियों सत्यापन के आधार पर ही मिड-डे-मील योजना का बजट बनाया जाएगा।
निदेशालय के आदेश के बाद अब विद्यालयों के मुखियाओं को हर महीने मिड-डे-मील के विद्यार्थियों का विभाग के पोर्टल पर ब्योरा देना होगा। हर महीने की दस तारीख से पहले विद्यार्थियों का ब्योरा आधार सत्यापन के साथ डीबीटी और एमआईएस पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। परंतु यह आदेश कई विद्यालयों के लिए मुसीबत भी बन गया है।
जिले के कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां इंटरनेट की भारी दिक्कत हैं। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के लिए है। विशेषकर उत्तरप्रदेश और हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे गांवों में यह दिक्कत काफी है। चूंकि यहां पर नेटवर्क की दिक्कत के कारण कॉल करने में भी दिक्कत होती है। इस कारण यहां पर इंटरनेट सही से काम नहीं करता है।
इस कारण ऑनलाइन काम के लिए इन विद्यालयों को कलस्टर के विद्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता है। जिले में करीब घाड़ और पहाड़ी क्षेत्र के ऐसे करीब 25 विद्यालय हैं, जहां यह दिक्कत है। अब इन विद्यालयों के मुखियाओं को हर महीने ब्योरा अपडेट करने में कलस्टर की दौड़ लगानी होगी।
मिड-डे मील योजना में पारदर्शिता और फर्जी नामांकन पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने यह नियम लागू किया है। अब योजना से जुड़े प्रत्येक विद्यार्थी का आधार सत्यापन करना होगा। विद्यालयों को हर महीने की 10 तारीख से पहले डीबीटी और एमआईएस पोर्टल पर डेटा अपडेट करना होगा। विभाग के अनुसार बिना आधार सत्यापन के बजट का सटीक आकलन करना संभव नहीं है।
वहीं इससे लाभार्थियों तक योजना का लाभ सही तरीके से भी पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। इसी कारण विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी विद्यार्थियों का आधार सत्यापन कर रिकॉर्ड तुरंत अपडेट करें। इंटरनेट की दिक्कत वाले विद्यालयों में आधार लिंक नहीं हो पा रहे हैं। वहीं पोर्टल की धीमी गति भी दिक्कतें बढ़ा रही है।
विद्यार्थियों के सत्यापन का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करने के निदेशालय ने निर्देश दिया है। इसके तहत सभी विद्यालय प्रभारी, मुखियाओं और कलस्टर हेड, खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इंटरनेट की समस्या वाले विद्यालय फिलहाल कलस्टर से यह काम कर सकते हैं। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाले पौष्टिक भोजन की योजना भी आधार के लिंक कर दी गई है। अब विद्यालयों में मिड-डे-मील खाने वाले विद्यार्थियों का हर महीने सत्यापन करना अनिवार्य होगा। विद्यार्थियों सत्यापन के आधार पर ही मिड-डे-मील योजना का बजट बनाया जाएगा।
निदेशालय के आदेश के बाद अब विद्यालयों के मुखियाओं को हर महीने मिड-डे-मील के विद्यार्थियों का विभाग के पोर्टल पर ब्योरा देना होगा। हर महीने की दस तारीख से पहले विद्यार्थियों का ब्योरा आधार सत्यापन के साथ डीबीटी और एमआईएस पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। परंतु यह आदेश कई विद्यालयों के लिए मुसीबत भी बन गया है।
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जिले के कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां इंटरनेट की भारी दिक्कत हैं। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के लिए है। विशेषकर उत्तरप्रदेश और हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे गांवों में यह दिक्कत काफी है। चूंकि यहां पर नेटवर्क की दिक्कत के कारण कॉल करने में भी दिक्कत होती है। इस कारण यहां पर इंटरनेट सही से काम नहीं करता है।
इस कारण ऑनलाइन काम के लिए इन विद्यालयों को कलस्टर के विद्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता है। जिले में करीब घाड़ और पहाड़ी क्षेत्र के ऐसे करीब 25 विद्यालय हैं, जहां यह दिक्कत है। अब इन विद्यालयों के मुखियाओं को हर महीने ब्योरा अपडेट करने में कलस्टर की दौड़ लगानी होगी।
मिड-डे मील योजना में पारदर्शिता और फर्जी नामांकन पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने यह नियम लागू किया है। अब योजना से जुड़े प्रत्येक विद्यार्थी का आधार सत्यापन करना होगा। विद्यालयों को हर महीने की 10 तारीख से पहले डीबीटी और एमआईएस पोर्टल पर डेटा अपडेट करना होगा। विभाग के अनुसार बिना आधार सत्यापन के बजट का सटीक आकलन करना संभव नहीं है।
वहीं इससे लाभार्थियों तक योजना का लाभ सही तरीके से भी पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। इसी कारण विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी विद्यार्थियों का आधार सत्यापन कर रिकॉर्ड तुरंत अपडेट करें। इंटरनेट की दिक्कत वाले विद्यालयों में आधार लिंक नहीं हो पा रहे हैं। वहीं पोर्टल की धीमी गति भी दिक्कतें बढ़ा रही है।
विद्यार्थियों के सत्यापन का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करने के निदेशालय ने निर्देश दिया है। इसके तहत सभी विद्यालय प्रभारी, मुखियाओं और कलस्टर हेड, खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इंटरनेट की समस्या वाले विद्यालय फिलहाल कलस्टर से यह काम कर सकते हैं। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।