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Yamuna Nagar News: मंत्री ने निगम में अवैध प्लॉटों को वैध करने पर बैठाई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:15 AM IST
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बैठक में मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को अपनी सफाई देते डीआरओ। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला सचिवालय में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के समक्ष नगर निगम में अवैध प्लॉटों को वैध करने के चल रहे खेल का मामला आया। इस पर मंत्री में मामले की जांच बैठा दी है।
सेक्टर-17 निवासी महेंद्र तनेजा ने शिकायत दी थी कि उन्होंने अपने भाई के साथ मिलकर शहर के राम नगर में चार प्लॉट खरीदे थे। चारों प्लॉटों का खसरा नंबर एक ही था। जब वह प्लाॅटों की रजिस्टरी कराने गए तो नगर निगम ने सभी प्लॉटों को अवैध कॉलोनी में बताया। इसलिए किसी भी प्लॉट की रजिस्टरी नहीं हो पाई।
इसी दौरान उसके भाई बीमार हो गए और उन्होंने अपने हिस्से का एक प्लॉट बेच दिया। बीमारी की वजह से भाई की का निधन हो गया। भाई ने जिस व्यक्ति को प्लाॅट बेचा था उसके प्लॉट की रजिस्टरी 23 जुलाई 2025 को तहसील में हो गई है। इसके लिए नगर निगम ने प्लॉट को वैध बताया।
तनेजा का आरोप है कि जब एक ही खसरा नंबर के एक प्लॉट को वैध दिखाया गया है तो उसके तीन प्लॉटों को अवैध की श्रेणी में क्यों रखा गया है। वह अपने बेटे पास लंदन में रहते हैं। इस काम के लिए वह लंदन से चार चक्कर लगा चुका है। आठ महीने से यहां भटक रहे हैं। इस पर निगम के एक्सईएन ने नरेंद्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए मंत्री को बताया कि इस मामले की जांच की गई।
जांच में पता चला है कि जिस एई की आईडी से मोबाइल नंबर बदल कर रजिस्टरी करवाई गई है, उन दोनों का तबादला पंचकूला हो गया है। निगम कमिश्नर महाबीर प्रसाद ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। इस बारे में यूएलबी को लिखा जाएगा जिसके लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।
इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने एडीसी नवीन आहूजा की निगरानी में एक कमेटी बनाई। जो इस मामले की गहराई तक जाएगी। कमेटी अगली बैठक में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। एडीसी के साथ नगर कष्ट निवारण समिति सदस्य संगीता सिंघल व प्रियांक शर्मा को भी लगाया गया है। मंत्री ने निगम अधिकारियों से यह भी कहा कि वह सबूत जुटा कर तबादला करवा चुके कर्मचारियों पर कार्रवाई करें नहीं तो अगली बैठक में वह अपना फैसला सुनाएंगे।
वहीं जब तक कोई फैसला नहीं हो जाता तब तक बेचे गए प्लॉट का नक्शा पास करने, निर्माण पर रोक लगाने को कहा। वहीं कष्ट निवारण समिति सदस्य रोशन लाल व अन्य ने भी मंत्री को बताया कि यह समस्या गंभीर है। आधा शहर वैध-अवैध में उलझा हुआ है। इसकी जांच होनी ही चाहिए।
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यमुनानगर। जिला सचिवालय में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के समक्ष नगर निगम में अवैध प्लॉटों को वैध करने के चल रहे खेल का मामला आया। इस पर मंत्री में मामले की जांच बैठा दी है।
सेक्टर-17 निवासी महेंद्र तनेजा ने शिकायत दी थी कि उन्होंने अपने भाई के साथ मिलकर शहर के राम नगर में चार प्लॉट खरीदे थे। चारों प्लॉटों का खसरा नंबर एक ही था। जब वह प्लाॅटों की रजिस्टरी कराने गए तो नगर निगम ने सभी प्लॉटों को अवैध कॉलोनी में बताया। इसलिए किसी भी प्लॉट की रजिस्टरी नहीं हो पाई।
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इसी दौरान उसके भाई बीमार हो गए और उन्होंने अपने हिस्से का एक प्लॉट बेच दिया। बीमारी की वजह से भाई की का निधन हो गया। भाई ने जिस व्यक्ति को प्लाॅट बेचा था उसके प्लॉट की रजिस्टरी 23 जुलाई 2025 को तहसील में हो गई है। इसके लिए नगर निगम ने प्लॉट को वैध बताया।
तनेजा का आरोप है कि जब एक ही खसरा नंबर के एक प्लॉट को वैध दिखाया गया है तो उसके तीन प्लॉटों को अवैध की श्रेणी में क्यों रखा गया है। वह अपने बेटे पास लंदन में रहते हैं। इस काम के लिए वह लंदन से चार चक्कर लगा चुका है। आठ महीने से यहां भटक रहे हैं। इस पर निगम के एक्सईएन ने नरेंद्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए मंत्री को बताया कि इस मामले की जांच की गई।
जांच में पता चला है कि जिस एई की आईडी से मोबाइल नंबर बदल कर रजिस्टरी करवाई गई है, उन दोनों का तबादला पंचकूला हो गया है। निगम कमिश्नर महाबीर प्रसाद ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। इस बारे में यूएलबी को लिखा जाएगा जिसके लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।
इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने एडीसी नवीन आहूजा की निगरानी में एक कमेटी बनाई। जो इस मामले की गहराई तक जाएगी। कमेटी अगली बैठक में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। एडीसी के साथ नगर कष्ट निवारण समिति सदस्य संगीता सिंघल व प्रियांक शर्मा को भी लगाया गया है। मंत्री ने निगम अधिकारियों से यह भी कहा कि वह सबूत जुटा कर तबादला करवा चुके कर्मचारियों पर कार्रवाई करें नहीं तो अगली बैठक में वह अपना फैसला सुनाएंगे।
वहीं जब तक कोई फैसला नहीं हो जाता तब तक बेचे गए प्लॉट का नक्शा पास करने, निर्माण पर रोक लगाने को कहा। वहीं कष्ट निवारण समिति सदस्य रोशन लाल व अन्य ने भी मंत्री को बताया कि यह समस्या गंभीर है। आधा शहर वैध-अवैध में उलझा हुआ है। इसकी जांच होनी ही चाहिए।