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Yamuna Nagar News: माता-पिता ने पियानो नहीं दिलाया तो बच्चे ने रचा अपहरण का नाटक
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 19 May 2026 01:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सदर जगाधरी क्षेत्र के गांव भटली में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 11 साल के बच्चे ने जन्मदिन पर परिवार से उपहार में पियानो न मिलने की नाराजगी में अपने अपहरण का नाटक रच डाला।
पहले पहल तो परिवार और पुलिस दोनों ने बच्चे पर यकीन कर लिया लेकिन थोड़ी ही देर में उसका झूठ पकड़ा गया तो सच्चाई जानकर सभी दंग रह गए। पुलिस के अनुसार, उसने यह कहानी क्राइम सीरियल देखकर बनाई थी। गांव के ही रहने वाले उसके दोस्त ने इसमें उसका साथ दिया। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि रविवार को उसका जन्मदिन था। उसने अपने माता-पिता से कई दिन पहले ही कह दिया था कि उसे उपहार में पियानो चाहिए।
उसके काफी जिद करने पर माता-पिता ने महंगा वाद्य यंत्र दिलाने में असमर्थता जताई। उसे फिर भी उम्मीद थी कि जन्मदिन पर उसकी जिद के आगे वे लोग झुक जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसकी नाराजगी में उसने अपने अपहरण का वह नाटक किया जो उसने क्राइम सीरियल में देखा था। जांच अधिकारी आनंद प्रकाश ने बताया कि बच्चे के पिता ने रविवार की रात आठ बजे पुलिस को अपहरण की सूचना दी। उन्होंने बताया कि बेटा गली में टहल गया था। इसके बाद लापता हो गया। उन्हें शक है कि उसका अपहरण किया गया। पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की तो थोड़ी देर बाद ही वह गांव के बाहर की तरफ सड़क किनारे पड़ा मिला।
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उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। बाइक से गुजर रहा एक युवक उसे देखकर रुक गया था। तभी और लोगों की नजर भी बच्चे पर पड़ी। उन लोगों ने बाइक सवार युवक को बदमाश समझ उसकी पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस युवक और बच्चे को थाने ले गई। वहां बच्चे ने बताया कि बाइक पर दो युवक आए थे। घर के बाहर से ही उसका अपहरण कर ले गए। वे फिरौती चाहते थे। उन्होंने ही हाथ-पांव बांधकर उसे गांव के बाहर फेंक दिया। पुलिस ने उससे युवकों का हुलिया पूछा वह ठीक से बता नहीं पाया। इसके बाद जब यह पूछा कि उसने शोर क्यों नहीं मचाया तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया। उससे दो-तीन बार पूरा घटनाक्रम विस्तार से बचाने के लिए कहा गया तो रोने लगा। इसके बाद उसने सच बता दिया। पुलिस ने सोमवार को उसके किशोर न्याय बोर्ड के सामने बयान दर्ज कराए। बाल कल्याण समिति ने उसकी काउंसिलिंग की। उसके माता-पिता से कहा कि उस पर नजर रखें। उधर युवक को पुलिस ने छोड़ दिया।
रस्सी ढीली देख हुआ पुलिस को शक
जांच अधिकारी ने बताया कि बच्चे ने 12 साल के अपने दोस्त से कहा था कि वह उसके हाथ-पांव बांध दे और चला जाए। इसके बदले उसे पैसे देने का लालच दिया था। दोस्त ने ऐसा ही किया लेकिन एक गलती कर दी। उसने रस्सी बहुत ढीली बांधी। पुलिस देखते ही समझ गई कि यह काम किसी अपराधी का नहीं हो सकता। बच्चे ने यह भी बताया कि उसे लगा कि उसके अपहरण को सच मानकर माता-पिता डर जाएंगे और फिर उसकी पियानो की जिद पूरी कर देंगे।
यह मामला एक सबक की तरह है। माता-पिता की जिम्मेदारी है कि बच्चों पर नजर रखें। उन्हें पता होना चाहिए कि बच्चा टीवी और मोबाइल में क्या देखता है। बच्चों के दोस्तों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। -पूजा, डीएसपी
यमुनानगर। सदर जगाधरी क्षेत्र के गांव भटली में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 11 साल के बच्चे ने जन्मदिन पर परिवार से उपहार में पियानो न मिलने की नाराजगी में अपने अपहरण का नाटक रच डाला।
पहले पहल तो परिवार और पुलिस दोनों ने बच्चे पर यकीन कर लिया लेकिन थोड़ी ही देर में उसका झूठ पकड़ा गया तो सच्चाई जानकर सभी दंग रह गए। पुलिस के अनुसार, उसने यह कहानी क्राइम सीरियल देखकर बनाई थी। गांव के ही रहने वाले उसके दोस्त ने इसमें उसका साथ दिया। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि रविवार को उसका जन्मदिन था। उसने अपने माता-पिता से कई दिन पहले ही कह दिया था कि उसे उपहार में पियानो चाहिए।
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उसके काफी जिद करने पर माता-पिता ने महंगा वाद्य यंत्र दिलाने में असमर्थता जताई। उसे फिर भी उम्मीद थी कि जन्मदिन पर उसकी जिद के आगे वे लोग झुक जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसकी नाराजगी में उसने अपने अपहरण का वह नाटक किया जो उसने क्राइम सीरियल में देखा था। जांच अधिकारी आनंद प्रकाश ने बताया कि बच्चे के पिता ने रविवार की रात आठ बजे पुलिस को अपहरण की सूचना दी। उन्होंने बताया कि बेटा गली में टहल गया था। इसके बाद लापता हो गया। उन्हें शक है कि उसका अपहरण किया गया। पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की तो थोड़ी देर बाद ही वह गांव के बाहर की तरफ सड़क किनारे पड़ा मिला।
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पुलिस युवक और बच्चे को थाने ले गई। वहां बच्चे ने बताया कि बाइक पर दो युवक आए थे। घर के बाहर से ही उसका अपहरण कर ले गए। वे फिरौती चाहते थे। उन्होंने ही हाथ-पांव बांधकर उसे गांव के बाहर फेंक दिया। पुलिस ने उससे युवकों का हुलिया पूछा वह ठीक से बता नहीं पाया। इसके बाद जब यह पूछा कि उसने शोर क्यों नहीं मचाया तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया। उससे दो-तीन बार पूरा घटनाक्रम विस्तार से बचाने के लिए कहा गया तो रोने लगा। इसके बाद उसने सच बता दिया। पुलिस ने सोमवार को उसके किशोर न्याय बोर्ड के सामने बयान दर्ज कराए। बाल कल्याण समिति ने उसकी काउंसिलिंग की। उसके माता-पिता से कहा कि उस पर नजर रखें। उधर युवक को पुलिस ने छोड़ दिया।
रस्सी ढीली देख हुआ पुलिस को शक
जांच अधिकारी ने बताया कि बच्चे ने 12 साल के अपने दोस्त से कहा था कि वह उसके हाथ-पांव बांध दे और चला जाए। इसके बदले उसे पैसे देने का लालच दिया था। दोस्त ने ऐसा ही किया लेकिन एक गलती कर दी। उसने रस्सी बहुत ढीली बांधी। पुलिस देखते ही समझ गई कि यह काम किसी अपराधी का नहीं हो सकता। बच्चे ने यह भी बताया कि उसे लगा कि उसके अपहरण को सच मानकर माता-पिता डर जाएंगे और फिर उसकी पियानो की जिद पूरी कर देंगे।
यह मामला एक सबक की तरह है। माता-पिता की जिम्मेदारी है कि बच्चों पर नजर रखें। उन्हें पता होना चाहिए कि बच्चा टीवी और मोबाइल में क्या देखता है। बच्चों के दोस्तों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। -पूजा, डीएसपी