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Yamuna Nagar News: निजी विद्यालयों के खिलाफ सड़क पर उतरे अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 19 May 2026 01:30 AM IST
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शहर में निजी स्कूलों के खिलाफ पदयात्रा निकालते अभिभावक। संगठन
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। निजी स्कूलों की मनमानी फीस व्यवस्था के विरोध में अभिभावक सड़क पर उतरे। अभिभावकों ने शहर में पद यात्रा निकालकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। यह पदयात्रा अभिभावक एकता मंच की ओर से बुलाई गई थी।
पदयात्रा पुराना नेशनल हाईवे स्थित महाराणा प्रताप चौक से शुरू होकर वर्कशॉप रोड स्थित आईटीआई, परशुराम चौक (ससौली मोड़) से होते हुए दोबारा महाराणा प्रताप चौक पहुंची। यात्रा के दौरान अभिभावकों ने अब नहीं तो कभी नहीं, शिक्षा सेवा बने, व्यापार नहीं और एक देश, एक किताब, एक समान फीस के समर्थन में नारेबाजी की।
लोगों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ भी नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया। मंच के अंकुश बक्शी, संजीव नंदा, राघव ने कहा कि निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं और इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
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विभाग ने जांच के दौरान 35 स्कूलों में अनियमितताएं पाई थीं। एक महीने बाद भी किसी पर कार्रवाई नहीं की गई है। निजी स्कूल किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर अभिभावकों से मनमानी वसूल रहे हैं। इससे मध्यम व सामान्य वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
शिक्षा को व्यापार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि यह समाज सेवा और बच्चों के भविष्य निर्माण का जरिया होना चाहिए। वक्ताओं ने सरकार से शिक्षा क्षेत्र में एक समान नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किताबों और फीस को लेकर पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए।
जगाधरी। निजी स्कूलों की मनमानी फीस व्यवस्था के विरोध में अभिभावक सड़क पर उतरे। अभिभावकों ने शहर में पद यात्रा निकालकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। यह पदयात्रा अभिभावक एकता मंच की ओर से बुलाई गई थी।
पदयात्रा पुराना नेशनल हाईवे स्थित महाराणा प्रताप चौक से शुरू होकर वर्कशॉप रोड स्थित आईटीआई, परशुराम चौक (ससौली मोड़) से होते हुए दोबारा महाराणा प्रताप चौक पहुंची। यात्रा के दौरान अभिभावकों ने अब नहीं तो कभी नहीं, शिक्षा सेवा बने, व्यापार नहीं और एक देश, एक किताब, एक समान फीस के समर्थन में नारेबाजी की।
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लोगों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ भी नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया। मंच के अंकुश बक्शी, संजीव नंदा, राघव ने कहा कि निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं और इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
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शिक्षा को व्यापार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि यह समाज सेवा और बच्चों के भविष्य निर्माण का जरिया होना चाहिए। वक्ताओं ने सरकार से शिक्षा क्षेत्र में एक समान नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किताबों और फीस को लेकर पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए।