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Yamuna Nagar News: बिजली का हाल, अघोषित कटौती से शहर-गांव बेहाल
Mon, 29 Jun 2026 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:47 AM IST
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ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर में धमाके से टूटा बुशिंग। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस ने जिले में लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जिले में पहली बार एक दिन में बिजली की खपत एक करोड़ यूनिट के आंकड़े को पार कर गई। तीन दिन से एक करोड़ यूनिट से अधिक बिजली की खपत हो रही है। वहीं अघोषित बिजली कटौती से शहर और गांव दोनों बेहाल हैं।
जिले में 27 जून को एक करोड़ 2.94 लाख यूनिट की खपत दर्ज की गई। 26 को यह एक करोड़ 5.40 लाख यूनिट थी 25 जून को एक करोड़ 76 हजार यूनिट की खपत दर्ज की गई। बढ़ती मांग के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और इसका असर बार-बार लग रहे अघोषित कटों के रूप में सामने आ रहा है।
साल 2025 में इसी दौरान 25 जून को 52.20 लाख यूनिट, 26 जून को 61.55 लाख यूनिट और 27 जून को 79.42 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी। इस बार लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस के कारण घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों में एसी व कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
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अधिक लोड के कारण जगह-जगह बिजली के तार टूट रहे हैं। ट्रांसफार्मरों के फ्यूज उड़ रहे हैं और जंपर खराब हो रहे हैं। तकनीकी खराबियों के चलते कई इलाकों में बार-बार बिजली बाधित हो रही है। स्थिति यह है कि शहरी क्षेत्रों में भी हर 15 मिनट से आधे घंटे के अंतराल पर बिजली गुल हो रही है। इससे लोगों को दिन में राहत नहीं मिल रही और रात की नींद भी प्रभावित हो रही है।
शिकायतों का भी टूटा रिकॉर्ड
बिजली निगम के पास तीन दिन में 8002 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 26 जून को रिकॉर्ड 3626 शिकायतें प्राप्त हुईं। अब तक इतनी शिकायतें कभी नहीं आई थी। अधिकांश शिकायतें बिजली बंद होने, लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर फॉल्ट और लाइन में तकनीकी खराबी से जुड़ी हैं। शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ने से निगम की टीमें भी दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। हालांकि बिजली निगम का दावा है कि कहीं भी बिजली कट नहीं लगाए जा रहे हैं।तकनीकी खराबियों के कारण कुछ स्थानों पर आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जा रहा है। निगम का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 22 घंटे 20 मिनट, शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 45 मिनट, उद्योगों को 23 घंटे 50 मिनट तथा कृषि उपभोक्ताओं को 8 घंटे 15 मिनट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
लोग बोले - कूलर व पंखे बेअसर
शहर निवासी अजय का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से एसी और कूलर बंद हो जाते हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। मुकेश ने बताया कि दिन में काम करना और रात में सोना दोनों मुश्किल हो गए हैं। बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। विनोद का कहना है कि रिकॉर्ड बिजली खपत के साथ बिजली व्यवस्था को भी मजबूत बनाने की जरूरत है।
जब तक बारिश नहीं होती और उमस कम नहीं होती, तब तक बिजली की मांग ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। बारिश होने पर बिजली की मांग में कमी आएगी। बढ़ती मांग के बीच भी कोई कट नहीं लगाया जा रहा है। - मनिंद्र सिंह, एसई, बिजली निगम।
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यमुनानगर। भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस ने जिले में लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जिले में पहली बार एक दिन में बिजली की खपत एक करोड़ यूनिट के आंकड़े को पार कर गई। तीन दिन से एक करोड़ यूनिट से अधिक बिजली की खपत हो रही है। वहीं अघोषित बिजली कटौती से शहर और गांव दोनों बेहाल हैं।
जिले में 27 जून को एक करोड़ 2.94 लाख यूनिट की खपत दर्ज की गई। 26 को यह एक करोड़ 5.40 लाख यूनिट थी 25 जून को एक करोड़ 76 हजार यूनिट की खपत दर्ज की गई। बढ़ती मांग के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और इसका असर बार-बार लग रहे अघोषित कटों के रूप में सामने आ रहा है।
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साल 2025 में इसी दौरान 25 जून को 52.20 लाख यूनिट, 26 जून को 61.55 लाख यूनिट और 27 जून को 79.42 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी। इस बार लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस के कारण घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों में एसी व कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
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अधिक लोड के कारण जगह-जगह बिजली के तार टूट रहे हैं। ट्रांसफार्मरों के फ्यूज उड़ रहे हैं और जंपर खराब हो रहे हैं। तकनीकी खराबियों के चलते कई इलाकों में बार-बार बिजली बाधित हो रही है। स्थिति यह है कि शहरी क्षेत्रों में भी हर 15 मिनट से आधे घंटे के अंतराल पर बिजली गुल हो रही है। इससे लोगों को दिन में राहत नहीं मिल रही और रात की नींद भी प्रभावित हो रही है।
शिकायतों का भी टूटा रिकॉर्ड
बिजली निगम के पास तीन दिन में 8002 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 26 जून को रिकॉर्ड 3626 शिकायतें प्राप्त हुईं। अब तक इतनी शिकायतें कभी नहीं आई थी। अधिकांश शिकायतें बिजली बंद होने, लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर फॉल्ट और लाइन में तकनीकी खराबी से जुड़ी हैं। शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ने से निगम की टीमें भी दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। हालांकि बिजली निगम का दावा है कि कहीं भी बिजली कट नहीं लगाए जा रहे हैं।तकनीकी खराबियों के कारण कुछ स्थानों पर आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जा रहा है। निगम का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 22 घंटे 20 मिनट, शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 45 मिनट, उद्योगों को 23 घंटे 50 मिनट तथा कृषि उपभोक्ताओं को 8 घंटे 15 मिनट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
लोग बोले - कूलर व पंखे बेअसर
शहर निवासी अजय का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से एसी और कूलर बंद हो जाते हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। मुकेश ने बताया कि दिन में काम करना और रात में सोना दोनों मुश्किल हो गए हैं। बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। विनोद का कहना है कि रिकॉर्ड बिजली खपत के साथ बिजली व्यवस्था को भी मजबूत बनाने की जरूरत है।
जब तक बारिश नहीं होती और उमस कम नहीं होती, तब तक बिजली की मांग ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। बारिश होने पर बिजली की मांग में कमी आएगी। बढ़ती मांग के बीच भी कोई कट नहीं लगाया जा रहा है। - मनिंद्र सिंह, एसई, बिजली निगम।

ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर में धमाके से टूटा बुशिंग। संवाद