{"_id":"69f655432e14afd45e016488","slug":"sanitation-workers-raise-slogans-in-support-of-their-demands-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-155389-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मांगों के समर्थन में सफाई कर्मचारियों की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मांगों के समर्थन में सफाई कर्मचारियों की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 03 May 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम जगाधरी कार्यालय के बाहर हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते कर्मचारी। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेेंसी
जगाधरी। नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले दूसरे दिन भी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने जगाधरी स्थित कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी। वहीं कर्मचारियों की मांगे न मानने पर कर्मचारियों ने रोष जताया। साथ ही सरकार को अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
हड़ताल का नेतृत्व जगाधरी जोन प्रधान प्रशांत ने किया। इस दौरान प्रधान प्रशांत सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि संघ व सरकार के बीच कई बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन सरकार उनकी मांगे नहीं पूरी कर रही है। इससे कर्मचारियों में हर दिन रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपना हक लेकर रहेंगे और उनका संघर्ष जारी रहेगा।
कोषाध्यक्ष श्रीचंद ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का, न्यूनतम वेतन 30,000 रुपये, ठेका प्रथा का अंत, ठेके पर लगे कर्मचारियों को पे-रोल करना, पुरानी पेंशन बहाली, एक्स-ग्रेसिया पॉलिसी पूर्ण रूप से लागू, हाईकोर्ट के फैसले अनुसार योजना बनाकर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना प्रमुख मांगें है। सरकार मांगों का समाधान नहीं करती है तो हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है।
Trending Videos
जगाधरी। नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले दूसरे दिन भी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने जगाधरी स्थित कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी। वहीं कर्मचारियों की मांगे न मानने पर कर्मचारियों ने रोष जताया। साथ ही सरकार को अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
हड़ताल का नेतृत्व जगाधरी जोन प्रधान प्रशांत ने किया। इस दौरान प्रधान प्रशांत सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि संघ व सरकार के बीच कई बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन सरकार उनकी मांगे नहीं पूरी कर रही है। इससे कर्मचारियों में हर दिन रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपना हक लेकर रहेंगे और उनका संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोषाध्यक्ष श्रीचंद ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का, न्यूनतम वेतन 30,000 रुपये, ठेका प्रथा का अंत, ठेके पर लगे कर्मचारियों को पे-रोल करना, पुरानी पेंशन बहाली, एक्स-ग्रेसिया पॉलिसी पूर्ण रूप से लागू, हाईकोर्ट के फैसले अनुसार योजना बनाकर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना प्रमुख मांगें है। सरकार मांगों का समाधान नहीं करती है तो हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है।
