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Yamuna Nagar News: वन रक्षकों की कमी से जंगल की सुरक्षा पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:26 AM IST
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कलेसर नेशनल पार्क। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। वन विभाग में कर्मचारियों, खासकर वन रक्षकों की भारी कमी है। हालात यह हैं कि विभाग में स्वीकृत 218 पदों में से 128 पद खाली पड़े हैं। वन रक्षकों के 102 में से 70 पद रिक्त हैं। ऐसे में जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई है, जिसका सीधा फायदा खैर की लकड़ी की तस्करी करने वाले उठा रहे हैं।
कर्मचारियों की कमी के कारण विभाग नियमित गश्त तक नहीं कर पा रहा। इसका परिणाम यह है कि तस्कर बेखौफ होकर जंगलों में घुसते हैं और खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर लकड़ी चोरी कर रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। विभाग को गश्त के लिए मजबूरी में निजी मजदूरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिन्हें करीब 410 रुपये 120 पैसे प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
जिले में चार रेंज हैं इनमें कलेसर, छछरौली, साढौरा व जगाधरी शामिल है। इनमें जंगलों की रखवाली के लिए एक गार्ड पर दो से तीन बीट है। बीट में गार्ड के पास दो व तीन जंगल होते हैं जिनमें गश्त करनी पड़ती है, जबकि जंगलों में नील गाय, जंगली सुअर, बंदर, जंगली हाथी, जंगली बिल्ली, तेंदुआ के अलावा और भी कई वन्य प्राणी रहते हैं। ऐसे में जान आफत में बनी रहती है। मगर फिर भी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डाल जंगल की पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
किस वन रेंज में कितनी बीट
जगाधरी रेंज की बात करें तो इसमें कलानौर, मानकपुर, दादूपुर, मुजादवाला, छप्पर, जगाधरी, गुंदियाना, रादौर, हरनौल व यमुनानगर ईस्ट बीट है। कलेसर रेंज में चिकन, कलेसर, खिजरी, खिलांवाला, मुजाफ्त, अंबवाली, प्रतापनगर, मांडेवाला व ताजेवाला बीट है। जबकि साढौरा रेंज में बिलासपुर, मलिकपुर बांगर, धनौरा, काठगढ़, सुंदर बहादुरपुर, असगरपुर, सेलपुर, चाहड़वाला, साढौरा व ठसका बीट है। इसी प्रकार छछरौली रेंज में छछरौली, चिकन नोर्थ, डारपुर, इंब्राहिपुर, बनसंतोर, कोट, नगली बांगा व नगली संडान बीट है।
बाक्स
किस रेंज में कहां-कहां जंगल
जिले में कलेसर रेंज में नागलपती, खिलावाला, कांसली, सेंचुरी व मांडेवाला आदि जगह पर छोटे-बड़े जंगल है। इसी तरह छछरौली रेंज में चिकन, ताहरपुर, नगली, इब्राहिम, जसांवाला के अलावा साढौरा रेंज में छोटे-बड़े 20 जंगल हैं। जबकि बिलासपुर ब्लॉक में मलिकपुर बांगर, राइयांवाला, बिलासपुर, संधाय, रामगढ़ आदि जंगल हैं। लेकिन इन सभी जंगलों में सबसे बड़ा जंगल कलेसर है जो 11570 एकड़ा एरिया में फैला हुआ है।
वर्जन
विभाग में कर्मचारियों का काफी टोटा है, ऐसे में कार्य मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यालय को विभाग में कर्मचारियों की स्थिति के बारे में अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है जल्द ही नए कर्मियों की भर्ती की जाएगी। - तेजवीर, डिप्टी सुपरिटेडेंट, वन विभाग।
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यमुनानगर। वन विभाग में कर्मचारियों, खासकर वन रक्षकों की भारी कमी है। हालात यह हैं कि विभाग में स्वीकृत 218 पदों में से 128 पद खाली पड़े हैं। वन रक्षकों के 102 में से 70 पद रिक्त हैं। ऐसे में जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई है, जिसका सीधा फायदा खैर की लकड़ी की तस्करी करने वाले उठा रहे हैं।
कर्मचारियों की कमी के कारण विभाग नियमित गश्त तक नहीं कर पा रहा। इसका परिणाम यह है कि तस्कर बेखौफ होकर जंगलों में घुसते हैं और खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर लकड़ी चोरी कर रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। विभाग को गश्त के लिए मजबूरी में निजी मजदूरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिन्हें करीब 410 रुपये 120 पैसे प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
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जिले में चार रेंज हैं इनमें कलेसर, छछरौली, साढौरा व जगाधरी शामिल है। इनमें जंगलों की रखवाली के लिए एक गार्ड पर दो से तीन बीट है। बीट में गार्ड के पास दो व तीन जंगल होते हैं जिनमें गश्त करनी पड़ती है, जबकि जंगलों में नील गाय, जंगली सुअर, बंदर, जंगली हाथी, जंगली बिल्ली, तेंदुआ के अलावा और भी कई वन्य प्राणी रहते हैं। ऐसे में जान आफत में बनी रहती है। मगर फिर भी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डाल जंगल की पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
किस वन रेंज में कितनी बीट
जगाधरी रेंज की बात करें तो इसमें कलानौर, मानकपुर, दादूपुर, मुजादवाला, छप्पर, जगाधरी, गुंदियाना, रादौर, हरनौल व यमुनानगर ईस्ट बीट है। कलेसर रेंज में चिकन, कलेसर, खिजरी, खिलांवाला, मुजाफ्त, अंबवाली, प्रतापनगर, मांडेवाला व ताजेवाला बीट है। जबकि साढौरा रेंज में बिलासपुर, मलिकपुर बांगर, धनौरा, काठगढ़, सुंदर बहादुरपुर, असगरपुर, सेलपुर, चाहड़वाला, साढौरा व ठसका बीट है। इसी प्रकार छछरौली रेंज में छछरौली, चिकन नोर्थ, डारपुर, इंब्राहिपुर, बनसंतोर, कोट, नगली बांगा व नगली संडान बीट है।
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किस रेंज में कहां-कहां जंगल
जिले में कलेसर रेंज में नागलपती, खिलावाला, कांसली, सेंचुरी व मांडेवाला आदि जगह पर छोटे-बड़े जंगल है। इसी तरह छछरौली रेंज में चिकन, ताहरपुर, नगली, इब्राहिम, जसांवाला के अलावा साढौरा रेंज में छोटे-बड़े 20 जंगल हैं। जबकि बिलासपुर ब्लॉक में मलिकपुर बांगर, राइयांवाला, बिलासपुर, संधाय, रामगढ़ आदि जंगल हैं। लेकिन इन सभी जंगलों में सबसे बड़ा जंगल कलेसर है जो 11570 एकड़ा एरिया में फैला हुआ है।
वर्जन
विभाग में कर्मचारियों का काफी टोटा है, ऐसे में कार्य मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यालय को विभाग में कर्मचारियों की स्थिति के बारे में अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है जल्द ही नए कर्मियों की भर्ती की जाएगी। - तेजवीर, डिप्टी सुपरिटेडेंट, वन विभाग।