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Yamuna Nagar News: क्षतिग्रस्त बांध में पानी नहीं रुकने से हुआ भूमि कटाव, खेतों में रेत
Sun, 12 Jul 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:18 AM IST
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बारिश के पानी से खेतोंं में हुआ भूमि का कटाव। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। घाड़ क्षेत्र के नयागांव गांव में तीन साल पहले क्षतिग्रस्त हुए बांध का पुर्ननिर्माण न किए जाने से शुक्रवार को पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बरसात का पानी तबाही का सबब बन गया। बारिश के पानी के तेज बहाव में खेतों की जमीन में कटाव होने से गांव की दर्जनों एकड़ जमीन तो रेत में तब्दील हो गई।
वहीं चानचक गांव में सैकडों एकड़ में खड़ी गन्ना, पशुचारा, धान व पापुलर की फसलें नष्ट हो गई। पानी से नयागांव स्कूल की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त होने के साथ आबादी को भी खतरा हो गया है। इससे ग्रामीणों में दशहत है। ग्रामीण कुर्बान, सुलेमान, फकीरिया, राशीद ने बताया कि यह बांध पांच एकड़ में बना है। इसके अलावा इसमें शिवालिक की पहाड़ियों का पानी पहुंचता है।
बरसात में बांध हमेशा लबालब भर जाता था। इस बांध के पानी से गांव के लगभग 250 एकड़ खेतों की सिंचाई होने के अलावा पशुओं को पीने का पानी उपलब्ध होता था। परंतु जुलाई 2023 में क्षतिग्रस्त होने के बाद से इस बांध का पानी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है।
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शुक्रवार को बारिश का पानी बांध में ही रुकने की बजाए तेजी से खेती की तरफ मार कर गया, जिससे भूमि कटाव होने लगा। इस दौरान ग्रामीण अलीजान, सुलेमान, सलिंद्र, रोहताश के खेत तो रेत के मैदान में तबदील हो गए। वहीं, ओमप्रकाश, वलीदीन, रहमत अली व शुकरदीन सहित करीब 50 से अधिक किसानों की लगभग 100 एकड़ में खड़ी फसलें तबाह हो गई हैं। पूर्व सरपंच गुरनाम सिंह ने बताया कि स्कूल की चारदीवारी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के अलावा इस पानी से नयागांव व चानचक की आबादी को खतरा बन गया है। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरु करवाने के अलावा बांध का पुर्ननिर्माण जल्दी करवाने की मांग की है।
सीएम की मंजूरी के बावजूद बांध का नहीं किया गया पुर्ननिर्माण
सरपंच कुर्बान अली, अलीजान, पूर्व सरपंच गुरनाम सिंह वलीदीन ने बताया कि बांध क्षतिग्रस्त होने के कारण बरसात में संभावित खतरे को भांपते हुए ग्रामीणों ने 12 अप्रैल को चंडीगढ़ में सीएम नायब सैनी से मुलाकात करके यह जल्दी बनाने की मांग की थी। सीएम नायब सैनी ने वन विभाग को बरसात से पहले बांध का पुर्ननिर्माण करने के आदेश दिए थे। इसके बाद 14 अप्रैल को वन विभाग के पीसीसीएफ केसी मीना ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को बांध पुर्ननिर्माण शुरु करने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सीएम व पीसीसीएफ के निर्देशों के बावजूद इस बांध का पुर्ननिर्माण फिलहाल तक फाइलों में ही उलझा हुआ है। नतीजन ग्रामीणों को नुकसान उठाना पड़ गया है।
जून में इसकी स्वीकृति आई है। इसकी निविदा किन्ही कारणों से नहीं हो पाई। अब विभाग फिर निविदा लगा रहा है। निविदा आवंटित होने के तुरंत बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। -अजय नैन, वन राजिक अधिकारी साढाैरा।
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साढौरा। घाड़ क्षेत्र के नयागांव गांव में तीन साल पहले क्षतिग्रस्त हुए बांध का पुर्ननिर्माण न किए जाने से शुक्रवार को पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बरसात का पानी तबाही का सबब बन गया। बारिश के पानी के तेज बहाव में खेतों की जमीन में कटाव होने से गांव की दर्जनों एकड़ जमीन तो रेत में तब्दील हो गई।
वहीं चानचक गांव में सैकडों एकड़ में खड़ी गन्ना, पशुचारा, धान व पापुलर की फसलें नष्ट हो गई। पानी से नयागांव स्कूल की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त होने के साथ आबादी को भी खतरा हो गया है। इससे ग्रामीणों में दशहत है। ग्रामीण कुर्बान, सुलेमान, फकीरिया, राशीद ने बताया कि यह बांध पांच एकड़ में बना है। इसके अलावा इसमें शिवालिक की पहाड़ियों का पानी पहुंचता है।
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बरसात में बांध हमेशा लबालब भर जाता था। इस बांध के पानी से गांव के लगभग 250 एकड़ खेतों की सिंचाई होने के अलावा पशुओं को पीने का पानी उपलब्ध होता था। परंतु जुलाई 2023 में क्षतिग्रस्त होने के बाद से इस बांध का पानी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है।
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शुक्रवार को बारिश का पानी बांध में ही रुकने की बजाए तेजी से खेती की तरफ मार कर गया, जिससे भूमि कटाव होने लगा। इस दौरान ग्रामीण अलीजान, सुलेमान, सलिंद्र, रोहताश के खेत तो रेत के मैदान में तबदील हो गए। वहीं, ओमप्रकाश, वलीदीन, रहमत अली व शुकरदीन सहित करीब 50 से अधिक किसानों की लगभग 100 एकड़ में खड़ी फसलें तबाह हो गई हैं। पूर्व सरपंच गुरनाम सिंह ने बताया कि स्कूल की चारदीवारी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के अलावा इस पानी से नयागांव व चानचक की आबादी को खतरा बन गया है। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरु करवाने के अलावा बांध का पुर्ननिर्माण जल्दी करवाने की मांग की है।
सीएम की मंजूरी के बावजूद बांध का नहीं किया गया पुर्ननिर्माण
सरपंच कुर्बान अली, अलीजान, पूर्व सरपंच गुरनाम सिंह वलीदीन ने बताया कि बांध क्षतिग्रस्त होने के कारण बरसात में संभावित खतरे को भांपते हुए ग्रामीणों ने 12 अप्रैल को चंडीगढ़ में सीएम नायब सैनी से मुलाकात करके यह जल्दी बनाने की मांग की थी। सीएम नायब सैनी ने वन विभाग को बरसात से पहले बांध का पुर्ननिर्माण करने के आदेश दिए थे। इसके बाद 14 अप्रैल को वन विभाग के पीसीसीएफ केसी मीना ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को बांध पुर्ननिर्माण शुरु करने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सीएम व पीसीसीएफ के निर्देशों के बावजूद इस बांध का पुर्ननिर्माण फिलहाल तक फाइलों में ही उलझा हुआ है। नतीजन ग्रामीणों को नुकसान उठाना पड़ गया है।
जून में इसकी स्वीकृति आई है। इसकी निविदा किन्ही कारणों से नहीं हो पाई। अब विभाग फिर निविदा लगा रहा है। निविदा आवंटित होने के तुरंत बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। -अजय नैन, वन राजिक अधिकारी साढाैरा।

बारिश के पानी से खेतोंं में हुआ भूमि का कटाव। संवाद