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Yamuna Nagar News: शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए विशेष इंतजाम
Mon, 03 Aug 2026 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:24 AM IST
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रंग बिरंगी चुन्नियों से सजाया गया भाटली का प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। देवों के देव महादेव की आराधना के पवित्र माह सावन का 30 जुलाई को शुभारंभ हो चुका है। सावन के पहले दिन ही जिले के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं सावन के पहले सोमवार को लेकर जिलेभर के शिव मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साफ सफाई से लेकर बेल पत्र, प्रसाद उपलब्ध कराने के इंतजाम किए गए हैं।
सोमवार के लिए भगवान शिव का विशेष शृंगार किया गया है। मंदिर प्रबंधन समितियों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिरों में भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं की कतार व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सेवादारों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर भाटली के पुजारी पंडित जितेंद्र शास्त्री ने बताया कि भाटली मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। केवल सोमवार को ही नहीं बल्कि सालभर लोग यहां आकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं। सोमवार को ज्यादा भीड़ जुटती है। रेलवे स्टेशन स्थित श्रीमूर्ति देवी मंदिर में सावन के पहले सोमवार को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं।
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मंदिर प्रबंधन की ओर से सेवादारों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। वहीं बूड़िया स्थित ऐतिहासिक स्वयंभू पातालेश्वर मंदिर में भी सावन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। सावन माह में यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
जिले के अलावा अन्य राज्यों और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में आते हैं। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। कलेसर स्थित कालेश्वर महादेव मठ के महंत शांतानंद महाराज ने बताया कि सावन माह में जलाभिषेक के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। शिवलिंग की पूजा करने से साधक का तन और मन निर्मल होता है। सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे व्यवस्था बनाए रखें।
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यमुनानगर। देवों के देव महादेव की आराधना के पवित्र माह सावन का 30 जुलाई को शुभारंभ हो चुका है। सावन के पहले दिन ही जिले के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं सावन के पहले सोमवार को लेकर जिलेभर के शिव मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साफ सफाई से लेकर बेल पत्र, प्रसाद उपलब्ध कराने के इंतजाम किए गए हैं।
सोमवार के लिए भगवान शिव का विशेष शृंगार किया गया है। मंदिर प्रबंधन समितियों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिरों में भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं की कतार व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सेवादारों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर भाटली के पुजारी पंडित जितेंद्र शास्त्री ने बताया कि भाटली मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। केवल सोमवार को ही नहीं बल्कि सालभर लोग यहां आकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं। सोमवार को ज्यादा भीड़ जुटती है। रेलवे स्टेशन स्थित श्रीमूर्ति देवी मंदिर में सावन के पहले सोमवार को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं।
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मंदिर प्रबंधन की ओर से सेवादारों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। वहीं बूड़िया स्थित ऐतिहासिक स्वयंभू पातालेश्वर मंदिर में भी सावन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। सावन माह में यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
जिले के अलावा अन्य राज्यों और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में आते हैं। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। कलेसर स्थित कालेश्वर महादेव मठ के महंत शांतानंद महाराज ने बताया कि सावन माह में जलाभिषेक के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। शिवलिंग की पूजा करने से साधक का तन और मन निर्मल होता है। सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे व्यवस्था बनाए रखें।

रंग बिरंगी चुन्नियों से सजाया गया भाटली का प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर। संवाद