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Yamuna Nagar News: सरकारी स्कूलों के प्रवेशोत्सव में आड़े आएगी शिक्षकों की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:41 AM IST
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राजकीय विद्यालय में पढ़ते विद्यार्थी। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। ऐसे में राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए मंथन किया जा रहा है। प्रवेश उत्सव में इस बार भी शिक्षकों की कमी आड़े आएगी। वहीं निजी विद्यालयों के शिक्षक घर-घर जाकर लोगों को बच्चों का दाखिला उनके स्कूल में करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
जिले के तमाम निजी विद्यालयों के शिक्षक घर-घर पहुंचकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं राजकीय विद्यालयों में प्रवेश उत्सव को लेकर अभी कोई तैयारी नहीं की गई है। यही नहीं सर्वे व लोगों के बीच जाने के लिए विभाग के पास पर्याप्त शिक्षक भी नहीं है। अंतर जिला तबादला होने के बाद यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। तबादला प्रक्रिया के बाद 108 शिक्षक दूसरे जिलों में चले गए और यहां कुल 20 शिक्षक ही आए हैं।
शिक्षकों की कमी से राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही शिक्षक बीएलओ ड्यूटी भी दे रहे हैं। विभाग की इस कमी का लाभ निजी विद्यालय उठा रहे हैं। इस दौरान शिक्षक राजकीय विद्यालयों की खस्ता हालत, शिक्षकों की कमी, पढ़ाई की गुणवत्ता, सुविधाओं की कमियां बताकर निजी में दाखिला करवाने के लिए कह रहे हैं। वे प्रचार सामग्री वितरित कर रहे हैं।
वहीं शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेश उत्सव एक अप्रैल से शुरू किया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों के मुखिया को प्रचार-प्रचार करने की छूट भी है, परंतु शिक्षकों की कमी इसमें सबसे बड़ी बाधा है। बता दें कि राजकीय विद्यालयों में हर वर्ष विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है।
चार वर्ष में राजकीय विद्यालयों से 20,635 विद्यार्थी पलायन कर गए हैं। विद्यालय छोड़कर चले गए विद्यार्थियों के बारे में शिक्षा विभाग के पास कोई सटीक जानकारी भी नहीं है। वर्ष 2024-25 में विद्यार्थियों की संख्या 97,200 थी, जो घट कर इस वर्ष 86,517 रह गई। यही नहीं 2022 में राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 1,07,386 थी।
जिले में 900 शिक्षकों की कमी : कांबोज
जिले के राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में करीब 900 शिक्षकों की कमी है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान सुरेंद्र कांबोज ने बताया कि जिले के 12 विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं है और डेपुटेशन से काम चल रहा है। जिले में पहले 800 शिक्षकों की कमी थी। वहीं, इस वर्ष अंतर जिला तबादला प्रक्रिया के बाद 108 शिक्षक दूसरे जिले में चले गए और कुल 20 शिक्षक ही यहां आए हैं। ऐसे में अब जिले में करीब 900 शिक्षकों की कमी हो गई है।
विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को लेकर विभाग गंभीर है। इस बार पांच से सात हजार अधिक बच्चों का दाखिला करने की योजना है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारी, क्लस्टर प्रभारी व प्राचार्यों से मंत्रणा की जा रही है। - केएस संधावा, उपजिला शिक्षा अधिकारी।
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जिले के तमाम निजी विद्यालयों के शिक्षक घर-घर पहुंचकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं राजकीय विद्यालयों में प्रवेश उत्सव को लेकर अभी कोई तैयारी नहीं की गई है। यही नहीं सर्वे व लोगों के बीच जाने के लिए विभाग के पास पर्याप्त शिक्षक भी नहीं है। अंतर जिला तबादला होने के बाद यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। तबादला प्रक्रिया के बाद 108 शिक्षक दूसरे जिलों में चले गए और यहां कुल 20 शिक्षक ही आए हैं।
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शिक्षकों की कमी से राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही शिक्षक बीएलओ ड्यूटी भी दे रहे हैं। विभाग की इस कमी का लाभ निजी विद्यालय उठा रहे हैं। इस दौरान शिक्षक राजकीय विद्यालयों की खस्ता हालत, शिक्षकों की कमी, पढ़ाई की गुणवत्ता, सुविधाओं की कमियां बताकर निजी में दाखिला करवाने के लिए कह रहे हैं। वे प्रचार सामग्री वितरित कर रहे हैं।
वहीं शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेश उत्सव एक अप्रैल से शुरू किया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों के मुखिया को प्रचार-प्रचार करने की छूट भी है, परंतु शिक्षकों की कमी इसमें सबसे बड़ी बाधा है। बता दें कि राजकीय विद्यालयों में हर वर्ष विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है।
चार वर्ष में राजकीय विद्यालयों से 20,635 विद्यार्थी पलायन कर गए हैं। विद्यालय छोड़कर चले गए विद्यार्थियों के बारे में शिक्षा विभाग के पास कोई सटीक जानकारी भी नहीं है। वर्ष 2024-25 में विद्यार्थियों की संख्या 97,200 थी, जो घट कर इस वर्ष 86,517 रह गई। यही नहीं 2022 में राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 1,07,386 थी।
जिले में 900 शिक्षकों की कमी : कांबोज
जिले के राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में करीब 900 शिक्षकों की कमी है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान सुरेंद्र कांबोज ने बताया कि जिले के 12 विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं है और डेपुटेशन से काम चल रहा है। जिले में पहले 800 शिक्षकों की कमी थी। वहीं, इस वर्ष अंतर जिला तबादला प्रक्रिया के बाद 108 शिक्षक दूसरे जिले में चले गए और कुल 20 शिक्षक ही यहां आए हैं। ऐसे में अब जिले में करीब 900 शिक्षकों की कमी हो गई है।
विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को लेकर विभाग गंभीर है। इस बार पांच से सात हजार अधिक बच्चों का दाखिला करने की योजना है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारी, क्लस्टर प्रभारी व प्राचार्यों से मंत्रणा की जा रही है। - केएस संधावा, उपजिला शिक्षा अधिकारी।