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Yamuna Nagar News: तीन डिग्री पारा चढ़ने से हुआ गर्मी का अहसास
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:13 AM IST
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मंगलवार को दोपहर दो बजे सुनसान पड़ा यमुनानगर-जगाधरी रोड। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। एक दिन पहले सोमवार को बादलों की वजह से जहां अधिकतम तापमान लुढ़क कर 21 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था, वहीं मंगलवार को मौसम में अचानक गरमाहट आ गई। अधिकतम तापमान तीन डिग्री की छलांग लगाकर 24 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
तापमान बढ़ते ही सुबह से ही लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा और शरीर से गर्म कपड़े धीरे-धीरे उतरने लगे। हालांकि दोपहर के समय एक बार फिर मौसम ने आंख-मिचौली खेली। कुछ देर के लिए बादल छाने से धूप मंद पड़ गई, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई। कुछ ही समय बाद बादल हटे और तेज धूप निकल आई।
तेज धूप से खुले में खड़ा होना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया। धूप से लोग धीर-धीरे छाया की तरफ सरकते रहे। फरवरी माह में इस तरह तापमान का अचानक बढ़ना सामान्य नहीं है। दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर का सीधा असर न केवल आमजन की सेहत पर पड़ सकता है, बल्कि किसानों की चिंता भी बढ़ा सकता है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. आईएनएन कुमार का कहना है कि तापमान में अचानक हुई वृद्धि लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में तेज गर्मी के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार, सिरदर्द और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचाव जरूरी है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एपीपीओ डॉ. सतीश अरोड़ा का कहना है कि मौसम में तेजी से बदलाव का असर गेहूं की फसल पर भी पड़ सकता है। फिलहाल न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि अधिकतम 24 डिग्री तक पहुंच गया है। दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर होने से गेहूं की फसल में पीला रतुआ रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को अपनी फसल पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
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यमुनानगर। जिले में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। एक दिन पहले सोमवार को बादलों की वजह से जहां अधिकतम तापमान लुढ़क कर 21 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था, वहीं मंगलवार को मौसम में अचानक गरमाहट आ गई। अधिकतम तापमान तीन डिग्री की छलांग लगाकर 24 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
तापमान बढ़ते ही सुबह से ही लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा और शरीर से गर्म कपड़े धीरे-धीरे उतरने लगे। हालांकि दोपहर के समय एक बार फिर मौसम ने आंख-मिचौली खेली। कुछ देर के लिए बादल छाने से धूप मंद पड़ गई, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई। कुछ ही समय बाद बादल हटे और तेज धूप निकल आई।
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तेज धूप से खुले में खड़ा होना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया। धूप से लोग धीर-धीरे छाया की तरफ सरकते रहे। फरवरी माह में इस तरह तापमान का अचानक बढ़ना सामान्य नहीं है। दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर का सीधा असर न केवल आमजन की सेहत पर पड़ सकता है, बल्कि किसानों की चिंता भी बढ़ा सकता है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. आईएनएन कुमार का कहना है कि तापमान में अचानक हुई वृद्धि लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में तेज गर्मी के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार, सिरदर्द और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचाव जरूरी है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एपीपीओ डॉ. सतीश अरोड़ा का कहना है कि मौसम में तेजी से बदलाव का असर गेहूं की फसल पर भी पड़ सकता है। फिलहाल न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि अधिकतम 24 डिग्री तक पहुंच गया है। दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर होने से गेहूं की फसल में पीला रतुआ रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को अपनी फसल पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।